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#❤️अस्सलामु अलैकुम #assalamualaikum
❤️अस्सलामु अलैकुम - ~ ~ ~ ~ ~ L 0 0 ~ { शादीशुदा रोज़ा, औरत चाहे जितना नमाज़, याद रहे ~ [ कुरआन तहज्जुद कितना भी पढ़ती रहे। उस वक्त तक उसकी बख्शीश नहीं हो सकती है। जब तक कि वह अपने ్ शौहर के दुनियावी हुकूक अदा ना कर ले। वह तीन चीजें ये हैं [ " १. शौहर का लिबास बन जाए जैसे किसी के सामने शौहर को जलील ना करें [ २. शौहर का ना शुक्र ना करें शौहर जो भकमा के दे अल्लाह का शुक्र अदा करें ~ शौहर के सामने बदजुबानी ना करें जैसे बात-बात पर 3 ೩1೯ ' से झगड़ा करना अल्लाह सभी को सीधी राह पर चलने की तौफीक़ अता फरमा ( आमीन) ~ ~ ~ ~ ~ L 0 0 ~ { शादीशुदा रोज़ा, औरत चाहे जितना नमाज़, याद रहे ~ [ कुरआन तहज्जुद कितना भी पढ़ती रहे। उस वक्त तक उसकी बख्शीश नहीं हो सकती है। जब तक कि वह अपने ్ शौहर के दुनियावी हुकूक अदा ना कर ले। वह तीन चीजें ये हैं [ १. शौहर का लिबास बन जाए जैसे किसी के सामने शौहर को जलील ना करें [ २. शौहर का ना शुक्र ना करें शौहर जो भकमा के दे अल्लाह का शुक्र अदा करें ~ शौहर के सामने बदजुबानी ना करें जैसे बात-बात पर 3 ೩1೯ ' से झगड़ा करना अल्लाह सभी को सीधी राह पर चलने की तौफीक़ अता फरमा ( आमीन) - ShareChat