Yashpal Singh
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#😇ਸਿੱਖ ਧਰਮ 🙏 #🙏ਸ਼੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਦੇਵ ਜੀ #🤘 My Status
😇ਸਿੱਖ ਧਰਮ 🙏 - वाहेगुरु जी का खालसा वाहेगुरु जी की फतेह ಖd रामदास जी रखना गरीब शन धन की लाज न रखना किसी का मोहताज aIగ] वाहेगुरु वाहेगुरु जी वाहेगुरु जी का खालसा वाहेगुरु जी की फतेह ಖd रामदास जी रखना गरीब शन धन की लाज न रखना किसी का मोहताज aIగ] वाहेगुरु वाहेगुरु जी - ShareChat
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😇ਸਿੱਖ ਧਰਮ 🙏 - Hukmnama 23/2/26 धन धन श्री गुरु रामदास जी 773 रागु सूही महला ४ छंत घरु १ १९ सतिगुर सतिगुरु  पुरखु मिलाइ अवगण विकणा प्रसादि Il गुण रवा बलि राम जीउ II हरि हरि नामु धिआइ गुरबाणी नित नित चवा बलि राम जीउ II गुरबाणी सद मीठी लागी पाप विकार गवाइआ II हउमै रोगु मिलाइआ Il काइआ সতি  सहजे गइआ भउ भागा सेज गुर सबदि सुखाली गिआन तति करि भोगो Il 3Hf43` सुखि माणे नित रलीआ नानक धुरि संजोगो Il? Il अर्थः हे राम जी! मैं तुझसे सदके हूँ। मुझे गुरु पुरख मिला (जिसके द्वारा) मैं (तेरे) गुणों को याद करूँ, और (इन गुणों के बदले) अवगुण बेच दूँ (दूर कर दूँ। हे हरि! तेरा नाम ही गुरु की वाणी उचारूँ। जिस स्मरण कर-कर के मैं सदा जीव-स्त्री को गुरु की वाणी सदा प्यारी लगती है, वह (अपने अंदर से) पाप विकार दूर कर लेती है, उसका अहंकार का रोग समाप्त हो जाता है, हरेक किस्म का डर- सहम भाग जाता है, वह सदा सदा ही आत्मिक अडोलता में टिकी रहती है। गुरु के शब्द की इनायत से उसके हृदय में सेज सुख से भरपूर हो जाती है (सुख का घर बन जाती है), आत्मिक जीवन की सूझ के मूल॰प्रभु में जुड़ के वह प्रभु के मिलाप का सुख भोगती है। हे नानक! धुर ्दरगाह से जिसके भाग्यों में संजोग लिखा होता है, वह हर वक्त (प्रभु मिलाप का) सुख पाती आनंद में टिकी रह के सदा है।१| Hukmnama 23/2/26 धन धन श्री गुरु रामदास जी 773 रागु सूही महला ४ छंत घरु १ १९ सतिगुर सतिगुरु  पुरखु मिलाइ अवगण विकणा प्रसादि Il गुण रवा बलि राम जीउ II हरि हरि नामु धिआइ गुरबाणी नित नित चवा बलि राम जीउ II गुरबाणी सद मीठी लागी पाप विकार गवाइआ II हउमै रोगु मिलाइआ Il काइआ সতি  सहजे गइआ भउ भागा सेज गुर सबदि सुखाली गिआन तति करि भोगो Il 3Hf43` सुखि माणे नित रलीआ नानक धुरि संजोगो Il? Il अर्थः हे राम जी! मैं तुझसे सदके हूँ। मुझे गुरु पुरख मिला (जिसके द्वारा) मैं (तेरे) गुणों को याद करूँ, और (इन गुणों के बदले) अवगुण बेच दूँ (दूर कर दूँ। हे हरि! तेरा नाम ही गुरु की वाणी उचारूँ। जिस स्मरण कर-कर के मैं सदा जीव-स्त्री को गुरु की वाणी सदा प्यारी लगती है, वह (अपने अंदर से) पाप विकार दूर कर लेती है, उसका अहंकार का रोग समाप्त हो जाता है, हरेक किस्म का डर- सहम भाग जाता है, वह सदा सदा ही आत्मिक अडोलता में टिकी रहती है। गुरु के शब्द की इनायत से उसके हृदय में सेज सुख से भरपूर हो जाती है (सुख का घर बन जाती है), आत्मिक जीवन की सूझ के मूल॰प्रभु में जुड़ के वह प्रभु के मिलाप का सुख भोगती है। हे नानक! धुर ्दरगाह से जिसके भाग्यों में संजोग लिखा होता है, वह हर वक्त (प्रभु मिलाप का) सुख पाती आनंद में टिकी रह के सदा है।१| - ShareChat
