Yashpal Singh
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#🙏ਸ਼੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਦੇਵ ਜੀ #😇ਸਿੱਖ ਧਰਮ 🙏 #🤘 My Status
🙏ਸ਼੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਦੇਵ ਜੀ - चैत महीने की संग्रांद आप और आपके परिवार में सुख शांति लाये धन धन श्री गुरु रामदास जी वाहेगुरु वाहेगुरु वाहेगुरु जी चैत महीने की संग्रांद आप और आपके परिवार में सुख शांति लाये धन धन श्री गुरु रामदास जी वाहेगुरु वाहेगुरु वाहेगुरु जी - ShareChat
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🙏ਸ਼੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਦੇਵ ਜੀ - Hukmnama 14/03/26 श्री गुरु रामदास जी 133 धन धन चेति गोविंदु अराधीऐ होवै अनंदु घणा II संत जना II जिनि पाइआ प्रभु मिलि पाईऐ रसना नामु भणा इकु खिनु तिसु बिनु आपणा आए तिसहि गणा महीअलि जनमु जणा II जलि थलि बिरथा f पूरिआ रविआ विचि वणा II सो प्रभु चिति न आवई कितड़ा दुखु गणा II जिनी राविआ सो সপ্সু নিনা हरि दरसन कंउ मनु लोचदा नानक भागु मणा चेति मिलाए सो प्रभू तिस कै पाइ पिआस मना লা Il2Il अर्थः चेत में (बसंत ऋतु आती है, हर तरफ खिली फुलवाड़ी मन को आनंद देती है, परमात्मा को अगर) स्मरण करें (तो नाम जपने की इनायत से) बहुत आत्मिक जीभ से प्रभु का नाम जपने की आनंद हो सकता है। पर दाति संत जनों को मिल के ही प्राप्त होती है। उसी को का जनम सफल समझो) जगत में पैदा हुआ जानो (# जिस ने (नाम जपने की सहायता से) अपने परमात्मा का मिलाप हासिल कर लिया (क्योंकि) परमात्मा की याद के बिना एक छिन मात्र समय गुजारा हुआ भी व्यर्थ बीता जानो। जो प्रभु पानी में, धरती में आकाश में जंगलों में हर जगह व्यापक है। अगर ऐसा प्रभु किसी मनुष्य के हृदय में ना बसे, तो उस मनुष्य का (मानसिक) दुख बयान नहीं हो सकता। (पर) जिस लोगों ने उस (सर्व व्यापक) प्रभु का अपने हृदय में बसाया है, उनके बड़े भाग्य जाग पड़ते हैं। नानक का मन (भी हरि के) दीदार की इच्छा रखता है, नानक के मन में हरि दर्शन की प्यास है।जो मनृष्य मूझे Hukmnama 14/03/26 श्री गुरु रामदास जी 133 धन धन चेति गोविंदु अराधीऐ होवै अनंदु घणा II संत जना II जिनि पाइआ प्रभु मिलि पाईऐ रसना नामु भणा इकु खिनु तिसु बिनु आपणा आए तिसहि गणा महीअलि जनमु जणा II जलि थलि बिरथा f पूरिआ रविआ विचि वणा II सो प्रभु चिति न आवई कितड़ा दुखु गणा II जिनी राविआ सो সপ্সু নিনা हरि दरसन कंउ मनु लोचदा नानक भागु मणा चेति मिलाए सो प्रभू तिस कै पाइ पिआस मना লা Il2Il अर्थः चेत में (बसंत ऋतु आती है, हर तरफ खिली फुलवाड़ी मन को आनंद देती है, परमात्मा को