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हिन्दू संस्कृति और अध्यात्म की जानकारियाँ
#शुभ मुहूर्त #पूजन विधि
शुभ मुहूर्त - 07-02-26 मॉ यशोदा जन्मोत्सव शनिवार में कृष्ण " पक्ष की षष्ठी तिथि को यशोदा जन्मोत्सव ক্ালুন মাম मनाया जाता है, इस दिन माताएं अपने बच्चों के लिए व्रत करती हैं और उनके सुख की मंगलकामनाएं करती हैं । यह त्यौहार गुजरात, महाराष्ट्र तथा दक्षिण भारतीय राज्यों में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। ; TಹtuT ' पक्ष की षष्ठी तिथि को यशोदा जन्मोत्सव हिन्दू पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह मनाया जाता है। से हुआ,  ही श्रीकृष्ण का जन्म मां देवकी के गर्भ ; लेकिन संसार उनको यशोदा के भले लाल के रूप में ही जानता है। माता यशोदा ने ही नन्हे से श्रीकृष्ण का स्नेह, ममता और प्रेम से पालन पोषण किया था। इस दिन माताएं अपने बच्चों के लिए व्रत करती हैं और उनके सुख की मंगलकामनाएं श्री कृष्ण ' करती हैं। इस दिन मां यशोदा का ध्यान करते हुए भगवान की मूर्ति सामने दीपक जलाएं। जी की गोद में बैठे हुए कृष्ण जी की और मां यशोदा की पूजा करने से इस दिन यशोदा हैं। हर तरह की संतान संबंधी परेशानियां  दूर होती ; फाल्गुन कृष्ण षष्ठी तिथि की शुरुआत 7 फरवरी को रात ०१ बजकर १८ मिनट पर हो रही है, वहीं इस तिथि का समापन 8 फरवरी को रात ०२ बजकर ५४ मिनट पर होगा। इस बार यशोदा जन्मोत्सव फरवरी को मनाया जाएगा| 07-02-26 मॉ यशोदा जन्मोत्सव शनिवार में कृष्ण " पक्ष की षष्ठी तिथि को यशोदा जन्मोत्सव ক্ালুন মাম मनाया जाता है, इस दिन माताएं अपने बच्चों के लिए व्रत करती हैं और उनके सुख की मंगलकामनाएं करती हैं । यह त्यौहार गुजरात, महाराष्ट्र तथा दक्षिण भारतीय राज्यों में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। ; TಹtuT ' पक्ष की षष्ठी तिथि को यशोदा जन्मोत्सव हिन्दू पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह मनाया जाता है। से हुआ,  ही श्रीकृष्ण का जन्म मां देवकी के गर्भ ; लेकिन संसार उनको यशोदा के भले लाल के रूप में ही जानता है। माता यशोदा ने ही नन्हे से श्रीकृष्ण का स्नेह, ममता और प्रेम से पालन पोषण किया था। इस दिन माताएं अपने बच्चों के लिए व्रत करती हैं और उनके सुख की मंगलकामनाएं श्री कृष्ण ' करती हैं। इस दिन मां यशोदा का ध्यान करते हुए भगवान की मूर्ति सामने दीपक जलाएं। जी की गोद में बैठे हुए कृष्ण जी की और मां यशोदा की पूजा करने से इस दिन यशोदा हैं। हर तरह की संतान संबंधी परेशानियां  दूर होती ; फाल्गुन कृष्ण षष्ठी तिथि की शुरुआत 7 फरवरी को रात ०१ बजकर १८ मिनट पर हो रही है, वहीं इस तिथि का समापन 8 फरवरी को रात ०२ बजकर ५४ मिनट पर होगा। इस बार यशोदा जन्मोत्सव फरवरी को मनाया जाएगा| - ShareChat
#शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त - यशोदा जयन्ती ai फरवरी २०२६ Saturday शनिवार माता यशोदा चन्दा मामा की कथा  सुनाते हुए यशोदा जयन्ती समय यशोदा जयन्ती शनिवार, फरवरी ७, २०२६ को षष्ठी तिथि प्रारम्भ - फरवरी ०६, २०२६ को २५:१८+ बजे षष्ठी तिथि समाप्त : फरवरी ०७ , २०२६ को २६:५४+ बजे यशोदा जयन्ती ai फरवरी २०२६ Saturday शनिवार माता यशोदा चन्दा मामा की कथा  सुनाते हुए यशोदा जयन्ती समय यशोदा जयन्ती शनिवार, फरवरी ७, २०२६ को षष्ठी तिथि प्रारम्भ - फरवरी ०६, २०२६ को २५:१८+ बजे षष्ठी तिथि समाप्त : फरवरी ०७ , २०२६ को २६:५४+ बजे - ShareChat
#gold and silver price
