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#❤️जीवन की सीख #👌 अच्छी सोच👍 #☝अनमोल ज्ञान #🌸 सत्य वचन #👉 लोगों के लिए सीख👈
❤️जीवन की सीख - सदगुरुदेवाय नमः "श्री सहानुभूति मनुष्य की सबसे बडी आवश्यकता है। हर मनुष्य दूसरे मनुष्य से मनुष्य के एक सूत्र में बंधा हुआ है। इस नियम में सांकेतिकता पड गई तो सारा जीवन अस्त ्व्यस्त हो सकता है। स्वार्थ और आत्मतुष्टि की भावना से लोग दूसरों के अधिकार छीन लेते हैं स्वार्थ धारण कर लेते हैंशक्तिका शोषण करने से बाज नहीं आते। इन विश्रृंखलता के आज सभी ओर दर्शन किए जा सकते हैं। बाबूलाल बाबूलाल . सदगुरुदेवाय नमः "श्री सहानुभूति मनुष्य की सबसे बडी आवश्यकता है। हर मनुष्य दूसरे मनुष्य से मनुष्य के एक सूत्र में बंधा हुआ है। इस नियम में सांकेतिकता पड गई तो सारा जीवन अस्त ्व्यस्त हो सकता है। स्वार्थ और आत्मतुष्टि की भावना से लोग दूसरों के अधिकार छीन लेते हैं स्वार्थ धारण कर लेते हैंशक्तिका शोषण करने से बाज नहीं आते। इन विश्रृंखलता के आज सभी ओर दर्शन किए जा सकते हैं। बाबूलाल बाबूलाल . - ShareChat