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हिन्दू संस्कृति और अध्यात्म की जानकारियाँ
#शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त - पूर्णिमा Iq १ वाँ फरवरी २०२६ Sunday रविवार चन्द्रदेव को अर्घ्य देते वृद्ध दम्पति पूर्णिमा माघ 74 पूर्णिमा रविवार, फरवरी १, २०२६ को মাঘ पूर्णिमा के दिन चन्द्रोदय  17.09 पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ जनवरी ३१ , २०२६ को २९:५२+ बजे फरवरी ०१ , २०२६ को २७:३८+ बजे নিথি সমাদ पूर्णिमा Iq १ वाँ फरवरी २०२६ Sunday रविवार चन्द्रदेव को अर्घ्य देते वृद्ध दम्पति पूर्णिमा माघ 74 पूर्णिमा रविवार, फरवरी १, २०२६ को মাঘ पूर्णिमा के दिन चन्द्रोदय  17.09 पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ जनवरी ३१ , २०२६ को २९:५२+ बजे फरवरी ०१ , २०२६ को २७:३८+ बजे নিথি সমাদ - ShareChat
#शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त - थाईपूसम १ वाँ फरवरी २०२६ रविवार Sunday थाईपूसम थाईपूसम शुभ मुहूर्त थाई पूसम रविवार, फरवरी १, २०२६ को पूसम् नक्षत्रम् प्रारम्भ - जनवरी ३१ , २०२६ को २५:३४+ बजे फरवरी ०१ , २०२६ को २३:५८ बजे पूसम् नक्षत्रम् समाप्त थाईपूसम १ वाँ फरवरी २०२६ रविवार Sunday थाईपूसम थाईपूसम शुभ मुहूर्त थाई पूसम रविवार, फरवरी १, २०२६ को पूसम् नक्षत्रम् प्रारम्भ - जनवरी ३१ , २०२६ को २५:३४+ बजे फरवरी ०१ , २०२६ को २३:५८ बजे पूसम् नक्षत्रम् समाप्त - ShareChat
माँ ललिता प्राकट्योत्सव #शुभ मुहूर्त #पूजन विधि
शुभ मुहूर्त - 01-02-26 मां ललिता प्राकट्योत्सव रविवार मां ललिता प्राकट्योत्सव का पर्व माघ मास के शुक्ल पक्ष में मनाया  है। इन्हें महात्रिपुरसुन्दरी षोडशी ललिता लीलावती, लीलामती, जाता ललिताम्बिका, लीलेशी, लीलेश्वरी, तथा राजराजेश्वरी भी कहते हैं। इन्हें दस महाविद्याओं की तीसरी महाविद्या माना जाता है ऊँ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुर सुंदरीयै नमः मां ललिता प्राकट्योत्सव का पर्व माघ मास के शुक्ल पक्ष को मनाया जाता है, इस दिन की पूजा ` मां ललिता की जाती है। की पूजा ` इस दिन मां ललिता के साथ ही स्कंदमाता और भगवान शंकर ' भी की जाती है। माता ललिता को राजेश्वरी, षोडशी, त्रिपुरा सुंदरी आदि नामों से भी जाना जाता है। इस दिन माँ के मन्त्र ऊँ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुर सुंदरीयै नमः का जाप करना चाहिये। 01-02-26 मां ललिता प्राकट्योत्सव रविवार मां ललिता प्राकट्योत्सव का पर्व माघ मास के शुक्ल पक्ष में मनाया  है। इन्हें महात्रिपुरसुन्दरी षोडशी ललिता लीलावती, लीलामती, जाता ललिताम्बिका, लीलेशी, लीलेश्वरी, तथा राजराजेश्वरी भी कहते हैं। इन्हें दस महाविद्याओं की तीसरी महाविद्या माना जाता है ऊँ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुर सुंदरीयै नमः मां ललिता प्राकट्योत्सव का पर्व माघ मास के शुक्ल पक्ष को मनाया जाता है, इस दिन की पूजा ` मां ललिता की जाती है। की पूजा ` इस दिन मां ललिता के साथ ही स्कंदमाता और भगवान शंकर ' भी की जाती है। माता ललिता को राजेश्वरी, षोडशी, त्रिपुरा सुंदरी आदि नामों से भी जाना जाता है। इस दिन माँ के मन्त्र ऊँ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुर सुंदरीयै नमः का जाप करना चाहिये। - ShareChat
#शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त - रविदास जयन्ती 1r फरवरी २०२६ रविवार Sunday रविदास 8 1 सतगुरु रविदास जयन्ती जन्म वर्षगाँठ गुरु रविदास की 6499া रविदास जयन्ती रविवार, फरवरी १, २०२६ को पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ - जनवरी ३१ , २०२६ को २९ ५२+ बजे पूर्णिमा तिथि समाप्त - फरवरी ०१ , २०२६ को २७ ३८+ बजे रविदास जयन्ती 1r फरवरी २०२६ रविवार Sunday रविदास 8 1 सतगुरु रविदास जयन्ती जन्म वर्षगाँठ गुरु रविदास की 6499া रविदास जयन्ती रविवार, फरवरी १, २०२६ को पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ - जनवरी ३१ , २०२६ को २९ ५२+ बजे पूर्णिमा तिथि समाप्त - फरवरी ०१ , २०२६ को २७ ३८+ बजे - ShareChat
