Rajhans Kumar
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बंदी छोड़ सत गुरु रामपाल जी भगवान जी की जय हो 🙏🙏
#संत रामपाल जी महाराज
संत रामपाल जी - ernov | ऐतिहासिक a सत्य को परेशान किया जा सकता है, लेकिन पराजित नहीं एक लंबे संघर्ष और धैर्य की अग्निपरीक्षा के बाद सत्य की जीत 655 87 संत रामपाल जी महाराज जी को ४२८ नंबर केस ( देशद्रोह जैसे गंभीर आरोप) में माननीय न्यायालय द्वारा जमानत मिल गई है। यह केवल एक कानूनी जीत नहीं, बल्कि और अट्रूट  करोड़ों अनुयायियों की आस्था विश्वास की जीत है। सत्य परेशान हुआ , पर हारा नही! संत रामपाल जी महाराज  हुई ऐतिहासिक वापसी।  जगतगुरू तत्वदर्शी संत सामपाल जीो मह्यायज जी महाराज से जुड़ने के लिए संपर्क करेंः- +९१ ८२२२ ८८० ५४१ Follow us on ANMOL RATAN संत रामपाल ernov | ऐतिहासिक a सत्य को परेशान किया जा सकता है, लेकिन पराजित नहीं एक लंबे संघर्ष और धैर्य की अग्निपरीक्षा के बाद सत्य की जीत 655 87 संत रामपाल जी महाराज जी को ४२८ नंबर केस ( देशद्रोह जैसे गंभीर आरोप) में माननीय न्यायालय द्वारा जमानत मिल गई है। यह केवल एक कानूनी जीत नहीं, बल्कि और अट्रूट  करोड़ों अनुयायियों की आस्था विश्वास की जीत है। सत्य परेशान हुआ , पर हारा नही! संत रामपाल जी महाराज  हुई ऐतिहासिक वापसी।  जगतगुरू तत्वदर्शी संत सामपाल जीो मह्यायज जी महाराज से जुड़ने के लिए संपर्क करेंः- +९१ ८२२२ ८८० ५४१ Follow us on ANMOL RATAN संत रामपाल - ShareChat
#संत रामपाल जी महाराज जी को हरियाणा के किसान नेता ने सब सम्मान कर रहा है
#संत रामपाल जी महाराज जी का प्रवचन है
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00:30
#संत रामपाल जी महाराज जी
संत रामपाल जी - "कवीर वॉणी 8 प्रेम गली अति सांकरी , तामें दो न समाय। जब मैं था तब हरि नहीं , अब हरि हैं मैं नाहीं।। भावार्थः- कबीर दास जी इस दोहे में प्रेम और अहंकार (ego) के बारे में गहरा संदेश देते हैं। वे कहते हैं कि प्रेम की राह बहुत संकरी होती है, जिसमें दो चीजें एक साथ नहीं रह सकतीं   अहंकार (मैं) और भगवान (हरि) | जब तक मनुष्य के अंदर * मैं॰॰ यानी अहंकार रहता है॰ तब तक वह भगवान को प्राप्त नहीं कर सकता | लेकिन जब व्यक्ति अपने अहंकार को छोड़ देता है और विनम्र बन जाता है। "कवीर वॉणी 8 प्रेम गली अति सांकरी , तामें दो न समाय। जब मैं था तब हरि नहीं , अब हरि हैं मैं नाहीं।। भावार्थः- कबीर दास जी इस दोहे में प्रेम और अहंकार (ego) के बारे में गहरा संदेश देते हैं। वे कहते हैं कि प्रेम की राह बहुत संकरी होती है, जिसमें दो चीजें एक साथ नहीं रह सकतीं   अहंकार (मैं) और भगवान (हरि) | जब तक मनुष्य के अंदर * मैं॰॰ यानी अहंकार रहता है॰ तब तक वह भगवान को प्राप्त नहीं कर सकता | लेकिन जब व्यक्ति अपने अहंकार को छोड़ देता है और विनम्र बन जाता है। - ShareChat
#संत रामपाल जी महाराज
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00:44
#संत रामपाल जी महाराज जी पूरे विश्व में पाखण्ड का दुकान पर ताला लगाने वाले मात्र एक संत है
#संत रामपाल जी महाराज जी
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00:15
