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#शुभ मुहूर्त #पूजन विधि
शुभ मुहूर्त - 15-02-26 महाशिवरात्रि रविवार महाशिवरात्रि भारत के पवित्र त्यौहारों में से एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण उत्सव है। वर्ष की इस सबसे अंधेरी रात को शिव कृपा का उत्सव मनाया जाता है शिव भक्त महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखते हैं और रात्रि जागरण करते हैं। १५ फरवरी के दिन महाशिवरात्रि मनाई जायेगी | क्या आप जानते हैं कि महाशिवरात्रि का पर्व हमारे जीवन में कितने आध्यात्मिक लाभ लेकर आता है? महाशिवरात्रि के दिन शिव जी की उपासना हमें अनेक आशीर्वाद देती हैः से मन में शांति का अनुभव होता है। और पूजा ' आध्यात्मिक शांतिः उपवास सकारात्मक ऊर्जाः शिव कृपा से जीवन में नई ऊर्जा का संचार होता है। आध्यात्मिक उन्नतिः इस दिन की साधना से आत्मिक विकास होता है। संकट दूर होते हैं। संकटों का नाशः महामृत्युंजय मंत्र जाप से सभी ` के घी में कपूर मिला कर महामृत्युंजय मंत्र की १०८ महाशिवरात्रि पर गाय देनी आहुतियां चाहिए॰  इस दिन रुद्राक्ष की माला धारण करना भी शुभ होता है। महाशिवरात्रि की प्रहर पूजा का समय इस प्रकार रहेगाः प्रथम प्रहर १५ फरवरी को शाम 6 बजकर ३७ मिनट से शुरू होगा. दूसरा प्रहर १५ फरवरी की रात 9 बजकर ४५ मिनट से आरंभ होगा. मिनट से शुरू होगा. तीसरा प्रहर १५ फरवरी की मध्यरात्रि के बाद १२ बजकर ५३ की सुबह चौथा प्रहर १५ फरवरी की रात के बाद, १६ फरवरी ४ बजे से प्रारंभ होगा यानी इसका समय सुबह 3 बजकर ४७ मिनट से शुरू होगा. 15-02-26 महाशिवरात्रि रविवार महाशिवरात्रि भारत के पवित्र त्यौहारों में से एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण उत्सव है। वर्ष की इस सबसे अंधेरी रात को शिव कृपा का उत्सव मनाया जाता है शिव भक्त महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखते हैं और रात्रि जागरण करते हैं। १५ फरवरी के दिन महाशिवरात्रि मनाई जायेगी | क्या आप जानते हैं कि महाशिवरात्रि का पर्व हमारे जीवन में कितने आध्यात्मिक लाभ लेकर आता है? महाशिवरात्रि के दिन शिव जी की उपासना हमें अनेक आशीर्वाद देती हैः से मन में शांति का अनुभव होता है। और पूजा ' आध्यात्मिक शांतिः उपवास सकारात्मक ऊर्जाः शिव कृपा से जीवन में नई ऊर्जा का संचार होता है। आध्यात्मिक उन्नतिः इस दिन की साधना से आत्मिक विकास होता है। संकट दूर होते हैं। संकटों का नाशः महामृत्युंजय मंत्र जाप से सभी ` के घी में कपूर मिला कर महामृत्युंजय मंत्र की १०८ महाशिवरात्रि पर गाय देनी आहुतियां चाहिए॰  इस दिन रुद्राक्ष की माला धारण करना भी शुभ होता है। महाशिवरात्रि की प्रहर पूजा का समय इस प्रकार रहेगाः प्रथम प्रहर १५ फरवरी को शाम 6 बजकर ३७ मिनट से शुरू होगा. दूसरा प्रहर १५ फरवरी की रात 9 बजकर ४५ मिनट से आरंभ होगा. मिनट से शुरू होगा. तीसरा प्रहर १५ फरवरी की मध्यरात्रि के बाद १२ बजकर ५३ की सुबह चौथा प्रहर १५ फरवरी की रात के बाद, १६ फरवरी ४ बजे से प्रारंभ होगा यानी इसका समय सुबह 3 बजकर ४७ मिनट से शुरू होगा. - ShareChat