ShareChat
click to see wallet page
search
माँ भद्रकाली कवच #मंत्र एवं मंत्र जप
मंत्र एवं मंत्र जप - भद्रकाली कवच क्रीं क्रीं क्रीं उग्रप्रभे विकटदंष्ट्रे परपक्षं मोहय मोहय पच पच मथ मथ हिंसितुमुद्यता योगिनीचक्रैस्तान् वारय दह दह हन हन मारय मारय ये मां वारय छिन्धि छिन्धि भिन्धि भिन्थि करालिनि गृह्णगृह्ण ओं क्रीं क्रीं क्रीं क्रीं धक स्फूर स्फूर पूर पूर पून पून चूल्व चूल्व धक थम धम मारय मारय सर्वजगद्वशमानय ओं नमः स्वाहा। भद्रकाली कवच क्रीं क्रीं क्रीं उग्रप्रभे विकटदंष्ट्रे परपक्षं मोहय मोहय पच पच मथ मथ हिंसितुमुद्यता योगिनीचक्रैस्तान् वारय दह दह हन हन मारय मारय ये मां वारय छिन्धि छिन्धि भिन्धि भिन्थि करालिनि गृह्णगृह्ण ओं क्रीं क्रीं क्रीं क्रीं धक स्फूर स्फूर पूर पूर पून पून चूल्व चूल्व धक थम धम मारय मारय सर्वजगद्वशमानय ओं नमः स्वाहा। - ShareChat