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#🤲 इबादत #🕌मस्जिद 🤲 #🤲🏻इस्लामी समाज☪️ #🤲अल्लाह हु अक़बर #🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌
🤲 इबादत - सूरह अल अंबिया 102 आयत = (यहाँ तक) कि ये लोग उसकी भनक भी न सुनेंगे में (चैन और ये लोग हमेशा अपनी मनमाँगी मुरादों ' से) रहेंगे న0)_LO) m dkas im 7 86 सूरह अल अंबिया 102 आयत = (यहाँ तक) कि ये लोग उसकी भनक भी न सुनेंगे में (चैन और ये लोग हमेशा अपनी मनमाँगी मुरादों ' से) रहेंगे న0)_LO) m dkas im 7 86 - ShareChat