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#सच्चा_सतगुरु_कौन ♦️गरीब, बिना भक्ति क्या होत है, भावैं कासी करौंत लेह। मिटे नहीं मन बासना, बहुबिधि भर्म संदेह।। काशी नगर के विषय में ब्राह्मणों ने दंतकथा बताई थी कि भगवान शिव ने काशी की भूमि को वरदान दे रखा था कि जो यहाँ मरेगा, वह स्वर्ग जाएगा। जब देखा कि काशी में वृद्धों की भीड़ लग गई तो नया षड़यंत्र रखा। गंगा दरिया के किनारे एक करौंत स्थापित किया जो लकड़ी काटने के काम आता है तथा भ्रम फैलाया कि जो शीघ्र स्वर्ग जाना चाहता है, वह करौंत से गर्दन कटाए और तुरंत स्वर्ग जाए। संत गरीबदास जी ने कहा है कि यह सब झूठ है। सत्य साधना से जीव का मोक्ष होता है। किसी स्थान विशेष से नहीं हो सकता। करौंत लेने से कोई लाभ नहीं होगा।
सच्चा_सतगुरु_कौन - गला थी कटाया 38- 9 नह्ां पाया काशी करौंत काहे लेही, बिना भजन नर्ही ढंग रे। कोरी ग्रथ का योही अर्थ है करो साध सत्सग रे।। और सच्चे संत की शरण में जाना अनिवार्य है। मोक्ष ग्राप्ति के लिए Tu' इसी का समर्थन श्रीमद्द्गवदगीता मी करती है॰ तद्विद्ि ग्रणिपातेन परिग्रश्नेन सेवया। उस   परम ज्ञान को जानने के लिए तत्वदर्शी संत के पास जाओ , उन्हें এণাাস কযা সা নিচ্ক্পম সান ম মনা কযা दडवत गला थी कटाया 38- 9 नह्ां पाया काशी करौंत काहे लेही, बिना भजन नर्ही ढंग रे। कोरी ग्रथ का योही अर्थ है करो साध सत्सग रे।। और सच्चे संत की शरण में जाना अनिवार्य है। मोक्ष ग्राप्ति के लिए Tu' इसी का समर्थन श्रीमद्द्गवदगीता मी करती है॰ तद्विद्ि ग्रणिपातेन परिग्रश्नेन सेवया। उस   परम ज्ञान को जानने के लिए तत्वदर्शी संत के पास जाओ , उन्हें এণাাস কযা সা নিচ্ক্পম সান ম মনা কযা दडवत - ShareChat