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#satnam waheguru ji #satnam shri waheguru ji #Meetha Lage Tera bhana
satnam waheguru ji - नमो नरक नासे।।सदैवं प्रकासे।l अनंग सरूपे।।अर्भं्ग बिभूते ।l नमो नरक नासे अर्थः ईश्वर को सदा नमस्कार है जो नरक का মীঠা नाश करने वाले हैं, अर्थात जो और बंधनों से मुक्ति ব্রুত্রী दिलाते हैं। जब हम उस परम शक्ति से जुड़ते हैं, तो हमारे जीवन के तमाम मानसिक और आत्मिक क्लेश नरक' 9H ( हो जाते हैं। सदैवं प्रकासेः जो सदैव प्रकाशमान हैं, जिनका ज्ञान और ज्योति कभी फीकी नहीं पडती| में हर दुनिया तेरा रोशनी सूरज, चाँद, दीपक कभी न कभी है या ढलती Ssள है। लेकिन ईश्वर का प्रकाश सदैव जागृत रहती है। अनंगं सरूपेः जिनका स्वरूप बिना किसी अंग के है, यानी वे निराकार और दिव्य हैं। वह किसी एक धर्म, देश या जाति के भाणा लिबास तक सीमित नहीं है। वह अदृश्य ऊर्जा' की तरह हर मौजूद है।अभंगं बिभूतेः जिनकी महिमा, शक्ति और जगह वैभव कभी खंडित नहीं होता अविनाशी है।उसे कोई मिटा नहीं सकता। वह कल भी थी, आज भी है और हमेशा रहेगी। वह निराकार होकर भी सर्वव्यापी है और उसकी शक्ति का स्रोत अक्षय है। नमो नरक नासे।।सदैवं प्रकासे।l अनंग सरूपे।।अर्भं्ग बिभूते ।l नमो नरक नासे अर्थः ईश्वर को सदा नमस्कार है जो नरक का মীঠা नाश करने वाले हैं, अर्थात जो और बंधनों से मुक्ति ব্রুত্রী दिलाते हैं। जब हम उस परम शक्ति से जुड़ते हैं, तो हमारे जीवन के तमाम मानसिक और आत्मिक क्लेश नरक' 9H ( हो जाते हैं। सदैवं प्रकासेः जो सदैव प्रकाशमान हैं, जिनका ज्ञान और ज्योति कभी फीकी नहीं पडती| में हर दुनिया तेरा रोशनी सूरज, चाँद, दीपक कभी न कभी है या ढलती Ssள है। लेकिन ईश्वर का प्रकाश सदैव जागृत रहती है। अनंगं सरूपेः जिनका स्वरूप बिना किसी अंग के है, यानी वे निराकार और दिव्य हैं। वह किसी एक धर्म, देश या जाति के भाणा लिबास तक सीमित नहीं है। वह अदृश्य ऊर्जा' की तरह हर मौजूद है।अभंगं बिभूतेः जिनकी महिमा, शक्ति और जगह वैभव कभी खंडित नहीं होता अविनाशी है।उसे कोई मिटा नहीं सकता। वह कल भी थी, आज भी है और हमेशा रहेगी। वह निराकार होकर भी सर्वव्यापी है और उसकी शक्ति का स्रोत अक्षय है। - ShareChat