#श्रीरामचरितमानस चोपाई
।। श्रीरामचरितमानस - विचार ।।*_
जब ते तुम्ह सीता हरि आनी।
असगुन होहिं न जाहिं बखानी।।
बेद पुरान जासु जसु गायो।
राम बिमुख काहूँ न सुख पायो।।
( लंकाकांड 47/4 )
युद्ध में रावण की आधी सेना मारी जा चुकी है। रावण के नाना जो उसके मंत्री भी थे उन्होंने कहा कि बेटा ! जब से तुम सीता को हर लाए हो तबसे अपशकुन हो रहें हैं जो वर्णन से परे हैं। वेद पुराणों ने जिसका यश गाया है, उन श्रीराम जी से विमुख होकर किसी ने भला सुख पाया है ?
श्री राम विमुख को सुख कहाँ?, सुख चाहते हैं तो राम सन्मुख होइए, बुरे कर्म छूट जाएँगे, जीवन सुखों से परिपूर्ण हो जाएगा।
श्रीराम जय राम जय जय राम कण कण में विष्णु बसे, अंतर्मन में श्री राम, प्राणों में माता जानकी, जन जन में बसे श्री राम भक्त हनुमान 🙏🙏🙏💕🙏जय श्री राम 🙏💕🙏💕🙏


