wbeauty
ShareChat
click to see wallet page
@241107786
241107786
wbeauty
@241107786
हिन्दू संस्कृति और अध्यात्म की जानकारियाँ
#शुभ मुहूर्त #पूजन विधि #व्रत एवं त्योहार
शुभ मुहूर्त - 03-06-26 विभुवन संकष्टी चतुर्थी बुधवार चतुर्थी पुरुषोत्तम मास में आती है, तब इसे विभुवन  5q46 संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत रखने , गणेश मंत्रों का जप करने तथा रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य देने से सभी प्रकार के कष्ट, बाधाएं और नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं। यह चतुर्थी भगवान श्रीगणेश की अधिक मास में पड़ने वाली उपासना के लिए विशेष है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और और सुख, पूजा करने से जीवन के सभी संकट ' 8 డ్గౌగId समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस साल यह शुभ दिन 3 जून 3t81 धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत रखने , गणेश मंत्रों का जप करने तथा रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य देने से सभी प्रकार के कष्ट , बाधाएं और नकारात्मक दूर होते हैं। प्रभाव चंद्रमा को अर्घ्य देने का समयः रात १०:०४ बजे से १0:४३ बजे तक। 03-06-26 विभुवन संकष्टी चतुर्थी बुधवार चतुर्थी पुरुषोत्तम मास में आती है, तब इसे विभुवन  5q46 संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत रखने , गणेश मंत्रों का जप करने तथा रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य देने से सभी प्रकार के कष्ट, बाधाएं और नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं। यह चतुर्थी भगवान श्रीगणेश की अधिक मास में पड़ने वाली उपासना के लिए विशेष है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और और सुख, पूजा करने से जीवन के सभी संकट ' 8 డ్గౌగId समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस साल यह शुभ दिन 3 जून 3t81 धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत रखने , गणेश मंत्रों का जप करने तथा रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य देने से सभी प्रकार के कष्ट , बाधाएं और नकारात्मक दूर होते हैं। प्रभाव चंद्रमा को अर्घ्य देने का समयः रात १०:०४ बजे से १0:४३ बजे तक। - ShareChat
#व्रत एवं त्योहार
व्रत एवं त्योहार - हिन्दुओं के व्रत,पर्व 312 dl-<ZR १९ ज्येष्ठ ( अथिक) चतुर्थी कृष्ण पक्ष 04 २०८३ सिद्घार्थी, विक्रम सम्वत জুল 2026 बृहस्पतिवार वाराणसी, भारत पुरुषोत्तम मास का १९वाँ दिन पुरुषोत्तम मास का १९वाँ # हिन्दुओं के व्रत,पर्व 312 dl-<ZR १९ ज्येष्ठ ( अथिक) चतुर्थी कृष्ण पक्ष 04 २०८३ सिद्घार्थी, विक्रम सम्वत জুল 2026 बृहस्पतिवार वाराणसी, भारत पुरुषोत्तम मास का १९वाँ दिन पुरुषोत्तम मास का १९वाँ # - ShareChat
#शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त - ShareChat
#शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त - १९ ज्येष्ठ ( अधिक) चतुर्थी पक्ष कृष्ण 04 1ಔತ: २०८३ सिद्घार्थी बिक्रम सम्बत जूत २०२६ बृहस्पतिवार बाराणसी, भारत पुरुषीत्तम मास का १९वाँ दिन मुहूर्त एवं उदय लग्न पञ्चक रहित आज के दिन के लिए पञ्चक रहित मुहूर्त आज के दिन के लिए उदय ्लग्न मुहूर्त वृषभ - जून ०३ को २७:५8+ बजे से 0५:५५ 05:07 ম 05:55  अग्नि पञ्चक ४ 1 #g7- 05:55 =08:09` शुभ मुहूर्त - ०५:५५ से 08:०९ 08:09 410:27 कर्क 08:09 ম 10:27 % रज पञ्चक  Ris থুঞ্স মুন্ুন - 10:27 স 12:41 10.27 # 12.41 T) चोर पञ्चक 12:41 স 14:53 12:41 #14:53 कन्या 9 বুলা - 14:53 স 17:10  14.53 ? 