अगर) स्मरण करें (तो नाम जपने की इनायत से) बहुत आत्मिक जीभ से प्रभु का नाम जपने की आनंद हो सकता है। पर दाति संत जनों को मिल के ही प्राप्त होती है। उसी को का जनम सफल समझो) जगत में पैदा हुआ जानो (# जिस ने (नाम जपने की सहायता से) अपने परमात्मा का मिलाप हासिल कर लिया (क्योंकि) परमात्मा की याद के बिना एक छिन मात्र समय गुजारा हुआ भी व्यर्थ बीता जानो। जो प्रभु पानी में, धरती में आकाश में जंगलों में हर जगह व्यापक है। अगर ऐसा प्रभु किसी मनुष्य के हृदय में ना बसे, तो उस मनुष्य का (मानसिक) दुख बयान नहीं हो सकता। (पर) जिस लोगों ने उस (सर्व व्यापक) प्रभु का अपने हृदय में बसाया है, उनके बड़े भाग्य जाग पड़ते हैं। नानक का मन (भी हरि के) दीदार की इच्छा रखता है, नानक के मन में हरि दर्शन की प्यास है।जो मनृष्य मूझे - ShareChat
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🤘 My Status - १ रेउ धन धन श्री गुरु रामदास जी Mar 14,2026 বরঁবী নরবা শরব৮ Hlag aja mfJa Hl er मॅचर्धड म्ी र्गठर्भरठ मर्गग्घ्व उें गर्गष्टणा T €r gdel १३ 96 ्मठाठा्र गवभठग्भा gaonn HHT मर्गग्प्व मर्गग्प्व 83 Com Con afeg warhx गेदै ஈகg f3 थ्टा Il र्मउ नठा र्भाल थग्ष्टीभै ठमठा ठग्भ उटा Il ््िठि थर्गष्टm भठ् मग्थटा  fಣ f4g f35 স্ষ্ট ন্িমযি বাঙা Il fas Heer faசHT గెగ Ter Il fmfmr' दिउ (भग्ध्पी दग्ले टिठ लेव भ्जग्ठा भर्गरव उीतघां ेे ष्टिमठग्ठ वठठा रेउ विर H (মরসন্ত বৃঁব্ত স৪eী ঠ, যব ঐম ধিন্থী ব্ৃমহান্ত্রী Hম ভূঁ সনe ২২ী ঠ, ন) এবস'নHT টূ সিমবীষ (বiঁ সিমবঠ হী মরবনতি ম!ম) মবূব্ত স্ন্তHন সদমe ঠ সনহা ঠI এব वे गी थ्ग्थउ वुरी चै। 8ठमे T4z 2 2f3 H3 Hai & fir] নীন্র ೧೯ 19 IH নবান হিব নমিশ' নাই (৪্ম হা ন৪H সনমা সমষ্ট) নিম ট (সিমবন হী 4 & fHసT JTHగ ఇర fసwT (faBra) udHT3HT मच्गष्टिउा ठग्ल) भग्यटे 4तH'3भा EtIE 3 faగౌfa fగ HT7 HHT రIHToగi కే1 fHedit TETTరE H3*t గాశై 14-03-26 Owwwhukamnamasahib com] Mal:-133 वाहेगुरु वाहेगुरु वाहेगुरु जी १ रेउ धन धन श्री गुरु रामदास जी Mar 14,2026 বরঁবী নরবা শরব৮ Hlag aja mfJa Hl er मॅचर्धड म्ी र्गठर्भरठ मर्गग्घ्व उें गर्गष्टणा T €r gdel १३ 96 ्मठाठा्र गवभठग्भा gaonn HHT मर्गग्प्व मर्गग्प्व 83 Com Con afeg warhx गेदै ஈகg f3 थ्टा Il र्मउ नठा र्भाल थग्ष्टीभै ठमठा ठग्भ उटा Il ््िठि थर्गष्टm भठ् मग्थटा  fಣ f4g f35 স্ষ্ট ন্িমযি বাঙা Il fas Heer faசHT గెగ Ter Il fmfmr' दिउ (भग्ध्पी दग्ले टिठ लेव भ्जग्ठा भर्गरव उीतघां ेे ष्टिमठग्ठ वठठा रेउ विर H (মরসন্ত বৃঁব্ত স৪eী ঠ, যব ঐম ধিন্থী ব্ৃমহান্ত্রী Hম ভূঁ সনe ২২ী ঠ, ন) এবস'নHT টূ সিমবীষ (বiঁ সিমবঠ হী মরবনতি ম!