gold and silver price - GOLD 152,450.00 +0.00 (+0.000%) 1Ogm Rs ২ SILVER 247,320.00 +0.00 (+0.000%) 1kg Rs र GOLD 152,450.00 +0.00 (+0.000%) 1Ogm Rs ২ SILVER 247,320.00 +0.00 (+0.000%) 1kg Rs र - ShareChat
#शुभ मुहूर्त
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#शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त - 06, फाल्गुन Panchang कृष्ण पक्ष, षष्ठी 07 २०८२ कालयुक्त, विक्रम सम्वत फरवरी २०२६ থনিনাৎ वाराणसी, भारत यशोदा जयन्ती, भद्रा , सर्वार्थ सिद्धि योग रबि योग, बिडाल योग रहित मुहूर्त एवं उदय लग्न पञ्चक आज के दिन के लिए उदय लग्न मुहूर्त आज के दिन के लिए पञ्चक रहित मुहूर्त मकर - फररी ०६ को २९:१६+ बजे से ०७:०० 06:38 স 07:00  1 मुहूर्त - থুণ্স  रोग पञ्चक - ०७:०० से 08:३१ ^M ক্রুন্স- 07:00 ম 08:31 # #-08.31 #10.00  থুণ্স মুমুন - 08:31 স 10:00  00 79-10:00711:38 शुभ मुहूर्त - १०:०० से ११:३८ रोग पञ्चक - ११:३८ से १३:३५ ४   वृषभ - ११३८ से १३:३५ शुभ मुहूर्त - १३३५ से १५:४९ g7- I 13:35 715:49 पञ्चक - १५:४९ 18:07 ७ कर्क 15.49 18:07 0 Rగ 18:07 20.21 आग्न पञ्चक 20.21 18:07 शुभ मुहूर्त - २०:२१ 22:33 T) 20.21 22:33 कन्या 22:33 24:50+ ? रज पञ्चक 22:33 24:50+ तुला शुभ मुहूर्त - २४:५०+ 26:28+ %$-24:50+ 27:07+ पञ्चक - २६:२८+ 26:54+ 43-27:07+ 29:12+ शुभ मुहूर्त - २६:५४+ 27:07+ 29:12+ राग पञ्चक - २७:०७+ शुभ मुहूर्त - २९:१२+ 30:37+ 06, फाल्गुन Panchang कृष्ण पक्ष, षष्ठी 07 २०८२ कालयुक्त, विक्रम सम्वत फरवरी २०२६ থনিনাৎ वाराणसी, भारत यशोदा जयन्ती, भद्रा , सर्वार्थ सिद्धि योग रबि योग, बिडाल योग रहित मुहूर्त एवं उदय लग्न पञ्चक आज के दिन के लिए उदय लग्न मुहूर्त आज के दिन के लिए पञ्चक रहित मुहूर्त मकर - फररी ०६ को २९:१६+ बजे से ०७:०० 06:38 স 07:00  1 मुहूर्त - থুণ্স  रोग पञ्चक - ०७:०० से 08:३१ ^M ক্রুন্স- 07:00 ম 08:31 # #-08.31 #10.00  থুণ্স মুমুন - 08:31 স 10:00  00 79-10:00711:38 शुभ मुहूर्त - १०:०० से ११:३८ रोग पञ्चक - ११:३८ से १३:३५ ४   वृषभ - ११३८ से १३:३५ शुभ मुहूर्त - १३३५ से १५:४९ g7- I 13:35 715:49 पञ्चक - १५:४९ 18:07 ७ कर्क 15.49 18:07 0 Rగ 18:07 20.21 आग्न पञ्चक 20.21 18:07 शुभ मुहूर्त - २०:२१ 22:33 T) 20.21 22:33 कन्या 22:33 24:50+ ? रज पञ्चक 22:33 24:50+ तुला शुभ मुहूर्त - २४:५०+ 26:28+ %$-24:50+ 27:07+ पञ्चक - २६:२८+ 26:54+ 43-27:07+ 29:12+ शुभ मुहूर्त - २६:५४+ 27:07+ 29:12+ राग पञ्चक - २७:०७+ शुभ मुहूर्त - २९:१२+ 30:37+ - ShareChat
#gold and silver price
gold and silver price - GOLD 153,570.00 +0.00 (+0.000%) Rs ? / 10gm SILVER 271,480.00 +0.00 (+0.000%) GOLD 153,570.00 +0.00 (+0.000%) Rs ? / 10gm SILVER 271,480.00 +0.00 (+0.000%) - ShareChat
#व्रत एवं त्योहार
व्रत एवं त्योहार - हिन्दुओं के व्रत,पर्व 312 dl-<ZR ०५, फाल्गुन कृष्ण पक्ष, पञ्चमी 06 २०८२ कालयुक्त, विक्रम सम्वत फररी २०२६ शुकवार वाराणसी भारत इस दिन कोई महत्वपूर्ण 8 7|6R नहों हैं। हिन्दुओं के व्रत,पर्व 312 dl-<ZR ०५, फाल्गुन कृष्ण पक्ष, पञ्चमी 06 २०८२ कालयुक्त, विक्रम सम्वत फररी २०२६ शुकवार वाराणसी भारत इस दिन कोई महत्वपूर्ण 8 7|6R नहों हैं। - ShareChat
#शुभ मुहूर्त