17.10 मुहूर्त - शुभ T रोग पञ्चक वृश्चिक - १७:१० से 1९:२७ 17:10 #19:27 शुभ मुहूर्त - १९:२७ से २१:३२ 43- 19:27=21:32 To . 21:32 4 23:16 21.32 23.16 मृत्यु पञ्चक मकर 23:16 মস 23:30  ಜ 23:16 স 24:47+ अग्ने पञ्चक ক্তু্স )( मीन - २४:४७+ 23:30 24:47+ 26:16+ मुहूर्त - शुभ मेष - २६:1६+ 26:16+ 27:54+ 24:47+ रज पञ्चक अग्नि पञ्चक 26:16+ 27:41+ 27:41+ 27:54+ मुहूर्त - शुभ 27:54+ 29:07+ रज पञ्चक १९ ज्येष्ठ ( अधिक) चतुर्थी पक्ष कृष्ण 04 1ಔತ: २०८३ सिद्घार्थी बिक्रम सम्बत जूत २०२६ बृहस्पतिवार बाराणसी, भारत पुरुषीत्तम मास का १९वाँ दिन मुहूर्त एवं उदय लग्न पञ्चक रहित आज के दिन के लिए पञ्चक रहित मुहूर्त आज के दिन के लिए उदय ्लग्न मुहूर्त वृषभ - जून ०३ को २७:५8+ बजे से 0५:५५ 05:07 ম 05:55  अग्नि पञ्चक ४ 1 #g7- 05:55 =08:09` शुभ मुहूर्त - ०५:५५ से 08:०९ 08:09 410:27 कर्क 08:09 ম 10:27 % रज पञ्चक  Ris থুঞ্স মুন্ুন - 10:27 স 12:41 10.27 # 12.41 T) चोर पञ्चक 12:41 স 14:53 12:41 #14:53 कन्या 9 বুলা - 14:53 স 17:10  14.53 ? 17.10 मुहूर्त - शुभ T रोग पञ्चक वृश्चिक - १७:१० से 1९:२७ 17:10 #19:27 शुभ मुहूर्त - १९:२७ से २१:३२ 43- 19:27=21:32 To . 21:32 4 23:16 21.32 23.16 मृत्यु पञ्चक मकर 23:16 মস 23:30  ಜ 23:16 স 24:47+ अग्ने पञ्चक ক্তু্স )( मीन - २४:४७+ 23:30 24:47+ 26:16+ मुहूर्त - शुभ मेष - २६:1६+ 26:16+ 27:54+ 24:47+ रज पञ्चक अग्नि पञ्चक 26:16+ 27:41+ 27:41+ 27:54+ मुहूर्त - शुभ 27:54+ 29:07+ रज पञ्चक - ShareChat
#व्रत एवं त्योहार
व्रत एवं त्योहार - इस्लामी हिजरी- राष्ट्रीय शाके- १९४८ 1447-48 राष्ट्रीय ज्येष्ठ ११ से ज़िलहिज्ज १४ से राष्ट्रीय आषाढ़ ०९ तक जून मोहर्रम १४ तक विक्रम संवत- २०८३ 2026 बंगला संवत- १४३३ ज्येष्ठ बदी ०१ से बंग ज्येष्ठ १७ से बंग आषाढ़ बदी ०१ तक आषाढ़ १५ तक 04 शाके १४ गते २१ चतुर्थी, कृष्ण पक्ष, उत्तराषाढ़ा हि. १७, जुमेरात, बल्दा बंगला- २० সব্ধম্ী चतुर्थी अनिल शास्त्री, नूतन, एस. पी॰ जन्म बालासुब्रमण्यम अभिमन्यु अनत, अचंत लक्ष्मीपति, सुलभा मृत्यु देशपांडे इस्लामी हिजरी- राष्ट्रीय शाके- १९४८ 1447-48 राष्ट्रीय ज्येष्ठ ११ से ज़िलहिज्ज १४ से राष्ट्रीय आषाढ़ ०९ तक जून मोहर्रम १४ तक विक्रम संवत- २०८३ 2026 बंगला संवत- १४३३ ज्येष्ठ बदी ०१ से बंग ज्येष्ठ १७ से बंग आषाढ़ बदी ०१ तक आषाढ़ १५ तक 04 शाके १४ गते २१ चतुर्थी, कृष्ण पक्ष, उत्तराषाढ़ा हि. १७, जुमेरात, बल्दा बंगला- २० সব্ধম্ী चतुर्थी अनिल शास्त्री, नूतन, एस. पी॰ जन्म बालासुब्रमण्यम अभिमन्यु अनत, अचंत लक्ष्मीपति, सुलभा मृत्यु देशपांडे - ShareChat
#शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त - विभुवन संकष्टी ३वाँ जून २०२६ Wednesday बुधवार विभुवन संकष्टी चतुर्थी 0 కడ ~aorre ~ विभुवन संकष्टी का समय विभुवन  संकष्टी चतुर्थी बुधवार, जून ३, २०२६ को से जून संकष्टी के दिन चन्द्रोदय 21:31 ०४ को २२:१२ बजे २४ घण्टे ४१ मिनट्स अवधि तिथि प्रारम्भ जून ०३, २०२६ को २१२१ बजे चतुर्थी  নিথি সমাদ जून ०४, २०२६ को २३:३० बजे বনু্থী विभुवन संकष्टी ३वाँ जून २०२६ Wednesday बुधवार विभुवन संकष्टी चतुर्थी 0 కడ ~aorre ~ विभुवन संकष्टी का समय विभुवन  संकष्टी चतुर्थी बुधवार, जून ३, २०२६ को से जून संकष्टी के दिन चन्द्रोदय 21:31 ०४ को २२:१२ बजे २४ घण्टे ४१ मिनट्स अवधि तिथि प्रारम्भ जून ०३, २०२६ को २१२१ बजे चतुर्थी  নিথি সমাদ जून ०४, २०२६ को २३:३० बजे বনু্থী - ShareChat
#पूजन विधि
