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#शब्द संवाद #✍️ साहित्य एवं शायरी #📚कविता-कहानी संग्रह #📓 हिंदी साहित्य
शब्द संवाद - विद्रेष के जहर से नहीं होता राष्ट्र निर्माण। बिके हुए संस्कारीं से नहीं कभी कल्याण। सर्वजन हिताय ही होता सर्वजन सुखाय। महाभारत देखा नहीं, क्या समझे पाषाण। पी॰. एस यादव 'अजनवी ' विद्रेष के जहर से नहीं होता राष्ट्र निर्माण। बिके हुए संस्कारीं से नहीं कभी कल्याण। सर्वजन हिताय ही होता सर्वजन सुखाय। महाभारत देखा नहीं, क्या समझे पाषाण। पी॰. एस यादव 'अजनवी ' - ShareChat