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#शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त - ०५, फाल्गुन ಹurua , usari Panchang 06 २०८२ कालयुक्त, विक्रम सम्वत फखवरी २०२६ शुकरवार वाराणसी भारत रहित मुहूर्त एवं उदय-लग्न पञ्चक आज के दिन के लिए उदय लग्न मुहूर्त् आज के दिन के लिए पञ्चक रहित मुहूर्तृ मकर - फररी ०५ को २९ १९+ बजे से ०७:०४ 06:39 707:04 I रज पञ्चक থুল্স মুচুন - 07:04 ঊ 08:35  ~ 341 - 07.04 # 08,35 ) #7-08:35 710:04 चोर पञ्चक - ०८:३५ से १०:०४ 0 #q-10:04#11:42 10:04 11:42 रज पञ्चक शुभ मुहूर्त - ११४२ से १३:३९ ४  वृषभ - ११४२ से १३:३९ चोर पञ्चक - १३:३९ 15:53 [ ಗ9೯- 13.39 15:53 2[%567-15:53=18:11 %  कर्क - १५:५३ से १८:११ रोग पञ्चक 18:11 20.24 0 86-18:11720:24 शुभ मुहूर्त - २०:२४ 22:37 T) 20:24 22:37 कन्या ಗತಾಪ - 22.37 24:23+ 9 तुला - २२३७ 24:54+ पञ्चक - २४२३+ 24:54+ বৃধ্বিব্ধ - 24:54+  27:11+ शुभ मुहूर्त - २४:५४+ 25:18+ > 43-27:11+#29:16+ रज पञ्चक - २५:१८+ 27:11+ शुभ मुहूर्त - २७:१ 1+ 29:16+ पञ्चक - २९:१६+ 30:38+ ०५, फाल्गुन ಹurua , usari Panchang 06 २०८२ कालयुक्त, विक्रम सम्वत फखवरी २०२६ शुकरवार वाराणसी भारत रहित मुहूर्त एवं उदय-लग्न पञ्चक आज के दिन के लिए उदय लग्न मुहूर्त् आज के दिन के लिए पञ्चक रहित मुहूर्तृ मकर - फररी ०५ को २९ १९+ बजे से ०७:०४ 06:39 707:04 I रज पञ्चक থুল্স মুচুন - 07:04 ঊ 08:35  ~ 341 - 07.04 # 08,35 ) #7-08:35 710:04 चोर पञ्चक - ०८:३५ से १०:०४ 0 #q-10:04#11:42 10:04 11:42 रज पञ्चक शुभ मुहूर्त - ११४२ से १३:३९ ४  वृषभ - ११४२ से १३:३९ चोर पञ्चक - १३:३९ 15:53 [ ಗ9೯- 13.39 15:53 2[%567-15:53=18:11 %  कर्क - १५:५३ से १८:११ रोग पञ्चक 18:11 20.24 0 86-18:11720:24 शुभ मुहूर्त - २०:२४ 22:37 T) 20:24 22:37 कन्या ಗತಾಪ - 22.37 24:23+ 9 तुला - २२३७ 24:54+ पञ्चक - २४२३+ 24:54+ বৃধ্বিব্ধ - 24:54+  27:11+ शुभ मुहूर्त - २४:५४+ 25:18+ > 43-27:11+#29:16+ रज पञ्चक - २५:१८+ 27:11+ शुभ मुहूर्त - २७:१ 1+ 29:16+ पञ्चक - २९:१६+ 30:38+ - ShareChat
#शुभ मुहूर्त #पूजन विधि
शुभ मुहूर्त - 05-02-26 द्विजप्रिय संकष्टी - चतुर्थी गुरुवार फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को द्विजप्रिय संकष्टी " चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। इस दिन गौघृत में सिंदूर मिला कर गणपति जी के सामने दीपक जलाना चाहिये, और भगवान गणेश को पूजा में दुर्वा, गेंदे के फूल अर्पित कर तिल, गुड़, लड्ड, चंदन का भोग लगाना चाहिये। फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी मनाई जाती है, इस दिन भगवान गणेश की पूजा अर्चना की जाती है। बाधाओं को दूर करने के लिए इस दिन श्वेतार्क गणपति के समक्ष ऊँ गं गौं गणपतये विघ्न विनाशिने स्वाहा की माला का २१ बार जाप करना चाहिये। पंचांग के अनुसार, इस बार ०५ को फरवरी को द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी व्रत किया जाएगा। 05-02-26 द्विजप्रिय संकष्टी - चतुर्थी गुरुवार फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को द्विजप्रिय संकष्टी " चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। इस दिन गौघृत में सिंदूर मिला कर गणपति जी के सामने दीपक जलाना चाहिये, और भगवान गणेश को पूजा में दुर्वा, गेंदे के फूल अर्पित कर तिल, गुड़, लड्ड, चंदन का भोग लगाना चाहिये। फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी मनाई जाती है, इस दिन भगवान गणेश की पूजा अर्चना की जाती है। बाधाओं को दूर करने के लिए इस दिन श्वेतार्क गणपति के समक्ष ऊँ गं गौं गणपतये विघ्न विनाशिने स्वाहा की माला का २१ बार जाप करना चाहिये। पंचांग के अनुसार, इस बार ०५ को फरवरी को द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी व्रत किया जाएगा। - ShareChat