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#शुभ मुहूर्त #पूजन विधि
शुभ मुहूर्त - 06-01-26 'तिलकुट : सकट चौथ Jgefr সালনায माघ मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सकट चतुर्थी का तिलकुटा ` व्रत रखा जाता है, इसे वक्रतुण्डी चतुर्थी, माही चौथ और ' चौथ भी कहते हैं। इस चतुर्थी को माताएं अपने पुत्र-पुत्री के निरोगी जीवन एवं लंबी आयु के लिए निराहार रहकर व्रत करती है। मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सकट चतुर्थी माघ का व्रत रखा की सुरक्षा और परिवार की सुख-्शांति जाता है, सकट चौथ का व्रत संतान के लिए रखा जाता है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है और उन्हें तिलकुट का भोग वक्रतुण्डी चतुर्थी, माही चौथ और तिलकुटा चौथ भी लगाया जाता है। इसे कहते हैं। सकट चौथ के दिन भगवान गणेश को तिल और गुड़ मिलाकर भोग अर्पित किया जाता है, गणपति जी को पीले वस्त्र धारण करा कर, धूप, घी, लाल रोली, कलावा, फूल आदि पूजन सामग्री अर्पित कर पूजा की जाती है। इस दिन भगवान श्रीगणेश के पूजन के बाद चंद्रदेव को अर्घ्य अर्पित किया जाता है, और चंद्र देव से घर ्परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की जाती| माघ कृष्ण चतुर्थी तिथि 6 जनवरी २०२६, मंगलवार को सुबह ८ः०१ बजे से शुरू होकर 7 जनवरी २०२६, बुधवार को सुबह ६:५२ बजे तक रहेगी। चंद्रोदय तिथि के अनुसार सकट चौथ का व्रत 6 जनवरी २०२६, मंगलवार को रखा जाएगा, सकट चौथ के दिन चंद्रोदय रात ८:५४ बजे होगा| 06-01-26 'तिलकुट : सकट चौथ Jgefr সালনায माघ मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सकट चतुर्थी का तिलकुटा ` व्रत रखा जाता है, इसे वक्रतुण्डी चतुर्थी, माही चौथ और ' चौथ भी कहते हैं। इस चतुर्थी को माताएं अपने पुत्र-पुत्री के निरोगी जीवन एवं लंबी आयु के लिए निराहार रहकर व्रत करती है। मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सकट चतुर्थी माघ का व्रत रखा की सुरक्षा और परिवार की सुख-्शांति जाता है, सकट चौथ का व्रत संतान के लिए रखा जाता है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है और उन्हें तिलकुट का भोग वक्रतुण्डी चतुर्थी, माही चौथ और तिलकुटा चौथ भी लगाया जाता है। इसे कहते हैं। सकट चौथ के दिन भगवान गणेश को तिल और गुड़ मिलाकर भोग अर्पित किया जाता है, गणपति जी को पीले वस्त्र धारण करा कर, धूप, घी, लाल रोली, कलावा, फूल आदि पूजन सामग्री अर्पित कर पूजा की जाती है। इस दिन भगवान श्रीगणेश के पूजन के बाद चंद्रदेव को अर्घ्य अर्पित किया जाता है, और चंद्र देव से घर ्परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की जाती| माघ कृष्ण चतुर्थी तिथि 6 जनवरी २०२६, मंगलवार को सुबह ८ः०१ बजे से शुरू होकर 7 जनवरी २०२६, बुधवार को सुबह ६:५२ बजे तक रहेगी। चंद्रोदय तिथि के अनुसार सकट चौथ का व्रत 6 जनवरी २०२६, मंगलवार को रखा जाएगा, सकट चौथ के दिन चंद्रोदय रात ८:५४ बजे होगा| - ShareChat