गलती और प्रसन्नता
गलती तो हर व्यक्ति से हो सकती है पर गलती इरादे से नहीं होनी चाहिए, इंसान आखिर इंसान ही होता है।
कितना भी मजबूत हो इंसान, पर अपने कमजोर वक्त में वह मानसिक तौर पर परेशान हो ही जाता है !!
प्रसन्नता इस बात पर निर्भर करती है कि हम परिस्थितियों को कैसे स्वीकार करते हैं, समझते हैं और समर्पण करते हैं? बहुत सी चीज़ेँ इसलिए अच्छी लगती है क्योंकि वे प्राप्त नहीं है जैसे ही प्राप्त होती है उसका मुल्य घट जाता है !!
🌹जय जय श्री राधे 🌹
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#❤️जीवन की सीख