ম) মবূব্ত স্ন্তHন সদমe ঠ সনহা ঠI এব वे गी थ्ग्थउ वुरी चै। 8ठमे T4z 2 2f3 H3 Hai & fir] নীন্র ೧೯ 19 IH নবান হিব নমিশ' নাই (৪্ম হা ন৪H সনমা সমষ্ট) নিম ট (সিমবন হী 4 & fHసT JTHగ ఇర fసwT (faBra) udHT3HT मच्गष्टिउा ठग्ल) भग्यटे 4तH'3भा EtIE 3 faగౌfa fగ HT7 HHT రIHToగi కే1 fHedit TETTరE H3*t గాశై 14-03-26 Owwwhukamnamasahib com] Mal:-133 वाहेगुरु वाहेगुरु वाहेगुरु जी - ShareChat
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00:27
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🤘 My Status - ३० ढॅगट धन धन श्री गुरु रामदास जी Mar १३ २०२६ ar Far "e সুী বাব বযুম সাযিম নী eা Hads وh ofafea mfua 3 nnfenr 463 ಖHಞತಷಾ हेले रा 9&167 Hfoa புஈசி गवभठम्भा Com বহিহদ্স নী নী 96 ` মন্তিবাব  பfe OIS JHfa elg efenrg  gH Hfa nra थउीभग्ठ विभा वीत्ै Il घरठी उेठ भेठ ٤٩ ١١٩ ١١ HG 43 H ael थठ्ठु ম্রম্ভি రెర్తి 4 గార్తి ठभष्टीभ्ा वग्ठठे II वग्ठठ वदठ भ्घेल्ल II गग्ग्ठ II fm: - (गे भग्पे! ) भेठे दठठा' वेष्टी ठिभग्टा ठगीं , उे, उेठे , दठगाग गेठ वेष्टी रष्टिभा वग्ठ दृग्ल्ला ठगीं, (भेठी वगग्ल्लउ र॰) ग्ट गे्ठ थठउग्दा वग्ठ री ले३ ठगीं। (वे मेग्टे ठग्भ! ) भैठु रग्म ठ ष्टिग धठठ मिरव प्थनम्न वि भेठा भठ 3বী মিভত্তি-মমদব হীস' বাঁম' হিব 4বব নহিসা নবI৭/ ঠ ঈবই ठग्भ! भैं उैघें मरा मरवे ग्ंः उ विम गॅप्टे भेठे ठग्ल् ठगीं घेलरग?।गग्ग्ठ। 13-03-26 Owwwhukamnamasahibcom সবা:-694 वाहेगुरु वाहेगुरु वाहेगुरु ३० ढॅगट धन धन श्री गुरु रामदास जी Mar १३ २०२६ ar Far "e সুী বাব বযুম সাযিম নী eা Hads وh ofafea mfua 3 nnfenr 463 ಖHಞತಷಾ हेले रा 9&167 Hfoa புஈசி गवभठम्भा Com বহিহদ্স নী নী 96 ` মন্তিবাব  பfe OIS JHfa elg efenrg  gH Hfa nra थउीभग्ठ विभा वीत्ै Il घरठी उेठ भेठ ٤٩ ١١٩ ١١ HG 43 H ael थठ्ठु ম্রম্ভি రెర్తి 4 గార్తి ठभष्टीभ्ा वग्ठठे II वग्ठठ वदठ भ्घेल्ल II गग्ग्ठ II fm: - (गे भग्पे! ) भेठे दठठा' वेष्टी ठिभग्टा ठगीं , उे, उेठे , दठगाग गेठ वेष्टी रष्टिभा वग्ठ दृग्ल्ला ठगीं, (भेठी वगग्ल्लउ र॰) ग्ट गे्ठ थठउग्दा वग्ठ री ले३ ठगीं। (वे मेग्टे ठग्भ! ) भैठु रग्म ठ ष्टिग धठठ मिरव प्थनम्न वि भेठा भठ 3বী মিভত্তি-মমদব হীস' বাঁম' হিব 4বব নহিসা নবI৭/ ঠ ঈবই ठग्भ! भैं उैघें मरा मरवे ग्ंः उ विम गॅप्टे भेठे ठग्ल् ठगीं घेलरग?।गग्ग्ठ। 13-03-26 Owwwhukamnamasahibcom সবা:-694 वाहेगुरु वाहेगुरु वाहेगुरु - ShareChat