#संत रामपाल जी महाराज जी की संदिग्ध में रहस्य अब खुलेगा, असली जगन्नाथ की पहचान के साथ || कलयुग में सतयुग की शुरुआत भाग 5, देखिए 14 मार्च शनिवार को दोपहर 12:00 बजे सिर्फ़ Factful Debates Youtube Channel पर*
संत रामपाल जी - आ गए ரfaசு यही है 48 असली जगन्नाथ  357 का असली नगन्नाथ की पहचान.. कलयुग में सतयुग की शुरुआत भाग 5 देखिए १४ मार्च शनिवार दोपहर १२:०० Factful Debates यूट्यूब चैनल पर आ गए ரfaசு यही है 48 असली जगन्नाथ  357 का असली नगन्नाथ की पहचान.. कलयुग में सतयुग की शुरुआत भाग 5 देखिए १४ मार्च शनिवार दोपहर १२:०० Factful Debates यूट्यूब चैनल पर - ShareChat
#संत रामपाल जी महाराज
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00:30
#संत रामपाल जी क़ुरान सूरह अल-फुरकान 25 आयत 52 से 59 में लिखा है कि कबीर परमात्मा ने छः दिन में सृष्टी की रचना की तथा सातवें दिन तख्त पर जा विराजा। जिस से परमात्मा साकार सिद्ध होता है। #ईद_पर_कबीरअल्लाह_को_जानें Baakhabar Sant Rampal Ji
संत रामपाल जी - थक्काथह्देवकार्थदिरहै सिख धर्म की पुस्तक भाई बाले वाली जन्म साखी में प्रमाण है " साखी मदीने की चली ' हिन्दी वाली के पृष्ठ २६२ पर श्री नानक जी ने चार इमामों का जवाब देते हुए कहा है কর সংল सुण हो चार इमाम | आखे नानक शाह सच्च, मक्का है महादेव का, ब्राह्मण सन सुलतान। | सतगुरू नानक देव जी ने चार इमामों से चर्चा करते हुए कहा कि जिस  मक्का शहर में जो काबा ( मंदिर) है जिसको आप अपना पवित्र स्थान मानते हा। वह महादेव (शिव जी) का मंदिर है। इसमें सब देवी देवताओं की मूर्तियां (बुत) थी। उसकी स्थापना करने वाला सुल्तान ( राजा) मूर्तियां उठा दी गई थी সাম্মণা থা | নান স সন नबी इब्राहिम व हजरत इस्माईल (अलैहि ) ने इसका पुनः निर्माण करवाया था। कुरगान নিঃখুল্ম पुस्तक पाये। मुसलमान नहीं समझे पूरा पता , मोबाइल नंबर भेजें " नाम क़ुरआन =6 +91 7496801823 5 SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Jl @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL JI MAHARAJ थक्काथह्देवकार्थदिरहै सिख धर्म की पुस्तक भाई बाले वाली जन्म साखी में प्रमाण है " साखी मदीने की चली ' हिन्दी वाली के पृष्ठ २६२ पर श्री नानक जी ने चार इमामों का जवाब देते हुए कहा है কর সংল सुण हो चार इमाम | आखे नानक शाह सच्च, मक्का है महादेव का, ब्राह्मण सन सुलतान। | सतगुरू नानक देव जी ने चार इमामों से चर्चा करते हुए कहा कि जिस  मक्का शहर में जो काबा ( मंदिर) है जिसको आप अपना पवित्र स्थान मानते हा। वह महादेव (शिव जी) का मंदिर है। इसमें सब देवी देवताओं की मूर्तियां (बुत) थी। उसकी स्थापना करने वाला सुल्तान ( राजा) मूर्तियां उठा दी गई थी সাম্মণা থা | নান স সন नबी इब्राहिम व हजरत इस्माईल (अलैहि ) ने इसका पुनः निर्माण करवाया था। कुरगान নিঃখুল্ম पुस्तक पाये। मुसलमान नहीं समझे पूरा पता , मोबाइल नंबर भेजें " नाम क़ुरआन =6 +91 7496801823 5 SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Jl @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL JI MAHARAJ - ShareChat