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🤘 My Status - १२ ढॅगट धन धन श्री गुरु रामदास जी Feb 23, 2026 ரசு ரஎ சச Hagaja mfoa Hl er সবধন্ত সুী ববিসeব সংবিম } শ'মিশা र्भभूउ  फ्ॅन रग ढुग्भग्ट 88= 96767{ Cসমাবিষ मुगे ग़वभठग्भा ठग्ग HOS 8 ्ईउ थ्ठ् १ १६` ्मउगठ  थूमर्गर || HfBెlర थठ्ध   भिर्तर्गष्ट neare feae বাৎ বহ্া ম্রম্ভি বক্সম নী৪্ Il ১বি ১বি ঠক্থ पिभर्गष्ट गठघ्वण्टी ठिउ ठिउ उदा घ्वलि ठग्भ గిర్తి गठघ्ण्टी मर भीठी रुग्गी थग्थ I feaa arefer| যট্টম ঠবা বাহিসস' I 58 मग्ने fsfew Il HJfH san हिभर्ग4भा:- वे ठग्भ नती! भैं डैघें मचवे गग। भैठु गृतु-थठध भिल्लग (त्िम री ठग्गीं) भैं (उठे) गट जग्र वठगं , भाडे (प्टिग्ठां गटां रे हॅटे) र्ेगट हेउ रिभग (ट्ठ वठ रिभभग)। चे ग्ठी! 3ar 37[ fHa সিমব ৯ ম সহ' যী বাব ২ী ম্রমী ঔষব'I নিম নীহ- ঘিসন্ত্রী হ্ূ বাব্ eী ম্র্া্মী সe' lিশদবী মঁবাহী ঠ, ৪ব (স'্ই স২ঠ) 4r4 বিনদব र्ठ वठ लैंरी वै, ऐ्म रा   गठ्ठभै ঠবা মঁন নহা ঠ; ১ঠন নিমH হা বুব = ~AfJh 3 Ter &, 8J Her Her & 13H3 "3v30 fea fedt afJa Jil 23-02-26 Owwwhukamnamasahibcom সবা:-773  वाहेगुरु वाहेगुरु वाहेगुरु जी १२ ढॅगट धन धन श्री गुरु रामदास जी Feb 23, 2026 ரசு ரஎ சச Hagaja mfoa Hl er সবধন্ত সুী ববিসeব সংবিম } শ'মিশা र्भभूउ  फ्ॅन रग ढुग्भग्ट 88= 96767{ Cসমাবিষ मुगे ग़वभठग्भा ठग्ग HOS 8 ्ईउ थ्ठ् १ १६` ्मउगठ  थूमर्गर || HfBెlర थठ्ध   भिर्तर्गष्ट neare feae বাৎ বহ্া ম্রম্ভি বক্সম নী৪্ Il ১বি ১বি ঠক্থ पिभर्गष्ट गठघ्वण्टी ठिउ ठिउ उदा घ्वलि ठग्भ గిర్తి गठघ्ण्टी मर भीठी रुग्गी थग्थ I feaa arefer| যট্টম ঠবা বাহিসস' I 58 मग्ने fsfew Il HJfH san हिभर्ग4भा:- वे ठग्भ नती! भैं डैघें मचवे गग। भैठु गृतु-थठध भिल्लग (त्िम री ठग्गीं) भैं (उठे) गट जग्र वठगं , भाडे (प्टिग्ठां गटां रे हॅटे) र्ेगट हेउ रिभग (ट्ठ वठ रिभभग)। चे ग्ठी! 3ar 37[ fHa সিমব ৯ ম সহ' যী বাব ২ী ম্রমী ঔষব'I নিম নীহ- ঘিসন্ত্রী হ্ূ বাব্ eী ম্র্া্মী সe' lিশদবী মঁবাহী ঠ, ৪ব (স'্ই স২ঠ) 4r4 বিনদব र्ठ वठ लैंरी वै, ऐ्म रा   गठ्ठभै ঠবা মঁন নহা ঠ; ১ঠন নিমH হা বুব = ~AfJh 3 Ter &, 8J Her Her & 13H3 "3v30 fea fedt afJa Jil 23-02-26 Owwwhukamnamasahibcom সবা:-773  वाहेगुरु वाहेगुरु वाहेगुरु जी - ShareChat
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😇ਸਿੱਖ ਧਰਮ 🙏 - वाहेगुरु जी का खालशा aIగ] जी की फतेह धन धन श्री गुरु रामदास जी रखना गरीब की लाज न रखना किसी का मोहताज वाहेगुरु वाहेगुरु वाहेगुरु जी वाहेगुरु जी का खालशा aIగ] जी की फतेह धन धन श्री गुरु रामदास जी रखना गरीब की लाज न रखना किसी का मोहताज वाहेगुरु वाहेगुरु वाहेगुरु जी - ShareChat
