*।।ॐ महा लक्ष्मी नमो नमः।।*
*।। घर के मुख्य द्वार से धन आकर्षित करने के पारंपरिक उपाय ।।*
*घर की गरीबी दीवारों में नहीं, प्रवेश द्वार में छिपी होती है।*
घर का प्रवेश स्थान ऊर्जा का पहला संपर्क बिंदु माना जाता है।
इसे संतुलित और पवित्र रखने से समृद्धि से जुड़े प्रतीक सक्रिय माने जाते हैं।
नीचे दिए गए उपाय पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं और नियमितता के साथ किए जाएं तो सकारात्मक वातावरण बनाए रखने में सहायक माने जाते हैं।
समृद्धि पहले कदम रखती है, फिर घर धन से भरता है।
*1. लक्ष्मी चरण स्थापित करना*
दरवाजे के बाहर से अंदर की ओर आते छोटे पदचिन्ह लगाएं।
इन्हें शुक्रवार, पूर्णिमा या दीपावली जैसे शुभ अवसर पर लगाना उचित माना जाता है।
यह संकेत देता है कि समृद्धि का स्वागत किया जा रहा है।
*2. आम पत्तों और नारियल की तोरण*
मुख्य द्वार पर 5 या 7 ताजे आम के पत्तों की तोरण बांधें।
बीच में नारियल या पारंपरिक बंदनवार लगाया जा सकता है।
हर 7 से 10 दिन में पत्तों को बदलना आवश्यक माना जाता है।
इसे नकारात्मक प्रभावों को बाहर रोकने का प्रतीक माना जाता है।
*3. स्वास्तिक चिह्न बनाना*
दरवाजे के दोनों ओर हल्दी या रोली से स्वास्तिक अंकित करें।
बुधवार या शुक्रवार को बनाना अधिक शुभ माना जाता है।
इसके साथ शुभ और लाभ लिखना मंगलकारी संकेत समझा जाता है।
*4. संध्या दीप प्रज्वलन*
शाम के समय प्रवेश द्वार के पास छोटा दीपक जलाएं।
घी या तिल के तेल का दीपक पारंपरिक रूप से श्रेष्ठ माना जाता है।
यह घर में सौम्यता और सकारात्मकता का वातावरण बनाने का संकेत है।
*5. स्वच्छता और सुगंध*
दरवाजा टूटा, जंग लगा या गंदा न हो।
प्रवेश के सामने कूड़ा या जूते जमा न रखें।
प्रतिदिन हल्की सुगंध, धूप या अगरबत्ती का प्रयोग करें।
इसे सबसे महत्वपूर्ण उपाय माना जाता है।
*।। शुक्रवार विशेष विधि ।।*
शुक्रवार को सफेद या गुलाबी पुष्प अर्पित करें।
इसके बाद 108 बार मंत्र जप करें:
*ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।*
नियमित रूप से करने पर वातावरण शांत और संतुलित रखने की परंपरागत मान्यता है।
घर का मुख्य द्वार बदलिए, घर की ऊर्जा बदल जाएगी।
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