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प्रभु श्री राम से सागर अपना दर्द कह रहा है कि हे भगवन ठीक है आपने क्रोध की लीला करके मुझे सीख दी है परंतु मैं जिस मर्यादा में बंधा था वो भी तो आपकी ही बनाई हुई है, हे प्रभ मैं जानता हूँ आप नरलीला कर रहे हैं और मनुष्य वाला ही व्यवहार कर रहे हैं इसीलिए जैसे समाज में सीधे, सच्चा,सेवा करने वाले सदा तरिस्कृत होते हैं(जैसे ढोल, गंवार,शुद्र,पशु व नारी), उनको उनकी सेवा के बदले धन्यवाद की बजाय सदा कष्ट दिया जाता है वैसा ही व्यवहार आपने नरलीला में मेरे साथ किया है, मैं जानता हूँ यह आपका स्वभाव नही है, आप तो दीनदयाल हैं प्रभु, ये अब आप नरलीला कर रहे हो। जय श्री राम ##सुंदरकांड पाठ चौपाई📙🚩
#सुंदरकांड पाठ चौपाई📙🚩 - प्रभु भल कीन्ह मोहि सिख दीन्हीं | मरजादा पुनि तुम्हरी कीन्हीं । ]  ढोल गवाँर सूद्र पसु नारी। கசளக 3ரபுகKரி11311 अच्छा किया जो मुझे शिक्षा (दंड) दी॰ किंतु मर्यादा  प्रभु ने (जीवों का स्वभाव ) भी आपकी ही बनाई हुई है। ढोल, गँवार, पशु और स्त्री - ये सब शिक्षा के अधिकारी हैं। ।५९ -३। । शूद्र, सदरकाण्द  प्रभु भल कीन्ह मोहि सिख दीन्हीं | मरजादा पुनि तुम्हरी कीन्हीं । ]  ढोल गवाँर सूद्र पसु नारी। கசளக 3ரபுகKரி11311 अच्छा किया जो मुझे शिक्षा (दंड) दी॰ किंतु मर्यादा  प्रभु ने (जीवों का स्वभाव ) भी आपकी ही बनाई हुई है। ढोल, गँवार, पशु और स्त्री - ये सब शिक्षा के अधिकारी हैं। ।५९ -३। । शूद्र, सदरकाण्द - ShareChat