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#🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲 इबादत #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🤲 दुआएं #🤲हदीस🕌
🤲क़ुरान शरीफ़📗 - fag जान व औलाद की हिफाज़त के َنْوُظِفاَحَل ۀَلاّنِاَو َرْكِّذلا اَنْلَّزَن ُنْحَن اَّنِا जो शख्स किसी दुश्मन से अपनी या अपनी औलाद की जान को खतरे में महसूस करता है या उसे वहम है कि उस की या उस की औलाद की जान महफूज़ नहीं है तो उसे चाहिए कि मन्दरजा ज़ैल आयत को बान्वज़ू चांदी की तख्ती पर नक़्श करा ले और चालीस मर्तबा यही आयत बा-वज़ू पढ इस तख्त पर दम दे और वो चांदी का टुकड़ा अंगूठी में नगीने के नीचे रख ले। अंगूठी को अपने हाथ की उंगली में पहन लेे और कभी न इस न उतारे। इन्शा अल्लाह तआला जान व माल और औलाद महफूज़ रहेंगे। वो आयत यह है fag जान व औलाद की हिफाज़त के َنْوُظِفاَحَل ۀَلاّنِاَو َرْكِّذلا اَنْلَّزَن ُنْحَن اَّنِا जो शख्स किसी दुश्मन से अपनी या अपनी औलाद की जान को खतरे में महसूस करता है या उसे वहम है कि उस की या उस की औलाद की जान महफूज़ नहीं है तो उसे चाहिए कि मन्दरजा ज़ैल आयत को बान्वज़ू चांदी की तख्ती पर नक़्श करा ले और चालीस मर्तबा यही आयत बा-वज़ू पढ इस तख्त पर दम दे और वो चांदी का टुकड़ा अंगूठी में नगीने के नीचे रख ले। अंगूठी को अपने हाथ की उंगली में पहन लेे और कभी न इस न उतारे। इन्शा अल्लाह तआला जान व माल और औलाद महफूज़ रहेंगे। वो आयत यह है - ShareChat