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#जय श्री राम शांता अयोध्या के राजा दशरथ और रानी कौशल्या की ज्येष्ठ पुत्री मानी जाती हैं। वे भगवान राम से उम्र में बड़ी थीं, इसीलिए उन्हें राम की बड़ी बहन कहा जाता है। 📌 महत्वपूर्ण बात: शांता का उल्लेख वाल्मीकि रामायण में नहीं, बल्कि दक्षिण भारतीय पुराणों, कूर्म पुराण, स्कंद पुराण और लोक परंपराओं में मिलता है। 🌼 शांता का व्यक्तित्व शास्त्रों के अनुसार शांता— अत्यंत सुशील, शांत और मर्यादित शास्त्र, वेद, गृहकार्य और पाक-कला में निपुण धार्मिक, सेवा-भावी और तेजस्विनी बचपन से ही राजकुमारी होते हुए भी अहंकार रहित इसी कारण उनका नाम “शांता” पड़ा — जो शांति और सौम्यता का प्रतीक है। 👑 अंगदेश कैसे पहुँचीं शांता? रानी कौशल्या की बहन वर्षिणी का विवाह अंगदेश के राजा रोमपद से हुआ था। उनके कोई संतान नहीं थी।
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