ShareChat
click to see wallet page
search
#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - ज़रा ध्यान से पढ़ना रोना आ जाएगा.. ! ! (याद है तुम्हें) केसे हुआ करते थे पहले हम, बार्ते ही बार्तें थी दिन ढल जाते थे  ಞ ai 8 ಗ 11 ೯ir ಬ1 आज चो पल याद करके अचानक उदासी सी छा गर्ई॰ ना जाने किसकी बुरी नज़र, हमारे प्यार भरे रिश्ते को खा गई.. !! सुबह होती थी प्यारी सी Good morning से ओर तुम्हारी  चाय रमे मिठास आती थी সীঠী সীঠী মী নানী ম !! तुम्हारी  कितना रखते थे हम एक॰दूसरे का ख्याल कितने होते थे हमारे  टाइम से सोना ज्यादा फोन मत चलाना  खाया  নী৭ মনাল ভানা अपना ध्यान रखना बहुत कुछ. ! लिए एक smile के ना जाने कितनी ही चा्ते बनाता  था तुम्हारी  जो तुम लूठ भी जाओ तो तुम्हें बार बार मनाता था..!!  काश कोई तो ऐसी दुआं होती, जो फिर से हम एक  ক টী  হুম ढुई आंखों के आंसू जाते पोछकर इन H # # बहती  तुम्हारी  আন ज़रा ध्यान से पढ़ना रोना आ जाएगा.. ! ! (याद है तुम्हें) केसे हुआ करते थे पहले हम, बार्ते ही बार्तें थी दिन ढल जाते थे  ಞ ai 8 ಗ 11 ೯ir ಬ1 आज चो पल याद करके अचानक उदासी सी छा गर्ई॰ ना जाने किसकी बुरी नज़र, हमारे प्यार भरे रिश्ते को खा गई.. !! सुबह होती थी प्यारी सी Good morning से ओर तुम्हारी  चाय रमे मिठास आती थी সীঠী সীঠী মী নানী ম !! तुम्हारी  कितना रखते थे हम एक॰दूसरे का ख्याल कितने होते थे हमारे  टाइम से सोना ज्यादा फोन मत चलाना  खाया  নী৭ মনাল ভানা अपना ध्यान रखना बहुत कुछ. ! लिए एक smile के ना जाने कितनी ही चा्ते बनाता  था तुम्हारी  जो तुम लूठ भी जाओ तो तुम्हें बार बार मनाता था..!!  काश कोई तो ऐसी दुआं होती, जो फिर से हम एक  ক টী  হুম ढुई आंखों के आंसू जाते पोछकर इन H # # बहती  तुम्हारी  আন - ShareChat