#जय श्री राम
🔥जब लंका की दीवारें जल रही थीं… तब धर्म अपनी सबसे शांत मुद्रा में खड़ा था।⚡️🙏♌
सूर्य अस्त होने को है। समुद्र के किनारे सोने सी चमकती लंका, लेकिन उसके प्रांगण में धधकती अग्नि — अहंकार के अंत की गवाही दे रही है। महल की ऊँची दीवारों पर जड़े रत्न अब चमक नहीं रहे, क्योंकि सत्य का प्रकाश उनसे कहीं अधिक तेज है।
सीढ़ियों पर खड़े हैं श्रीराम — चेहरा शांत, हाथ आशीर्वाद की मुद्रा में। युद्ध समाप्त हो चुका है, लेकिन उनके नेत्रों में विजय का गर्व नहीं, बल्कि करुणा की गहराई है। धनुष अभी भी हाथ में है, पर उसका उद्देश्य पूरा हो चुका है। यह दृश्य बताता है कि राम का युद्ध कभी व्यक्ति से नहीं था… अधर्म से था।
उनके साथ खड़े हैं पवनपुत्र हनुमान। वही अटल भक्ति, वही अडिग समर्पण। जिनकी शक्ति से लंका की नींव हिली, पर हृदय में केवल राम का नाम बसा रहा। उनके पीछे जलती लपटें मानो घोषणा कर रही हैं कि जहाँ भक्ति और धर्म साथ हों, वहाँ सबसे बड़ी सत्ता भी टिक नहीं सकती।
महल के द्वार पर बने राक्षसी चेहरे अब भयावह नहीं लगते… क्योंकि सत्य के सामने हर भय छोटा हो जाता है।
यह केवल एक युद्ध की जीत नहीं।
यह अधर्म पर धर्म की अंतिम मुहर है।
यह अहंकार पर मर्यादा की विजय है।
🔥 जय श्रीराम🚩
🔥 जय बजरंगबली🚩


