ShareChat
click to see wallet page
search
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 28.02 हास्य व्यंग गधे लेते कम चुका देते ज्यादा गधों के घर गधे भरते है इस बात का समर्थन जरूरी नहीं समझता क्योंकि तुम सच से नफरत करते हो यह तुम्हें बताता हूं! Status (Contacts) + # Aa 28.02 हास्य व्यंग गधे लेते कम चुका देते ज्यादा गधों के घर गधे भरते है इस बात का समर्थन जरूरी नहीं समझता क्योंकि तुम सच से नफरत करते हो यह तुम्हें बताता हूं! Status (Contacts) + # - ShareChat