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😇ਸਿੱਖ ਧਰਮ 🙏 - Hukmnama 22/02/26 धन धन श्री गुरु रामदास जी 680 ओहु धनासरी महला ५ II जतन करै मानुख डहकावै  पावै भेख अंतरजामी जानै II पाप करे करि ஈகR करै निरबानै Il१ Il  अर्थः हे भाई!़ (लालची मनुष्य) अनेक प्रयत्न करता है, पहने लोगों को धोखा देता है, विरक्तों वाले धार्मिक पहरावे रखता है, पाप करके (फिर उन पापों से) मुकर भी जाता पर सबके दिल की जानने वाला वह परमात्मा (सब 8, कुछ) जानता है।१ | दूरि तुमहि प्रभ नेरि II उत ताकै उत ते उत जानत पेखै आवै लोभी फेरि II रहाउ।I  अर्थः हे प्रभु! तू (सब जीवों के) नजदीक बसता है, पर (लालची पाखण्डी मनुष्य) तुझे दूर (बसता) समझता है। चक्कर में फसा रहता है, लालची मनुष्य (लालच के) उधर से और उधर (माया की खातिर) उधर देखता है, देखता है (उसका मन टिकता नहीं)  रहाउ। वाहेगुरु वाहेगुरु वाहेगुरु जी Hukmnama 22/02/26 धन धन श्री गुरु रामदास जी 680 ओहु धनासरी महला ५ II जतन करै मानुख डहकावै  पावै भेख अंतरजामी जानै II पाप करे करि ஈகR करै निरबानै Il१ Il  अर्थः हे भाई!़ (लालची मनुष्य) अनेक प्रयत्न करता है, पहने लोगों को धोखा देता है, विरक्तों वाले धार्मिक पहरावे रखता है, पाप करके (फिर उन पापों से) मुकर भी जाता पर सबके दिल की जानने वाला वह परमात्मा (सब 8, कुछ) जानता है।१ | दूरि तुमहि प्रभ नेरि II उत ताकै उत ते उत जानत पेखै आवै लोभी फेरि II रहाउ।I  अर्थः हे प्रभु! तू (सब जीवों के) नजदीक बसता है, पर (लालची पाखण्डी मनुष्य) तुझे दूर (बसता) समझता है। चक्कर में फसा रहता है, लालची मनुष्य (लालच के) उधर से और उधर (माया की खातिर) उधर देखता है, देखता है (उसका मन टिकता नहीं)  रहाउ। वाहेगुरु वाहेगुरु वाहेगुरु जी - ShareChat
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🤘 My Status - ११ ढॅगट धन धन श्री गुरु रामदास जी Feb 22, 2026 గౌశేT గెరెT We Hlag aja mfJa Hl er ஈds =ி சீசசச ஈரfசச 3 ஈரf Mf3 फॅत्त रा ढग्भग्ट हेल्ले रा যনমমাH Ffaa ग़वभठग्भा पठग्मठी भग्ला 4 Il Con পন্তবলক্ষী नउठ वठै भग्ठुध उग्वग्दै छग பa 34 48 గాగ్ Il 1 ೩ নবি Hafa fಸaaಸllqll Hಏ3 ಶa 3a 1ತ ಸfall 83 3a 833 8318 ma &3 &fa IlaargII] হিস্খিশ ১ ন্রমী! ম্লমরবী সরত4) সঠন' নন্তম নবহা ঠ, টনা' ভ্ ঐ4া ইহা ঠ, fedasi दग्ले पर्गाभव र्ग्ठग्हे घटग्ष्टी ठॅथरा चै புபு 46 a (f6 ৪১নi 4r4' }) সঁনব ন্রী নহা ঠ, এব 5=fs=ஈES =ச Bo ৭ ! ঠ Vুন্ত! হূঁ (সন্ত নীহা ২) ৯ই eঁসeা ना्टरा चै | थठभा्उभा (मड 95) ঠ, এব (ম্মবী এ4ন্তী সতঁ4) ঔহ ভূব (হঁসeা) সসস্তe' ঠ ! ম্মভব্ী সতঁ4 (মলমব্ ২) বীন্ত্র হিব বমিশ বঠিহ' ঠ, (স'হিসয হী #্নব) ৪এব उॅवरा चै, ऐँपठ उं ऐँपठ उॅवरा