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#अपने कर्मों की सजा
अपने - कर्मों की सजा मुख्य रूप से इसी जन्म में (परिस्थितियों , स्वास्थ्य और मानसिक अशांति के रूप में) और मृत्यु के बाद यमलोक या नर्क में मिलती है। गरुड़ पुराण के अनुसार, पाप  লিব यमराज के दरबार में दंड का प्रावधान है, और कर्मों के आत्मा को विभिन्न नर्क योनियों में कष्ट भोगना पड़ता है। कर्मों की सजा मुख्य रूप से इसी जन्म में (परिस्थितियों , स्वास्थ्य और मानसिक अशांति के रूप में) और मृत्यु के बाद यमलोक या नर्क में मिलती है। गरुड़ पुराण के अनुसार, पाप  লিব यमराज के दरबार में दंड का प्रावधान है, और कर्मों के आत्मा को विभिन्न नर्क योनियों में कष्ट भोगना पड़ता है। - ShareChat