*राधा* ने कभी ज़ोर से *“कृष्ण”* नहीं पुकारा क्योंकि उनका मौन ही पुकार था,वो जानती थीं जहाँ प्रेम सच्चा होता है वहाँ शब्दों की नहीं अहसास की ज़रूरत होती है,उनका मौन ही भजन था,उनकी नज़रें ही आरती और उनकी साँसें थीं हरिनाम की गूँज।
🪷🪷 *जय श्रीराधे* 🪷🪷 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️



