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##जय मां गायत्री जय गुरुवर
#जय मां गायत्री जय गुरुवर - पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी का মুনিখিন বিংবাম गायत्री की साधना सर्व सुलभ ही है और सर्वोत्तम फलदायिनी भी। स्वयं अपने इस छोटे से हमने किये हैं। इस ম কন করহীs তীবনকাল जप साधना में हमें जो अनुभव हुए हैं उनका वर्णन करना उचित न समझकर केवल इतना ही कहना हैं कि-्गायत्री ही भूलोक की कामधेनु है चाहते कल्पवृक्ष है । लोहे को स्वर्ण यह मन्त्र इस भूतल का वाली বালী, aaral महान् বরনান काो 5 पारसमणि गायत्री ही है। वह अमृत निर्झरिणी है, जिसका आचमन 48 वाले को परम तृप्ति और अगाध शान्ति प्राप्त करने आध्यात्मिक ज्ञानगंगा में होती है। गायत्री की प्रकार से पापन्तापों से स्नान करके मनुष्य सब छुटकारा पा सकता है। हमारी सलाह और पथ-्प्रदर्शन में अब तक जिन स्त्री-पुरुषों ने गायत्री की उपासना की है, 31<|45 उनने भी अपने अनुभव संतोषजनक बताये हैं अनुभवों के आधार पर हमारा सुनिश्चित इन सब विश्वास है कि कभी किसी की गायत्री साधना निष्फल नहीं जाती சf आचार्य =पं॰ श्रीराम पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी का মুনিখিন বিংবাম गायत्री की साधना सर्व सुलभ ही है और सर्वोत्तम फलदायिनी भी। स्वयं अपने इस छोटे से हमने किये हैं। इस ম কন করহীs তীবনকাল जप साधना में हमें जो अनुभव हुए हैं उनका वर्णन करना उचित न समझकर केवल इतना ही कहना हैं कि-्गायत्री ही भूलोक की कामधेनु है चाहते कल्पवृक्ष है । लोहे को स्वर्ण यह मन्त्र इस भूतल का वाली বালী, aaral महान् বরনান काो 5 पारसमणि गायत्री ही है। वह अमृत निर्झरिणी है, जिसका आचमन 48 वाले को परम तृप्ति और अगाध शान्ति प्राप्त करने आध्यात्मिक ज्ञानगंगा में होती है। गायत्री की प्रकार से पापन्तापों से स्नान करके मनुष्य सब छुटकारा पा सकता है। हमारी सलाह और पथ-्प्रदर्शन में अब तक जिन स्त्री-पुरुषों ने गायत्री की उपासना की है, 31<|45 उनने भी अपने अनुभव संतोषजनक बताये हैं अनुभवों के आधार पर हमारा सुनिश्चित इन सब विश्वास है कि कभी किसी की गायत्री साधना निष्फल नहीं जाती சf आचार्य =पं॰ श्रीराम - ShareChat