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#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 2.03 हास्य व्यंग ५६न्या ना देश में रहता ना घर में ना चौराहे पर मिलता ना गली मोहल्ले बाजारों में मिलता है यह सत्ताधारी राजनीतिज्ञ है जो विदेश में फिरता हैं! Status (Contacts) + # Aa 2.03 हास्य व्यंग ५६न्या ना देश में रहता ना घर में ना चौराहे पर मिलता ना गली मोहल्ले बाजारों में मिलता है यह सत्ताधारी राजनीतिज्ञ है जो विदेश में फिरता हैं! Status (Contacts) + # - ShareChat