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🙏ਸ਼੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਦੇਵ ਜੀ - Hukmnama 12/03/26 धन धन श्री गुरु रामदास जी 588 II त्रिसना दाधी जलि मुई जलि जलि सलोक मः ३ सतिगुर सीतल जे मिलै फिरि जलै न करे पुकार Il विणु नावै निरभउ को नही दूजी वार || नानक जिचरु सबदि न करे वीचारु II१Il अर्थः दुनिया तृष्णा की जली हुई दुखी हो रही है, जल जल के बिलख रही है; अगर ये ठंढक देने वाले गुरु से मिल जाए, तो फिर ये फिर दुबारा ना जले; (क्योंकि) हे नानक! से मनुष्य प्रभु विचार (चिंतन) ना करे $ जब तक शब्द और) तब तक (नाम नहीं मिलता, नाम के बिना किसी का डर भी खत्म नहीं होता (ये डर और सहम ही बारंबार तृष्णा के अधीन करता है)।१ | वाहेगुरु वाहेगुरु वाहेगुरु जी Hukmnama 12/03/26 धन धन श्री गुरु रामदास जी 588 II त्रिसना दाधी जलि मुई जलि जलि सलोक मः ३ सतिगुर सीतल जे मिलै फिरि जलै न करे पुकार Il विणु नावै निरभउ को नही दूजी वार || नानक जिचरु सबदि न करे वीचारु II१Il अर्थः दुनिया तृष्णा की जली हुई दुखी हो रही है, जल जल के बिलख रही है; अगर ये ठंढक देने वाले गुरु से मिल जाए, तो फिर ये फिर दुबारा ना जले; (क्योंकि) हे नानक! से मनुष्य प्रभु विचार (चिंतन) ना करे $ जब तक शब्द और) तब तक (नाम नहीं मिलता, नाम के बिना किसी का डर भी खत्म नहीं होता (ये डर और सहम ही बारंबार तृष्णा के अधीन करता है)।१ | वाहेगुरु वाहेगुरु वाहेगुरु जी - ShareChat
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🤘 My Status - वाहेगुरु जी का खालसा वाहेगुरु जी की फतेह गुरुग्रंथ साहिब जी धन धन श्री ~7    9 _00 07 4ಕ೨ಲ್ 70~:1 -+ ueal? ವವ೦3 8 79+26 Mad 457771` = atn డాా  ೧ಕ  ~` 5ப7 {e ೆ೬೫ 4ವ Luದ -1~8` 1113 ` 4717 'ng' తరీ   5-+` ఛా తౌ  ٧ ، .0178` ೪೩ಿಲ ಹೊ1ca ' टग ೮೩ Tಹaron ^ raan ` 3೭ Sfo asa ha ` वाहेगुरु वाहेगुरु वाहेगुरु वाहेगुरु जी का खालसा वाहेगुरु जी की फतेह गुरुग्रंथ साहिब जी धन धन श्री ~7    9 _00 07 4ಕ೨ಲ್ 70~:1 -+ ueal? ವವ೦3 8 79+26 Mad 457771` = atn డాా  ೧ಕ  ~` 5ப7 {e ೆ೬೫ 4ವ Luದ -1~8` 1113 ` 4717 'ng' తరీ   5-+` ఛా తౌ  ٧ ، .0178` ೪೩ಿಲ ಹೊ1ca ' टग ೮೩ Tಹaron ^ raan ` 3೭ Sfo asa ha ` वाहेगुरु वाहेगुरु वाहेगुरु - ShareChat
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🙏ਸ਼੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਦੇਵ ਜੀ - २९ ढॅगट धन धन श्री गुरु रामदास जी Mar 12, 2026 नॅगे नग भटॅप्ठ সুী বাব বযুম সাঠিম লী eা সবধন্ত সুী ববিসভব সাবিম } শমিশা 463 फॅत्त रा ढठग्भग्ट 88= ग्वभठम्ा गवभठग्भा मलेव भः ३ Hfoa [ Com ేళHగTఃit Hfస1E Hfస Hfస স্তিবাব মীন্তম্ভ নী वठे थवग्ठ Il fస; fiర గసే గౌ ٤'٥ ١١ ভ্রলী fs ঠই মিবন্তট্ট ৯ ঠবী ठग्ठव fತಶ್ मर्घ्वार ठ वठे हीरग्ठु Il१।