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##जय मां गायत्री जय गुरुवर
#जय मां गायत्री जय गुरुवर - उपासना में नियमितता का महत्त्व नियमित उपासना- जिस प्रकार जीवन चलाने के लिए दिन में आवश्यकता अनुसार २३ बार भोजन करना पड़ता है उसी प्रकार आत्मिक प्रगति के लिए भी नियमित रूप से उपासना का चलाना चाहिए का परमात्मा से सम्पर्क ச 3ITCTT मोबाइल करना उतना ही आवश्यक है, जितना कि ক্রী बैटरी चार्ज करने के लिए समय- समय पर उसे बिजली से साथ जोड़ा जाता है नियत समय एवं नियत संख्या- रोगों के उपचार में दवा की निश्चित मात्रा, निश्चित समय से उपयुक्त लाभ मिलता है, अन्यथा नहीं |व्यायाम पर लेन नियत की सफलता भी तबःहै जब दण्ड बैठक आदि को संख्या में नियत समय पर किया जाये कभी बहुत कम , कभी बहुत ज्यादा , कभी सबेरे , कभी दोपहर को व्यायाम लाभ   नहीं केलिये সিলনা ক্রবন पूजा उपचार স্ানক্রাল ক্রা মময মননম & ச 21 १ 3 या 5 CPd যবি স্ান: মনয ন সিল, माला प्रतिदिन करनी चाहिए तो सोने से पूर्व निर्धारित माला की की जाये দুনি वाहर प्रवास पर रहना पडे़, तो मानसिक ध्यान, पूजा आदि की सकती है। ण। नियत स्थान  जिस स्थान पर बहुत दिन से सो रहे हैं, उस स्थान पर नींद अकसर नींद में अड़चन ठीक आती है। नयी जगह पर स्थान ही उपयुक्त है नियत इसी पड़ती प्रकार पूजा क नियमित उपासना से स्थान संस्कारित हो रहता हे जाता है और उस स्थान पर मन भी ठीक तरह लगता है उपासना में नियमितता का महत्त्व नियमित उपासना- जिस प्रकार जीवन चलाने के लिए दिन में आवश्यकता अनुसार २३ बार भोजन करना पड़ता है उसी प्रकार आत्मिक प्रगति के लिए भी नियमित रूप से उपासना का चलाना चाहिए का परमात्मा से सम्पर्क ச 3ITCTT मोबाइल करना उतना ही आवश्यक है, जितना कि ক্রী बैटरी चार्ज करने के लिए समय- समय पर उसे बिजली से साथ जोड़ा जाता है नियत समय एवं नियत संख्या- रोगों के उपचार में दवा की निश्चित मात्रा, निश्चित समय से उपयुक्त लाभ मिलता है, अन्यथा नहीं |व्यायाम पर लेन नियत की सफलता भी तबःहै जब दण्ड बैठक आदि को संख्या में नियत समय पर किया जाये कभी बहुत कम , कभी बहुत ज्यादा , कभी सबेरे , कभी दोपहर को व्यायाम लाभ   नहीं केलिये সিলনা ক্রবন पूजा उपचार স্ানক্রাল ক্রা মময মননম & ச 21 १ 3 या 5 CPd যবি স্ান: মনয ন সিল, माला प्रतिदिन करनी चाहिए तो सोने से पूर्व निर्धारित माला की की जाये দুনি वाहर प्रवास पर रहना पडे़, तो मानसिक ध्यान, पूजा आदि की सकती है। ण। नियत स्थान  जिस स्थान पर बहुत दिन से सो रहे हैं, उस स्थान पर नींद अकसर नींद में अड़चन ठीक आती है। नयी जगह पर स्थान ही उपयुक्त है नियत इसी पड़ती प्रकार पूजा क नियमित उपासना से स्थान संस्कारित हो रहता हे जाता है और उस स्थान पर मन भी ठीक तरह लगता है - ShareChat