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हिन्दू संस्कृति और अध्यात्म की जानकारियाँ
#शुभ मुहूर्त #पूजन विधि
शुभ मुहूर्त - 30-01-26 शुक्र प्रदोष व्रत शुक्रवार शुक्र प्रदोष व्रत को जीवन में खुशहाली लाने वाला माना गया है इस दिन शिवलिंग पर कच्चे चावल अर्पित करने चाहिए। त्रयोदशी तिथि की पूजा - के दिन प्रदोष काल में ही प्रदोष व्रत ' अर्चना करनी चाहिए प्रदोष काल वह समय होता है जब दिन और रात मिलते हैं। ऊँ शशिशेखराय नमः त्रयोदशी तिथि शुक्रवार के दिन पड़ती है, तो उसे शुक्र प्रदोष जब कहा जाता है। प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है, शुक्रवार का संबंध माता लक्ष्मी और सौभाग्य से होता है। शुक्र प्रदोष व्रत से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं, परिवार में खुशियों का संचार होता है। शुक्र प्रदोष व्रत के दिन शिवजी को गंगा जल, अक्षत्, पुष्प, धतूरा, गाय का दूध आदि अर्पित कर पूजन करना चंदन, ` धूप, फल, चाहिये। 30-01-26 शुक्र प्रदोष व्रत शुक्रवार शुक्र प्रदोष व्रत को जीवन में खुशहाली लाने वाला माना गया है इस दिन शिवलिंग पर कच्चे चावल अर्पित करने चाहिए। त्रयोदशी तिथि की पूजा - के दिन प्रदोष काल में ही प्रदोष व्रत ' अर्चना करनी चाहिए प्रदोष काल वह समय होता है जब दिन और रात मिलते हैं। ऊँ शशिशेखराय नमः त्रयोदशी तिथि शुक्रवार के दिन पड़ती है, तो उसे शुक्र प्रदोष जब कहा जाता है। प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है, शुक्रवार का संबंध माता लक्ष्मी और सौभाग्य से होता है। शुक्र प्रदोष व्रत से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं, परिवार में खुशियों का संचार होता है। शुक्र प्रदोष व्रत के दिन शिवजी को गंगा जल, अक्षत्, पुष्प, धतूरा, गाय का दूध आदि अर्पित कर पूजन करना चंदन, ` धूप, फल, चाहिये। - ShareChat
#शुभ मुहूर्त #पूजन विधि
शुभ मुहूर्त - 30-01-26 शुक्र प्रदोष व्रत शुक्रवार शुक्र प्रदोष व्रत को जीवन में खुशहाली लाने वाला माना गया है इस दिन शिवलिंग पर कच्चे चावल अर्पित करने चाहिए। त्रयोदशी तिथि की पूजा - के दिन प्रदोष काल में ही प्रदोष व्रत ' अर्चना करनी चाहिए प्रदोष काल वह समय होता है जब दिन और रात मिलते हैं। ऊँ शशिशेखराय नमः त्रयोदशी तिथि शुक्रवार के दिन पड़ती है, तो उसे शुक्र प्रदोष जब कहा जाता है। प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है, शुक्रवार का संबंध माता लक्ष्मी और सौभाग्य से होता है। शुक्र प्रदोष व्रत से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं, परिवार में खुशियों का संचार होता है। शुक्र प्रदोष व्रत के दिन शिवजी को गंगा जल, अक्षत्, पुष्प, धतूरा, गाय का दूध आदि अर्पित कर पूजन करना चंदन, ` धूप, फल, चाहिये। 30-01-26 शुक्र प्रदोष व्रत शुक्रवार शुक्र प्रदोष व्रत को जीवन में खुशहाली लाने वाला माना गया है इस दिन शिवलिंग पर कच्चे चावल अर्पित करने चाहिए। त्रयोदशी तिथि की पूजा - के दिन प्रदोष काल में ही प्रदोष व्रत ' अर्चना करनी चाहिए प्रदोष काल वह समय होता है जब दिन और रात मिलते हैं। ऊँ शशिशेखराय नमः त्रयोदशी तिथि शुक्रवार के दिन पड़ती है, तो उसे शुक्र प्रदोष जब कहा जाता है। प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है, शुक्रवार का संबंध माता लक्ष्मी और सौभाग्य से होता है। शुक्र प्रदोष व्रत से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं, परिवार में खुशियों का संचार होता है। शुक्र प्रदोष व्रत के दिन शिवजी को गंगा जल, अक्षत्, पुष्प, धतूरा, गाय का दूध आदि अर्पित कर पूजन करना चंदन, ` धूप, फल, चाहिये। - ShareChat
#पूजन विधि
पूजन विधि - ShareChat
#शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त - शुक्र प्रदोष व्रत 30ಾ जनवरी २०२६ Friday शुक्रवार देवी पार्वती को मोतियों की माला पहनाते हुये भगवान शिव शुक्र प्रदोष शुक्र शुक्ल प्रदोष व्रत शुक्रवार, जनवरी ३०, २०२६ को प्रदोष पूजा मुहूर्त - १७:४१ 20:17 मिनट्स  अवधि - ०२ घण्टे ३६ का प्रदोष समय - १७४१ 20:17 त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ - जनवरी ३०, २०२६ को 1 १:०९ बजे त्रयोदशी तिथि समाप्त অনবঠী 31, 2026 ব্রী 08:25 ব্রতী शुक्र प्रदोष व्रत 30ಾ जनवरी २०२६ Friday शुक्रवार देवी पार्वती को मोतियों की माला पहनाते हुये भगवान शिव शुक्र प्रदोष शुक्र शुक्ल प्रदोष व्रत शुक्रवार, जनवरी ३०, २०२६ को प्रदोष पूजा मुहूर्त - १७:४१ 20:17 मिनट्स  अवधि - ०२ घण्टे ३६ का प्रदोष समय - १७४१ 20:17 त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ - जनवरी ३०, २०२६ को 1 १:०९ बजे त्रयोदशी तिथि समाप्त অনবঠী 31, 2026 ব্রী 08:25 ব্রতী - ShareChat
#व्रत एवं त्योहार
व्रत एवं त्योहार - हिन्दुओं के व्रत,पर्व 3 dl-<ZR २७, माघ द्वादशी शुक्ल पक्ष 30 विक्रम २०८२ कालयुक्त सम्वत जनवरी २०२६ शुक्रवार वाराणसी, भारत एकादशी पारण शुक्र प्रदोष व्रत सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, बिडाल योग जया एकादशी पारण তমা शुक्र प्रदोष व्रत हिन्दुओं के व्रत,पर्व 3 dl-<ZR २७, माघ द्वादशी शुक्ल पक्ष 30 विक्रम २०८२ कालयुक्त सम्वत जनवरी २०२६ शुक्रवार वाराणसी, भारत एकादशी पारण शुक्र प्रदोष व्रत सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, बिडाल योग जया एकादशी पारण তমা शुक्र प्रदोष व्रत - ShareChat
#शुभ मुहूर्त
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#शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त - २७, माघ Panchang द्वादशी शुक्ल पक्ष 30 २०८२ कालयुक्त, विक्रम सम्चत जनवरी २०२६ शुकरवार वाराणसी, भारत एकादशी पारण शुक्र प्रदोष व्रत सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, विडाल योग जय पञ्चक रहित मुहूर्त एवं उदय-लग्न आज के दिन के लिए पञ्चक रहित मुहूर्त आज के दिन के लिए उदय लग्न मुहूर्तृ থুল মুচুন - 06:42 # 07:32  जनवरी २९ को २९ ४७+ बजे से 0७:३२ T मकर - 07:32 709:03 कुम्भ - ०७:३२ से 09:०३ रोग पञ्चक ) 47-09:03 710:31 शुभ मुहूर्त - ०९:०३ से १०:३१ থুল্স মুচুন - 10:31 ম 11:09  00 मेष - १0:३१ 12:09 रोग पञ्चक ४   वृषभ - १२:०९  11:09#12:09 14:06 शुभ मुहूर्त - १२:०९ से १४:०६ मिथुन -  [ 14:06 স 16:20 14:06 16:20 % कर्क मृत्यु पञ्चक 16:20 18:38 आग्नि पञ्चक 16:20 18:38 & Rగ 20:52 18:38 शुभ मुहूर्त - १8:३८ T) 20:52 20:52 23:05 कन्या 23:05 20:52 ? रज पञ्चक 23:05 25:21+ तुला शुभ मुहूर्त - २३:०५ 25:21+ वृश्चिक - २५:२१ + से २७:३8+ चोर पञ्चक 25:21+ 27:27+ 47-27:38+ 29:43+ 27.27+ 27:38+ मुहूर्त - शुभ  रोग पञ्चक 27:38+ 29:43+ शुभ मुहूर्त - २९:४३+ 30:42+ २७, माघ Panchang द्वादशी शुक्ल पक्ष 30 २०८२ कालयुक्त, विक्रम सम्चत जनवरी २०२६ शुकरवार वाराणसी, भारत एकादशी पारण शुक्र प्रदोष व्रत सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, विडाल योग जय पञ्चक रहित मुहूर्त एवं उदय-लग्न आज के दिन के लिए पञ्चक रहित मुहूर्त आज के दिन के लिए उदय लग्न मुहूर्तृ থুল মুচুন - 06:42 # 07:32  जनवरी २९ को २९ ४७+ बजे से 0७:३२ T मकर - 07:32 709:03 कुम्भ - ०७:३२ से 09:०३ रोग पञ्चक ) 47-09:03 710:31 शुभ मुहूर्त - ०९:०३ से १०:३१ থুল্স মুচুন - 10:31 ম 11:09  00 मेष - १0:३१ 12:09 रोग पञ्चक ४   वृषभ - १२:०९  11:09#12:09 14:06 शुभ मुहूर्त - १२:०९ से १४:०६ मिथुन -  [ 14:06 স 16:20 14:06 16:20 % कर्क मृत्यु पञ्चक 16:20 18:38 आग्नि पञ्चक 16:20 18:38 & Rగ 20:52 18:38 शुभ मुहूर्त - १8:३८ T) 20:52 20:52 23:05 कन्या 23:05 20:52 ? रज पञ्चक 23:05 25:21+ तुला शुभ मुहूर्त - २३:०५ 25:21+ वृश्चिक - २५:२१ + से २७:३8+ चोर पञ्चक 25:21+ 27:27+ 47-27:38+ 29:43+ 27.27+ 27:38+ मुहूर्त - शुभ  रोग पञ्चक 27:38+ 29:43+ शुभ मुहूर्त - २९:४३+ 30:42+ - ShareChat
