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#✍️ साहित्य एवं शायरी #💓 दिल के अल्फ़ाज़
✍️ साहित्य एवं शायरी - तुम ना तो अपनी मर्जी से पैदा हुए हो, न अपनी मर्जी से मरोगे तो तुम लोगों की मर्जी से क्यों जी रहे हो॰. ! तुम ना तो अपनी मर्जी से पैदा हुए हो, न अपनी मर्जी से मरोगे तो तुम लोगों की मर्जी से क्यों जी रहे हो॰. ! - ShareChat