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#गीताजी_का_ज्ञान_किसने_बोला #gita quotes #viral #santrampaljimaharaj #जीने की राह
गीताजी_का_ज्ञान_किसने_बोला - V *4ll 75% 3.21 गीता अध्याय १८ श्लोक ६६ सर्वधर्मान परित्यज्य, माम् एकम्, शरणम व्रज, अहम् त्वा, सर्वपापेभ्यः, मोक्षयिष्यामि, থুণ:II&& T, )सभी धार्मिक  सर्वधर्मान् = मैं अहम् ।पूजाओं व को परित्यज्य = त्यागकर तुझे त्वा रमुझे (मुझको ) ர TT F फिर तू सर्वपापेभ्यः  (पापोंसे सर्व {হাক্ষিমান _ বকধম  ८परमेश्वर की   मोक्षयिष्यामि =२ मुक्त कर दूँगा, (तू) থাতো স शरणम् शोक मत मा, शुचः ಕ वज T कर। भावार्थः- सभी धार्मिक "  फिर तू एक  को o3if  मुझको  त्यागकर सर्वशक्तिमान परमेश्वर की शरण में जा। मै तुझे सर्व पापों से मुक्त  कर दूंगा तू शोक (चिंता ) मत कर V *4ll 75% 3.21 गीता अध्याय १८ श्लोक ६६ सर्वधर्मान परित्यज्य, माम् एकम्, शरणम व्रज, अहम् त्वा, सर्वपापेभ्यः, मोक्षयिष्यामि, থুণ:II&& T, )सभी धार्मिक  सर्वधर्मान् = मैं अहम् ।पूजाओं व को परित्यज्य = त्यागकर तुझे त्वा रमुझे (मुझको ) ர TT F फिर तू सर्वपापेभ्यः  (पापोंसे सर्व {হাক্ষিমান _ বকধম  ८परमेश्वर की   मोक्षयिष्यामि =२ मुक्त कर दूँगा, (तू) থাতো স शरणम् शोक मत मा, शुचः ಕ वज T कर। भावार्थः- सभी धार्मिक "  फिर तू एक  को o3if  मुझको  त्यागकर सर्वशक्तिमान परमेश्वर की शरण में जा। मै तुझे सर्व पापों से मुक्त  कर दूंगा तू शोक (चिंता ) मत कर - ShareChat