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#satnam waheguru ji #satnam shri waheguru ji #Meetha Lage Tera bhana
satnam waheguru ji - सेवा जीवनु बिरथाााकछून होई है ٠٥ पूरन अरथा।माणस सेवाखरी दुहेली।।साध की सेवा सदा सुहेलीIl मै तेरा हे भाई! ईश्वर या सत्य को छोड़ कर किसी स्वार्थ या अहंकार से भरे मनुष्यों की सेवा करना जीवन को व्यर्थ गँवाने जैसा पूरा भिखारी है। ऐसी सेवा से कभी भी कोई बड़ा या आत्मिक उद्देश्य में हाथ ' में केवल खालीपन ही आता है। नहीं होता। अंत ' जिओ मनुष्य की सेवा जो स्वार्थ पर टिकी है क्योंकि मनुष्य स्वभाव से चंचल है वह आज खुश है तो कल आप पर गुस्सा करेगा| पहाडा इसके विपरीत साध की सेवा सदा सुखद और आनंदमयी I होती है क्योंकि उनसे कभी धोखा की उपेक्षा नहीं मिलती। में खुद ' बाहरी दुनिया के व्यर्थ के शोर और सेवा को नष्ट बाबा और ; उस  साध (सत्य) से जुड़ें करने के बजाय , अपनी आत्मा जहाँ सुकून है। सांसारिक रिश्ते " दुहेली ददुखदायी) हो सकते हैं, लेकिन आपका आंतरिक विश्वास ही उसे " सुहेली (सुखद) बना सकता है। सेवा जीवनु बिरथाााकछून होई है ٠٥ पूरन अरथा।माणस सेवाखरी दुहेली।।साध की सेवा सदा सुहेलीIl मै तेरा हे भाई! ईश्वर या सत्य को छोड़ कर किसी स्वार्थ या अहंकार से भरे मनुष्यों की सेवा करना जीवन को व्यर्थ गँवाने जैसा पूरा भिखारी है। ऐसी सेवा से कभी भी कोई बड़ा या आत्मिक उद्देश्य में हाथ ' में केवल खालीपन ही आता है। नहीं होता। अंत ' जिओ मनुष्य की सेवा जो स्वार्थ पर टिकी है क्योंकि मनुष्य स्वभाव से चंचल है वह आज खुश है तो कल आप पर गुस्सा करेगा| पहाडा इसके विपरीत साध की सेवा सदा सुखद और आनंदमयी I होती है क्योंकि उनसे कभी धोखा की उपेक्षा नहीं मिलती। में खुद ' बाहरी दुनिया के व्यर्थ के शोर और सेवा को नष्ट बाबा और ; उस  साध (सत्य) से जुड़ें करने के बजाय , अपनी आत्मा जहाँ सुकून है। सांसारिक रिश्ते " दुहेली ददुखदायी) हो सकते हैं, लेकिन आपका आंतरिक विश्वास ही उसे " सुहेली (सुखद) बना सकता है। - ShareChat