चै (ठम र' भठ टिवर ठगें) ठग्ग्ठ्ठ 22-02-26 Owww hukamnamasahib com WoT;-680 वाहेगुरु वाहेगुरु वाहेगुरु जी ११ ढॅगट धन धन श्री गुरु रामदास जी Feb 22, 2026 గౌశేT గెరెT We Hlag aja mfJa Hl er ஈds =ி சீசசச ஈரfசச 3 ஈரf Mf3 फॅत्त रा ढग्भग्ट हेल्ले रा যনমমাH Ffaa ग़वभठग्भा पठग्मठी भग्ला 4 Il Con পন্তবলক্ষী नउठ वठै भग्ठुध उग्वग्दै छग பa 34 48 గాగ్ Il 1 ೩ নবি Hafa fಸaaಸllqll Hಏ3 ಶa 3a 1ತ ಸfall 83 3a 833 8318 ma &3 &fa IlaargII] হিস্খিশ ১ ন্রমী! ম্লমরবী সরত4) সঠন' নন্তম নবহা ঠ, টনা' ভ্ ঐ4া ইহা ঠ, fedasi दग्ले पर्गाभव र्ग्ठग्हे घटग्ष्टी ठॅथरा चै புபு 46 a (f6 ৪১নi 4r4' }) সঁনব ন্রী নহা ঠ, এব 5=fs=ஈES =ச Bo ৭ ! ঠ Vুন্ত! হূঁ (সন্ত নীহা ২) ৯ই eঁসeা ना्टरा चै | थठभा्उभा (मड 95) ঠ, এব (ম্মবী এ4ন্তী সতঁ4) ঔহ ভূব (হঁসeা) সসস্তe' ঠ ! ম্মভব্ী সতঁ4 (মলমব্ ২) বীন্ত্র হিব বমিশ বঠিহ' ঠ, (স'হিসয হী #্নব) ৪এব उॅवरा चै, ऐँपठ उं ऐँपठ उॅवरा चै (ठम र' भठ टिवर ठगें) ठग्ग्ठ्ठ 22-02-26 Owww hukamnamasahib com WoT;-680 वाहेगुरु वाहेगुरु वाहेगुरु जी - ShareChat
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😇ਸਿੱਖ ਧਰਮ 🙏 - Hukmnama 21/02/26 धन धन श्री गुरु रामदास जी 500 कबहू हरि सिउ चीतु न लाइओ Il गूजरी महला ५ Il बिहानी अउधहि गुण निधि नामु ٤٤ 7 करत गाइओ II१ II रहाउ।। हे भाई!़ माया के मोह में फंसा जीव) कभी अपना 3rబf: परमात्मा (के चरणों) से नहीं जोड़ता। (माया की मन खातिर) दौड़ भाग करते हुए (इसकी) उम्र गुजर जाती है सारे गुणों के खजाने परमात्मा का नाम नहीं जपता।१ रहाउ। 501 करि कउडी   कउडी जोरत कपटे अनिक जुगति बिसरत प्रभ केते दुख गनीअहि धाइओ महा I मोहनी खाइओ II११I  अर्थः ठगी से एक॰एक कौड़ी करके माया एकत्र करता रहता है अनेक ढंग ्तरीके बरत के माया की खातिर दौड़ता  के कारण इसे अनेक फिरता है। परमात्मा का नाम भुलाने आ घेरते हैं। मन को मोह लेने वाली प्रबल माया ही दुख इसके आत्मिक जीवन को खा जाती है।१ | Hukmnama 21/02/26 धन धन श्री गुरु रामदास जी 500 कबहू हरि सिउ चीतु न लाइओ Il गूजरी महला ५ Il बिहानी अउधहि गुण निधि नामु ٤٤ 7 करत गाइओ II१ II रहाउ।। हे भाई!़ माया के मोह में फंसा जीव) कभी अपना 3rబf: परमात्मा (के चरणों) से नहीं जोड़ता। (माया की मन खातिर) दौड़ भाग करते हुए (इसकी) उम्र गुजर जाती है सारे गुणों के खजाने परमात्मा का नाम नहीं जपता।१ रहाउ। 501 करि कउडी   कउडी जोरत कपटे अनिक जुगति बिसरत प्रभ केते दुख गनीअहि धाइओ महा I मोहनी खाइओ II११I  अर्थः ठगी से एक॰एक कौड़ी करके माया एकत्र करता रहता है अनेक ढंग ्तरीके बरत के माया की खातिर दौड़ता  के कारण इसे अनेक फिरता है। परमात्मा का नाम भुलाने आ घेरते हैं। मन को मोह लेने वाली प्रबल माया ही दुख इसके आत्मिक जीवन को खा जाती है।१ | - ShareChat
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