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#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #माता वैष्णोदेवी #🙏 माँ वैष्णो देवी #देश भक्ति #🪔जय मां दुर्गा शक्ति,जय माता दी।
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - ऊँ विश्व शांति सत्यमेव जयते अहिंसा जय नवीन विश्व धर्म कल्कि ज्ञान सागर सतयुगी विश्व अहिंसा परमोधर्म का संदेश कल्कि ज्ञान सागर का संदेश पुरी धरती हम सबका देश हम सब एक है , सबका स्वामी एक कल्कि साधक  फलाग माहन प्रकृति के पंचतत्वों से बने मानव के नश्वर भौतिक शरीर की कर्मभूमि पर एक पल की गारंटी नहीं है, फिर भी मानव अपने मन में अज्ञानतावश मैं , मेरा और मेरे की भावन रखकर अपने अमुल्य मानव जीवन को मिट्टी में मिला देता है ज्ञात रहे कर्मभूमि पर मनुष्यरूपी जीवात्मा के लिए सब कुछ नश्वर व परिवर्तनशील है। ज्ञात रहे कर्मभूमि पर मनुष्यरूपी जीवात्मा तन परिवर्तन कभी भी , किसी भी पल हो सकता है।आज का का विकसित इंसान चाहे जितने ताकतवर हथियार बना ले, वो प्रकृति और परमात्मा से नहीं लड़ सकता और नहीं प्रकृति और परमात्मा की मार से बच सकता है ज्ञात रहे ईश्वर ने मानवको विकास धरती को स्वर्ग बनाने के लिए दिए है मानव  सभ्यता को मिट्टी में मिलाने के लिए नहीं ।धरती पर विकास में लिए  हजारों वर्ष लग जाते है॰ महाविनाश के कुछ ही पल काफी है। कर्मभूमि पर अपने विराट आत्मस्वरूप को जानो अपना मानव जीवन सार्थकबनाओं | अधिक जानकारी के लिए Kalki Gyan Sagar एप डाउनलॉड करें ऊँ विश्व शांति सत्यमेव जयते अहिंसा जय नवीन विश्व धर्म कल्कि ज्ञान सागर सतयुगी विश्व अहिंसा परमोधर्म का संदेश कल्कि ज्ञान सागर का संदेश पुरी धरती हम सबका देश हम सब एक है , सबका स्वामी एक कल्कि साधक  फलाग माहन प्रकृति के पंचतत्वों से बने मानव के नश्वर भौतिक शरीर की कर्मभूमि पर एक पल की गारंटी नहीं है, फिर भी मानव अपने मन में अज्ञानतावश मैं , मेरा और मेरे की भावन रखकर अपने अमुल्य मानव जीवन को मिट्टी में मिला देता है ज्ञात रहे कर्मभूमि पर मनुष्यरूपी जीवात्मा के लिए सब कुछ नश्वर व परिवर्तनशील है। ज्ञात रहे कर्मभूमि पर मनुष्यरूपी जीवात्मा तन परिवर्तन कभी भी , किसी भी पल हो सकता है।आज का का विकसित इंसान चाहे जितने ताकतवर हथियार बना ले, वो प्रकृति और परमात्मा से नहीं लड़ सकता और नहीं प्रकृति और परमात्मा की मार से बच सकता है ज्ञात रहे ईश्वर ने मानवको विकास धरती को स्वर्ग बनाने के लिए दिए है मानव  सभ्यता को मिट्टी में मिलाने के लिए नहीं ।धरती पर विकास में लिए  हजारों वर्ष लग जाते है॰ महाविनाश के कुछ ही पल काफी है। कर्मभूमि पर अपने विराट आत्मस्वरूप को जानो अपना मानव जीवन सार्थकबनाओं | अधिक जानकारी के लिए Kalki Gyan Sagar एप डाउनलॉड करें - ShareChat