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#🙏ਸ਼੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਦੇਵ ਜੀ #🤘 My Status #😇ਸਿੱਖ ਧਰਮ 🙏
🙏ਸ਼੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਦੇਵ ਜੀ - Hukmnama 05/02/26 धन धन श्री गुरु रामदास जी 617 १९ सतिगुर प्रसादि सोरठि महला ५ घरु २ दुपदे बनसपति महि बैसंतरु सगल दूध महि ।l सगल घीआ II ऊच नीच महि जोति समाणी घटि घटि HTళ3 sfT3 II? Il  में मौजूद ) अर्थः हे भाई! जैसे सब पौधों में आग (गुप्त रूप है, जैसे हरेक किस्म के दूध में घी (मक्खन) गुप्त मौजूद है, की ज्योति समाई हुई है, में प्रभु  वैसे अच्छे-बुरे सब जीवों परमात्मा हरेक शरीर में है, सब जीवों में है।१।  संतहु पूरन   पूरि घटि घटि रहिआ समाहिओ Il रहिओ सरब महि जलि थलि रमईआ आहिओ II१ II रहाउ।। में मौजूद ೯I ೩೯ अर्थः हे संत जनो! परमात्मा हरेक शरीर पूरी तरह सारे शरीरों में व्यापक है, वह सुंदर राम पानी में है, धरती में है।१| रहाउ। वाहेगुरु वाहेगुरु वाहेगुरु जी Hukmnama 05/02/26 धन धन श्री गुरु रामदास जी 617 १९ सतिगुर प्रसादि सोरठि महला ५ घरु २ दुपदे बनसपति महि बैसंतरु सगल दूध महि ।l सगल घीआ II ऊच नीच महि जोति समाणी घटि घटि HTళ3 sfT3 II? Il  में मौजूद ) अर्थः हे भाई! जैसे सब पौधों में आग (गुप्त रूप है, जैसे हरेक किस्म के दूध में घी (मक्खन) गुप्त मौजूद है, की ज्योति समाई हुई है, में प्रभु  वैसे अच्छे-बुरे सब जीवों परमात्मा हरेक शरीर में है, सब जीवों में है।१।  संतहु पूरन   पूरि घटि घटि रहिआ समाहिओ Il रहिओ सरब महि जलि थलि रमईआ आहिओ II१ II रहाउ।। में मौजूद ೯I ೩೯ अर्थः हे संत जनो! परमात्मा हरेक शरीर पूरी तरह सारे शरीरों में व्यापक है, वह सुंदर राम पानी में है, धरती में है।१| रहाउ। वाहेगुरु वाहेगुरु वाहेगुरु जी - ShareChat