2122 1212 22
बिन तेरे पास अब बचा क्या है
अंधेरो के सिवा रहा क्या है
खो दिया तुझे खो के सब मैंने
ज़िन्दगी में रहा मजा क्या है
घुट रही साँसे धीरे धीरे अब
मौत के सिवा रास्ता क्या है
लुट गई खुशियां सभी मेरी
कह रहे हो तेरा मिटा क्या है
उड़ गये रंग ज़िन्द के सारे
ओ बड़ी इससे बद्दुआ क्या है
ना दवा में असर न दुआ में
रब ने भी मेरा सुना क्या है
( लक्ष्मण दावानी ✍ )
16/2/2018 #📚कविता-कहानी संग्रह #शायरी #💝 शायराना इश्क़ #✒ शायरी #📜मेरी कलम से✒️


