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#शुभ मुहूर्त #पूजन विधि
शुभ मुहूर्त - 01-02-26 माघ पूर्णिमा व्रत aR हिंदू धर्म में माघ पूर्णिमा का विशेष महत्व है, माघ पूर्णिमा को पूर्णिमा जैसे नामों से भी जानते हैं। पौराणिक महा माघी और माघी  कथाओं के अनुसार माघ पूर्णिमा पर स्वयं भगवान विष्णु 3 गंगाजल में वास करते हैं इसलिए इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है। हिंदू धर्म में माघ पूर्णिमा का विशेष महत्व है, माघ पूर्णिमा को महा माघी और माघी जैसे नामों से भी जानते हैं। पूर्णिमा ' স বব্ধ ' धार्मिक मान्यताओं के अनुसार २७ नक्षत्रों मघा से माघ पूर्णिमा की उत्पत्ति हुई है। पौराणिक कथाओं के अनुसार माघ पूर्णिमा पर स्वयं भगवान विष्णु गंगाजल में वास करते हैं, इसलिए इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है। के शुभ तिथि पर माघ मास का अंतिम स्नान किया जाता है, इसके माघी या माघ पूर्णिमा बाद से ही फाल्गुन मास आरंभ हो जाता है। पंचांग के अनुसार, इस बार माघ पूर्णिमा 1 फरवरी २०२६ को रहेगी , रविवार 1 फरवरी को सुबह ०५.५२ से पूर्णिमा तिथि की शुरुआत होगी और 2 फरवरी को तड़के ३.२८ पर समाप्त हो जाएगी। ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, फरवरी को पूरे दिन पूर्णिमा तिथि रहेगी। माघ पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पण कर प्रणाम करे , इस दिन ऊँ घृणि सूर्याय नमः इस मंत्र का कम से कम १०८ बार विधिवत जाप करना चाहिए। 01-02-26 माघ पूर्णिमा व्रत aR हिंदू धर्म में माघ पूर्णिमा का विशेष महत्व है, माघ पूर्णिमा को पूर्णिमा जैसे नामों से भी जानते हैं। पौराणिक महा माघी और माघी  कथाओं के अनुसार माघ पूर्णिमा पर स्वयं भगवान विष्णु 3 गंगाजल में वास करते हैं इसलिए इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है। हिंदू धर्म में माघ पूर्णिमा का विशेष महत्व है, माघ पूर्णिमा को महा माघी और माघी जैसे नामों से भी जानते हैं। पूर्णिमा ' স বব্ধ ' धार्मिक मान्यताओं के अनुसार २७ नक्षत्रों मघा से माघ पूर्णिमा की उत्पत्ति हुई है। पौराणिक कथाओं के अनुसार माघ पूर्णिमा पर स्वयं भगवान विष्णु गंगाजल में वास करते हैं, इसलिए इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है। के शुभ तिथि पर माघ मास का अंतिम स्नान किया जाता है, इसके माघी या माघ पूर्णिमा बाद से ही फाल्गुन मास आरंभ हो जाता है। पंचांग के अनुसार, इस बार माघ पूर्णिमा 1 फरवरी २०२६ को रहेगी , रविवार 1 फरवरी को सुबह ०५.५२ से पूर्णिमा तिथि की शुरुआत होगी और 2 फरवरी को तड़के ३.२८ पर समाप्त हो जाएगी। ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, फरवरी को पूरे दिन पूर्णिमा तिथि रहेगी। माघ पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पण कर प्रणाम करे , इस दिन ऊँ घृणि सूर्याय नमः इस मंत्र का कम से कम १०८ बार विधिवत जाप करना चाहिए। - ShareChat