wbeauty
ShareChat
click to see wallet page
@241107786
241107786
wbeauty
@241107786
हिन्दू संस्कृति और अध्यात्म की जानकारियाँ
#शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त - शनि प्रदोष व्रत 274 2026 Saturday शनिवार भगवान शिव एवं देवी पार्वती फल ग्रहण करते हुये शनि प्रदोष शनि शुक्ल प्रदोष व्रत शनिवार, जून २७, २०२६ को प्रदोष पूजा 18:52 20.56 मुहूर्त - ०२ घण्टे ०४ मिनट्स अवधि दिन का प्रदोष समय 20:56 18.52 त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ जून २६, २०२६ को २२:२२ बजे त्रयोदशी तिथि समाप्त 727, 2026 24:43+ 45 शनि प्रदोष व्रत 274 2026 Saturday शनिवार भगवान शिव एवं देवी पार्वती फल ग्रहण करते हुये शनि प्रदोष शनि शुक्ल प्रदोष व्रत शनिवार, जून २७, २०२६ को प्रदोष पूजा 18:52 20.56 मुहूर्त - ०२ घण्टे ०४ मिनट्स अवधि दिन का प्रदोष समय 20:56 18.52 त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ जून २६, २०२६ को २२:२२ बजे त्रयोदशी तिथि समाप्त 727, 2026 24:43+ 45 - ShareChat
#व्रत एवं त्योहार
व्रत एवं त्योहार - हिन्दुओं के व्रत,पर्व 3 dl-<ZR २८, ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष, त्रयोदशी 27 २०८३ सिद्धार्थी, विक्रम सम्वत जून २०२६ शनिवार वाराणसी भारत शनि त्रयोदशी , शनि प्रदोष व्रत, विंछुड़ो , गण्ड मूल, रवि योग, विडाल योग शनि त्रयोदशी থানি সতীণ সন हिन्दुओं के व्रत,पर्व 3 dl-<ZR २८, ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष, त्रयोदशी 27 २०८३ सिद्धार्थी, विक्रम सम्वत जून २०२६ शनिवार वाराणसी भारत शनि त्रयोदशी , शनि प्रदोष व्रत, विंछुड़ो , गण्ड मूल, रवि योग, विडाल योग शनि त्रयोदशी থানি সতীণ সন - ShareChat
#शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त - ShareChat
#शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त - २८, ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष, त्रयोदशी 27 92 सिद्धार्थी, विक्रम सम्वत 2083 जून २०२६ থনিনাৎ वाराणसी, भारत शनि त्रयोदशी , शनि प्रदोष व्रत, विंछुड़ो , गण्ड मूल रवि योग, विडाल योग रहित मुहूर्त एवं उदय लग्न पञ्चक के दिन के लिए उदय-लग्न मुहूर्त आज के दिन के लिए पञ्चक रहित मुहूर्त आज मिथुन - I তুন 26 ক্ষী 28:25+ নতী স 06:38  05:10 706:38 रज पञ्चक शुभ मुहूर्त - ०६:३८ से 08:५६  कर्क - ०६:३८ से 08:५६ Q   Rಿ೯ चोर पञ्चक 08:56 711:10 08:56 11:10 ೨ 11:10#13:23 11:10 ম 13:23 मुहूर्त - शुभ I रोग पञ्चक 13:23 স 15:39 13:23 15.39 নুলা 15:39 স 17:56 मुहूर्त - शुभ %$-15:39 #17:56 17:56 720:01 धनु - १७:५६ से २०:०१ मृत्यु पञ्चक अग्नि पञ्चक T 20:01 21:46 20:01 21:46 मकर