l বিসবিপ ভ্রমীসয ন্রিমতা ২ী স্থী ঠ৪ী ভূঁণী ঠ বর্বী ঠ, সন্তু সন্তু ৯ दग्ले गठु ठु भभिल थष्टे, उं fಸ೩ ಕ ; ೩ f ಕೆನ थ्ट ढिठ   र्नी दग्ठी ठग्ग म३े; (वविरिंवि) गे ठग्ठव! नर उव বাবূ ২ সতঁ4 বুন্থ হী বিব্দব मघर री ठग्गीं ठग्ग वठ 32 3q (గా ठगीं भिलरा, उे) ठग्भ उं घिठग विमे रा डी उठ ठगीं भॅवरा (f्टिग उठ उे ्मग्भ गी भ३् भ३् र्म्निठा रे mपीठ वठरा Jै)।१। 12-03-26 Cwww hukamnamasahib com WoT:-588 वाहेगुरु वाहेगुरु वाहेगुरु जी २९ ढॅगट धन धन श्री गुरु रामदास जी Mar 12, 2026 नॅगे नग भटॅप्ठ সুী বাব বযুম সাঠিম লী eা সবধন্ত সুী ববিসভব সাবিম } শমিশা 463 फॅत्त रा ढठग्भग्ट 88= ग्वभठम्ा गवभठग्भा मलेव भः ३ Hfoa [ Com ేళHగTఃit Hfస1E Hfస Hfస স্তিবাব মীন্তম্ভ নী वठे थवग्ठ Il fస; fiర గసే గౌ ٤'٥ ١١ ভ্রলী fs ঠই মিবন্তট্ট ৯ ঠবী ठग्ठव fತಶ್ मर्घ्वार ठ वठे हीरग्ठु Il१।l বিসবিপ ভ্রমীসয ন্রিমতা ২ী স্থী ঠ৪ী ভূঁণী ঠ বর্বী ঠ, সন্তু সন্তু ৯ दग्ले गठु ठु भभिल थष्टे, उं fಸ೩ ಕ ; ೩ f ಕೆನ थ्ट ढिठ   र्नी दग्ठी ठग्ग म३े; (वविरिंवि) गे ठग्ठव! नर उव বাবূ ২ সতঁ4 বুন্থ হী বিব্দব मघर री ठग्गीं ठग्ग वठ 32 3q (గా ठगीं भिलरा, उे) ठग्भ उं घिठग विमे रा डी उठ ठगीं भॅवरा (f्टिग उठ उे ्मग्भ गी भ३् भ३् र्म्निठा रे mपीठ वठरा Jै)।१। 12-03-26 Cwww hukamnamasahib com WoT:-588 वाहेगुरु वाहेगुरु वाहेगुरु जी - ShareChat
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🤘 My Status - Hukmnama 11/03/26 धन धन श्री गुरु रामदास जी II मनि परतीति न आईआ सहजि न মলীক্ধ ম: 3 मनहठि किआ 77 9173 II सबदै सादु न पाइओ आइआ सो परवाणु है जि गुण नानक गाइ || गुरमुखि सचि समाइ II१Il अर्थः अगर मन में (हरि के अस्तित्व की) प्रीति ना आई, और सहज अडोलता में प्यार ना बना (ठहराव ना आया), का रस ना मिला, तो मन के हठ से महिमा अगर शब्द करने का भी क्या लाभ? हे नानक! (संसार में) पैदा हुआ वह जीव मुबारक है जो सतिगुरु के सन्मुख रहके सच में लीन हो जाए।१ | 549 वाहेगुरु वाहेगुरु वाहेगुरु Hukmnama 11/03/26 धन धन श्री गुरु रामदास जी II मनि परतीति न आईआ सहजि न মলীক্ধ ম: 3 मनहठि किआ 77 9173 II सबदै सादु न पाइओ आइआ सो परवाणु है जि गुण नानक गाइ || गुरमुखि सचि समाइ II१Il अर्थः अगर मन में (हरि के अस्तित्व की) प्रीति ना आई, और सहज अडोलता में प्यार ना बना (ठहराव ना आया), का रस ना मिला, तो मन के हठ से महिमा अगर शब्द करने का भी क्या लाभ? हे नानक! (संसार में) पैदा हुआ वह जीव मुबारक है जो सतिगुरु के सन्मुख रहके सच में लीन हो जाए।१ | 549 वाहेगुरु वाहेगुरु वाहेगुरु - ShareChat