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#संत रामपाल जी
संत रामपाल जी - ೦ Kul:l कबीर , नौ मन सूत उलझिया , ऋषि रहे झख मार | सतगुरू ऐसा सुलझा दे , उलझे न दूजी बार Il सरलार्थः परमेश्वर कबीर जी ने कहा है कि अध्यात्म ज्ञान रूपी नौ मन सूत उलझे हुए 7 उलझा हुआ है। एक कि॰ग्रा. মুন কী মীঘা কনে স বুক বিন মী भी अधिक जुलाहों का लग जाता था। यदि सुलझाते समय धागा टूट जाता तो कपड़े में गाँठ लग जाती। गाँठ गठीले कपड़े को कोई मोल नहीं लेता इसलिए परमेश्वर कबीर जुलाहे ने जुलाहों का सटीक उदाहरण बताकर থাI समझाया है कि अधिक उलझे हुए सूत को कोई नहीं सुलझाता था। अध्यात्म  ज्ञान उसी नौ मन उलझे हुए सूत के समान है जिसको सतगुरू अर्थात् तत्वदर्शी संत ऐसा सुलझा देगा जो पुनः नहीं उलझेगा। " जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज संत रामपाल जी महाराज से जुड़ने के लिए संपर्क करेंः- +९१ ८२२२ ८८० ५४ १ Follow us on ANMOL RATAN ೦ Kul:l कबीर , नौ मन सूत उलझिया , ऋषि रहे झख मार | सतगुरू ऐसा सुलझा दे , उलझे न दूजी बार Il सरलार्थः परमेश्वर कबीर जी ने कहा है कि अध्यात्म ज्ञान रूपी नौ मन सूत उलझे हुए 7 उलझा हुआ है। एक कि॰ग्रा. মুন কী মীঘা কনে স বুক বিন মী भी अधिक जुलाहों का लग जाता था। यदि सुलझाते समय धागा टूट जाता तो कपड़े में गाँठ लग जाती। गाँठ गठीले कपड़े को कोई मोल नहीं लेता इसलिए परमेश्वर कबीर जुलाहे ने जुलाहों का सटीक उदाहरण बताकर থাI समझाया है कि अधिक उलझे हुए सूत को कोई नहीं सुलझाता था। अध्यात्म  ज्ञान उसी नौ मन उलझे हुए सूत के समान है जिसको सतगुरू अर्थात् तत्वदर्शी संत ऐसा सुलझा देगा जो पुनः नहीं उलझेगा। " जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज संत रामपाल जी महाराज से जुड़ने के लिए संपर्क करेंः- +९१ ८२२२ ८८० ५४ १ Follow us on ANMOL RATAN - ShareChat