#☝अनमोल ज्ञान
प्रभु से मानसिक वार्तालाप भी जरूरी है 🙏🙏
1. हे नाथ!
आप मुझे मुझसे अधिक जानते है । इसलिए मेरी इच्छा कभी पूर्ण न हो । आपकी इच्छा पूर्ण हो।
2. हे नाथ!
मेरे मन, वचन, कर्म से कभी भी किसी को भी किंचिन्मात्र दुःख न पहुँचे यह कृपा बनाये रखे।
3. हे नाथ!
मैं कभी न पाप देखूँ, न सुनू और न किसी के पाप का बखान करूँ।
4. हे नाथ!
शरीर के सभी इन्द्रियों से आठो पहर केवल आपके प्रेम भरी लीला का ही आस्वादन करता रहूँ।
5. हे नाथ!
प्रतिकूल से प्रतिकूल परिस्थिति में भी आपके मंगलमय विधान देख सदैव प्रसन्न रहूँ।
6. हे नाथ!
अपने ऊपर महान से महान विपत्ति आने पर भी दूसरों को खुशी दिया करू।
7. हे नाथ!
अगर कभी किसी कारणवश मेरे वजह से किसी को दुःख पहुँचे तो उसी समय उसके चरणों में पड़कर क्षमा माँग लू।
8. हे नाथ!
आठो पहर रोम रोम से आपके नाम का जप होता रहे।
9. हे नाथ!
मेरे आचरण श्रीमद्भगवद्गीता और श्रीरामचरितमानस के अनुकूल हो।
10. हे नाथ!
हरेक परिस्थिति में आपकी कृपा के दर्शन हो।
🙏🏻 जय श्री राधे कृष्णा 🙏🏻