#शुभ मुहूर्त #पूजन विधि
शुभ मुहूर्त - 29-01-26 एकादशी जया गुरुवार माघ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को जया  एकादशी का व्रत रखने का विधान शास्त्रों में बताया गया है, इस एकादशी को को दुख एकादशी भी कहते हैं। जया एकादशी  दरिद्रता और अजा कष्ट मुक्ति के लिए विशेष रूप से प्रभावी माना गया है। माघ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी अर्थात ११वीं तिथि को जया एकादशी का व्रत का विधान शास्त्रों में बताया गया है॰ इस एकादशी 9 को अजा एकादशी भी कहते हैं। माघ मास की एकादशी तिथि २८ जनवरी २०२६ को दोपहर 2 बजे से शुरू शुरू हो कर, २१ जनवरी २०२६ को सुबह ११ बजकर ३८ मिनट आर समाप्त होगी। २१ जनवरी को जया एकादशी का व्रत रखा जायेगा , जिसका पारण अगले दिन ३० जनवरी २०२६ की सुबह ०६ बजकर ३४ मिनट से ०१ बजकर २१ मिनट तक किया जायेगा | संस्कृति में सभी २६ एकादशियों को अमोघ फल देने वाला बताया HRdy गया है, किंतु जया एकादशी को दुख, दरिद्रता और कष्टमुक्ति के लिए विशेष रूप से प्रभावी माना गया है। एकादशी कथा का वर्णन पद्मपुराण सहित कई प्राचीन आख्यानों में है। इस 29-01-26 एकादशी जया गुरुवार माघ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को जया  एकादशी का व्रत रखने का विधान शास्त्रों में बताया गया है, इस एकादशी को को दुख एकादशी भी कहते हैं। जया एकादशी  दरिद्रता और अजा कष्ट मुक्ति के लिए विशेष रूप से प्रभावी माना गया है। माघ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी अर्थात ११वीं तिथि को जया एकादशी का व्रत का विधान शास्त्रों में बताया गया है॰ इस एकादशी 9 को अजा एकादशी भी कहते हैं। माघ मास की एकादशी तिथि २८ जनवरी २०२६ को दोपहर 2 बजे से शुरू शुरू हो कर, २१ जनवरी २०२६ को सुबह ११ बजकर ३८ मिनट आर समाप्त होगी। २१ जनवरी को जया एकादशी का व्रत रखा जायेगा , जिसका पारण अगले दिन ३० जनवरी २०२६ की सुबह ०६ बजकर ३४ मिनट से ०१ बजकर २१ मिनट तक किया जायेगा | संस्कृति में सभी २६ एकादशियों को अमोघ फल देने वाला बताया HRdy गया है, किंतु जया एकादशी को दुख, दरिद्रता और कष्टमुक्ति के लिए विशेष रूप से प्रभावी माना गया है। एकादशी कथा का वर्णन पद्मपुराण सहित कई प्राचीन आख्यानों में है। इस - ShareChat
#पूजन विधि
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#शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त - भीष्म द्वादशी 29ai जनवरी २०२६ Thursday गुरुवार विष्णु गरुड़ पर सवार भगवान भीष्म द्वादशी समय भीष्म द्वादशी बृहस्पतिवार, जनवरी २९, २०२६ को जनवरी को, द्वादशी पारण समय 06:42 08:54 ३०वाँ . पारण के दिन द्वादशी सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाएगी। द्वादशी तिथि प्रारम्भ जनवरी २९, २०२६ को १३:५५ बजे द्वादशी तिथि समाप्त जनवरी ३०, २०२६ को ११:०९ बजे भीष्म द्वादशी 29ai जनवरी २०२६ Thursday गुरुवार विष्णु गरुड़ पर सवार भगवान भीष्म द्वादशी समय भीष्म द्वादशी बृहस्पतिवार, जनवरी २९, २०२६ को जनवरी को, द्वादशी पारण समय 06:42 08:54 ३०वाँ . पारण के दिन द्वादशी सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाएगी। द्वादशी तिथि प्रारम्भ जनवरी २९, २०२६ को १३:५५ बजे द्वादशी तिथि समाप्त जनवरी ३०, २०२६ को ११:०९ बजे - ShareChat