#व्रत एवं त्योहार
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#शुभ मुहूर्त
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#शुभ मुहूर्त
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#शुभ मुहूर्त #पूजन विधि
शुभ मुहूर्त - 30-01-26 शुक्र प्रदोष व्रत शुक्रवार शुक्र प्रदोष व्रत को जीवन में खुशहाली लाने वाला माना गया है इस दिन शिवलिंग पर कच्चे चावल अर्पित करने चाहिए। त्रयोदशी तिथि की पूजा - के दिन प्रदोष काल में ही प्रदोष व्रत ' अर्चना करनी चाहिए प्रदोष काल वह समय होता है जब दिन और रात मिलते हैं। ऊँ शशिशेखराय नमः त्रयोदशी तिथि शुक्रवार के दिन पड़ती है, तो उसे शुक्र प्रदोष जब कहा जाता है। प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है, शुक्रवार का संबंध माता लक्ष्मी और सौभाग्य से होता है। शुक्र प्रदोष व्रत से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं, परिवार में खुशियों का संचार होता है। शुक्र प्रदोष व्रत के दिन शिवजी को गंगा जल, अक्षत्, पुष्प, धतूरा, गाय का दूध आदि अर्पित कर पूजन करना चंदन, ` धूप, फल, चाहिये। 30-01-26 शुक्र प्रदोष व्रत शुक्रवार शुक्र प्रदोष व्रत को जीवन में खुशहाली लाने वाला माना गया है इस दिन शिवलिंग पर कच्चे चावल अर्पित करने चाहिए। त्रयोदशी तिथि की पूजा - के दिन प्रदोष काल में ही प्रदोष व्रत ' अर्चना करनी चाहिए प्रदोष काल वह समय होता है जब दिन और रात मिलते हैं। ऊँ शशिशेखराय नमः त्रयोदशी तिथि शुक्रवार के दिन पड़ती है, तो उसे शुक्र प्रदोष जब कहा जाता है। प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है, शुक्रवार का संबंध माता लक्ष्मी और सौभाग्य से होता है। शुक्र प्रदोष व्रत से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं, परिवार में खुशियों का संचार होता है। शुक्र प्रदोष व्रत के दिन शिवजी को गंगा जल, अक्षत्, पुष्प, धतूरा, गाय का दूध आदि अर्पित कर पूजन करना चंदन, ` धूप, फल, चाहिये। - ShareChat
#शुभ मुहूर्त #पूजन विधि
शुभ मुहूर्त - 30-01-26 शुक्र प्रदोष व्रत शुक्रवार शुक्र प्रदोष व्रत को जीवन में खुशहाली लाने वाला माना गया है इस दिन शिवलिंग पर कच्चे चावल अर्पित करने चाहिए। त्रयोदशी तिथि की पूजा - के दिन प्रदोष काल में ही प्रदोष व्रत ' अर्चना करनी चाहिए प्रदोष काल वह समय होता है जब दिन और रात मिलते हैं। ऊँ शशिशेखराय नमः त्रयोदशी तिथि शुक्रवार के दिन पड़ती है, तो उसे शुक्र प्रदोष जब कहा जाता है। प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है, शुक्रवार का संबंध माता लक्ष्मी और सौभाग्य से होता है। शुक्र प्रदोष व्रत से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं, परिवार में खुशियों का संचार होता है। शुक्र प्रदोष व्रत के दिन शिवजी को गंगा जल, अक्षत्, पुष्प, धतूरा, गाय का दूध आदि अर्पित कर पूजन करना चंदन, ` धूप, फल, चाहिये। 30-01-26 शुक्र प्रदोष व्रत शुक्रवार शुक्र प्रदोष व्रत को जीवन में खुशहाली लाने वाला माना गया है इस दिन शिवलिंग पर कच्चे चावल अर्पित करने चाहिए। त्रयोदशी तिथि की पूजा - के दिन प्रदोष काल में ही प्रदोष व्रत ' अर्चना करनी चाहिए प्रदोष काल वह समय होता है जब दिन और रात मिलते हैं। ऊँ शशिशेखराय नमः त्रयोदशी तिथि शुक्रवार के दिन पड़ती है, तो उसे शुक्र प्रदोष जब कहा जाता है। प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है, शुक्रवार का संबंध माता लक्ष्मी और सौभाग्य से होता है। शुक्र प्रदोष व्रत से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं, परिवार में खुशियों का संचार होता है। शुक्र प्रदोष व्रत के दिन शिवजी को गंगा जल, अक्षत्, पुष्प, धतूरा, गाय का दूध आदि अर्पित कर पूजन करना चंदन, ` धूप, फल, चाहिये। - ShareChat
#पूजन विधि
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