पूजन विधि - विभुवन  संकष्टी चतुर्थी 2026 विभुवन हिन्दु पञ्चाङ्ग के अनुसार अधिक मास् के कृष्ण पक्ष की संकष्टी को विभुवन संकष्टी के रूप में मनाया जाता है। अधिक मास में आने के कारण माना जाता है क्योंकि यह प्रत्येक ढाई वर्ष के संकष्टी को अत्यन्त दुर्लभ विभुवन  संकष्टी किसी भी चन्द्र माह में पड़ सकती है अतः সানী ৯ ওপযান इसके लिये कोई निश्चित माह निर्धारित नहीं है। किन्तु माह के परिवर्तित होने से इसके नाम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है, अतः किसी भी माह में अधिक विभुवन  पडने पर कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी के रूप में ही मनाया मास जाता है। विभुवन  इस दिन भगवान गणपति के गणेश रूप की आराधना की जाती है। विभुवन  अर्थ 'तीनों लोकों में विद्यमान' अथवा 'तीनों लोकों को प्रकाशित বরা विभुवन " गणेश कर अभिप्राय है, तीनों लोकों में करने वाले होता है। अतः विद्यमान रहने वाले भगवान गणेश। विभुवन  संकष्टी के दिन व्रत एवं पूजन का विधान अन्य संकष्टी व्रतों हालाँकि के समान ही है, किन्तु इस दिन विशेष रूप से भगवान गणेश को नारियल के लड्डुओं : का भोग लगाया जाता है। अधिक मास होने के कारण इस दिन किये गये जप, तप, पूजन तथा व्रत आदि का सामान्य संकष्टी के व्रत् की तुलना में अनेक गुणा फल प्राप्त होता है। यह उत्तम व्रत सभी मनोरथ पूर्ण करने तथा समस्त कष्टों का निवारण करने वाला है। विभुवन  संकष्टी चतुर्थी 2026 विभुवन हिन्दु पञ्चाङ्ग के अनुसार अधिक मास् के कृष्ण पक्ष की संकष्टी को विभुवन संकष्टी के रूप में मनाया जाता है। अधिक मास में आने के कारण माना जाता है क्योंकि यह प्रत्येक ढाई वर्ष के संकष्टी को अत्यन्त दुर्लभ विभुवन  संकष्टी किसी भी चन्द्र माह में पड़ सकती है अतः সানী ৯ ওপযান इसके लिये कोई निश्चित माह निर्धारित नहीं है। किन्तु माह के परिवर्तित होने से इसके नाम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है, अतः किसी भी माह में अधिक विभुवन  पडने पर कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी के रूप में ही मनाया मास जाता है। विभुवन  इस दिन भगवान गणपति के गणेश रूप की आराधना की जाती है। विभुवन  अर्थ 'तीनों लोकों में विद्यमान' अथवा 'तीनों लोकों को प्रकाशित বরা विभुवन " गणेश कर अभिप्राय है, तीनों लोकों में करने वाले होता है। अतः विद्यमान रहने वाले भगवान गणेश। विभुवन  संकष्टी के दिन व्रत एवं पूजन का विधान अन्य संकष्टी व्रतों हालाँकि के समान ही है, किन्तु इस दिन विशेष रूप से भगवान गणेश को नारियल के लड्डुओं : का भोग लगाया जाता है। अधिक मास होने के कारण इस दिन किये गये जप, तप, पूजन तथा व्रत आदि का सामान्य संकष्टी के व्रत् की तुलना में अनेक गुणा फल प्राप्त होता है। यह उत्तम व्रत सभी मनोरथ पूर्ण करने तथा समस्त कष्टों का निवारण करने वाला है। - ShareChat
#व्रत एवं त्योहार
व्रत एवं त्योहार - हिन्दुओं के व्रत,पर्व 3 dl-<ZR १८, ज्येष्ठ ( अधिक) ப तृतीया कृष्ण 03 २०८३ सिद्धार्थी, विक्रम सम्बत जून २०२६ बुधवार वाराणसी, भारत पुरुषोत्तम मास का १८वाँ दिन, विभुवन संकष्टी, भद्रा, विडाल योग पुरुषोत्तम मास का 189া নিন विभुवन संकष्टी हिन्दुओं के व्रत,पर्व 3 dl-<ZR १८, ज्येष्ठ ( अधिक) ப तृतीया कृष्ण 03 २०८३ सिद्धार्थी, विक्रम सम्बत जून २०२६ बुधवार वाराणसी, भारत पुरुषोत्तम मास का १८वाँ दिन, विभुवन संकष्टी, भद्रा, विडाल योग पुरुषोत्तम मास का 189া নিন विभुवन संकष्टी - ShareChat
#शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त - ShareChat