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#शुभ मुहूर्त #पूजन विधि
शुभ मुहूर्त - 05-02-26 द्विजप्रिय संकष्टी - चतुर्थी गुरुवार फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को द्विजप्रिय संकष्टी " चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। इस दिन गौघृत में सिंदूर मिला कर गणपति जी के सामने दीपक जलाना चाहिये, और भगवान गणेश को पूजा में दुर्वा, गेंदे के फूल अर्पित कर तिल, गुड़, लड्ड, चंदन का भोग लगाना चाहिये। फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी मनाई जाती है, इस दिन भगवान गणेश की पूजा अर्चना की जाती है। बाधाओं को दूर करने के लिए इस दिन श्वेतार्क गणपति के समक्ष ऊँ गं गौं गणपतये विघ्न विनाशिने स्वाहा की माला का २१ बार जाप करना चाहिये। पंचांग के अनुसार, इस बार ०५ को फरवरी को द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी व्रत किया जाएगा। 05-02-26 द्विजप्रिय संकष्टी - चतुर्थी गुरुवार फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को द्विजप्रिय संकष्टी " चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। इस दिन गौघृत में सिंदूर मिला कर गणपति जी के सामने दीपक जलाना चाहिये, और भगवान गणेश को पूजा में दुर्वा, गेंदे के फूल अर्पित कर तिल, गुड़, लड्ड, चंदन का भोग लगाना चाहिये। फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी मनाई जाती है, इस दिन भगवान गणेश की पूजा अर्चना की जाती है। बाधाओं को दूर करने के लिए इस दिन श्वेतार्क गणपति के समक्ष ऊँ गं गौं गणपतये विघ्न विनाशिने स्वाहा की माला का २१ बार जाप करना चाहिये। पंचांग के अनुसार, इस बार ०५ को फरवरी को द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी व्रत किया जाएगा। - ShareChat