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#🖋ग़ालिब की शायरी
🖋ग़ालिब की शायरी - सामान बाँध लिया है मैंने अब बताओ ग़ालिब... कहाँ रहते हैं वो लोग जो कहीं के नहीं रहते। मिर्ज़ा ग़ालिब ** * सामान बाँध लिया है मैंने अब बताओ ग़ालिब... कहाँ रहते हैं वो लोग जो कहीं के नहीं रहते। मिर्ज़ा ग़ालिब ** * - ShareChat