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गज़ल #✒ शायरी
✒ शायरी - Ta रहे न घर के हुए ख़्वार ये तो  होना था ೫ ೯ ೫ಶ T ಣTT तिरी तलाश था जलते   चराग़ों  की  बर-्सर-ए-दीवार क़तार सियाहियाँ   पस -ए-्दीवार ঠ   নী  होना থা बाँटने के हम   मुख़ालिफ़ বালী ज़मीन 2 ٤٠ ٦ 37 7ہ तलवार ये तो  होना 2TT गुज़र के इक रह-ए-पुर-ख़ार से यहाँ पहुँचे यहाँ से फिर रह-ए-पुर-ख़ार ये तो होना था उफ़ुक़   से   पूछ   रहे   हैं   कहाँ गया सूरज हुए   थे  देर  से॰  बेदार  ये तो   होना  থা ৪মী   ন   ওম   ক   লিৎ   যম  2 बनाए किघर तक आ गया बाज़ार ये तो होना था में   ख़ुलूस নও লেুকান কী নাসীয  था कम बुलंद - तर हुई ये   तो   होना दीवार থা Motivational Vicleos A99 Wani Ta रहे न घर के हुए ख़्वार ये तो  होना था ೫ ೯ ೫ಶ T ಣTT तिरी तलाश था जलते   चराग़ों  की  बर-्सर-ए-दीवार क़तार सियाहियाँ   पस -ए-्दीवार ঠ   নী  होना থা बाँटने के हम   मुख़ालिफ़ বালী ज़मीन 2 ٤٠ ٦ 37 7ہ तलवार ये तो  होना 2TT गुज़र के इक रह-ए-पुर-ख़ार से यहाँ पहुँचे यहाँ से फिर रह-ए-पुर-ख़ार ये तो होना था उफ़ुक़   से   पूछ   रहे   हैं   कहाँ गया सूरज हुए   थे  देर  से॰  बेदार  ये तो   होना  থা ৪মী   ন   ওম   ক   লিৎ   যম  2 बनाए किघर तक आ गया बाज़ार ये तो होना था में   ख़ुलूस নও লেুকান কী নাসীয  था कम बुलंद - तर हुई ये   तो   होना दीवार থা Motivational Vicleos A99 Wani - ShareChat