शुभ मुहूर्त - २१:४६ से २२:१ 1 कुम्भ - २१:४६ से २३:१ ७ ಜ ) 22:11 স 23:17 সীন - 23:17 रज पञ्चक 24:45+ 00 7-24:45+ 23:17 24:43+ मुहूर्त - शुभ 26:23+ चोर पञ्चक 24:43+ 24:45+ ४ वृषभ - २६:२३+ से 28:21+ 24:45+ 26:23+ रज पञ्चक शुभ मुहूर्त - २६:२३+  28:21+ चोर पञ्चक 28:21+ 29:10+ २८, ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष, त्रयोदशी 27 92 सिद्धार्थी, विक्रम सम्वत 2083 जून २०२६ থনিনাৎ वाराणसी, भारत शनि त्रयोदशी , शनि प्रदोष व्रत, विंछुड़ो , गण्ड मूल रवि योग, विडाल योग रहित मुहूर्त एवं उदय लग्न पञ्चक के दिन के लिए उदय-लग्न मुहूर्त आज के दिन के लिए पञ्चक रहित मुहूर्त आज मिथुन - I তুন 26 ক্ষী 28:25+ নতী স 06:38  05:10 706:38 रज पञ्चक शुभ मुहूर्त - ०६:३८ से 08:५६  कर्क - ०६:३८ से 08:५६ Q   Rಿ೯ चोर पञ्चक 08:56 711:10 08:56 11:10 ೨ 11:10#13:23 11:10 ম 13:23 मुहूर्त - शुभ I रोग पञ्चक 13:23 স 15:39 13:23 15.39 নুলা 15:39 স 17:56 मुहूर्त - शुभ %$-15:39 #17:56 17:56 720:01 धनु - १७:५६ से २०:०१ मृत्यु पञ्चक अग्नि पञ्चक T 20:01 21:46 20:01 21:46 मकर शुभ मुहूर्त - २१:४६ से २२:१ 1 कुम्भ - २१:४६ से २३:१ ७ ಜ ) 22:11 স 23:17 সীন - 23:17 रज पञ्चक 24:45+ 00 7-24:45+ 23:17 24:43+ मुहूर्त - शुभ 26:23+ चोर पञ्चक 24:43+ 24:45+ ४ वृषभ - २६:२३+ से 28:21+ 24:45+ 26:23+ रज पञ्चक शुभ मुहूर्त - २६:२३+  28:21+ चोर पञ्चक 28:21+ 29:10+ - ShareChat
#व्रत एवं त्योहार
व्रत एवं त्योहार - इस्लामी हिजरी- राष्ट्रीय शाके- १९४८ 1447-48 राष्ट्रीय ज्येष्ठ ११ से ज़िलहिज्ज १४ से राष्ट्रीय आषाढ़ ०९ तक जून मोहर्रम १४ तक विक्रम संवत- २०८३ 2026 बंगला संवत- १४३३ ज्येष्ठ बदी ०१ से बंग ज्येष्ठ १७ से बंग आषाढ़ बदी ०१ तक आषाढ़ १५ तक 27 शाके ०६ गते १३ शुक्ल पक्ष, त्रयोदशी, अनुराधा हि. ११ हफ़्ता, इक़्लील बंगला- १२ 9Tf प्रदोष व्रत पी॰ टी. उषा, राहुल देव बर्मन, आर. डी. प्रधान, ச वर्मन, अमला शंकर, नितिन अकिलन, মুব্ংা  पूर्णिमा मृत्यु - रणजीत सिंह, सैम मानेकशॉ इस्लामी हिजरी- राष्ट्रीय शाके- १९४८ 1447-48 राष्ट्रीय ज्येष्ठ ११ से ज़िलहिज्ज १४ से राष्ट्रीय आषाढ़ ०९ तक जून मोहर्रम १४ तक विक्रम संवत- २०८३ 2026 बंगला संवत- १४३३ ज्येष्ठ बदी ०१ से बंग ज्येष्ठ १७ से बंग आषाढ़ बदी ०१ तक आषाढ़ १५ तक 27 शाके ०६ गते १३ शुक्ल पक्ष, त्रयोदशी, अनुराधा हि. ११ हफ़्ता, इक़्लील बंगला- १२ 9Tf प्रदोष व्रत पी॰ टी. उषा, राहुल देव बर्मन, आर. डी. प्रधान, ச वर्मन, अमला शंकर, नितिन अकिलन, মুব্ংা  पूर्णिमा मृत्यु - रणजीत सिंह, सैम मानेकशॉ - ShareChat
#gold and silver price
gold and silver price - India Bullion Rates 26.06.2026 GOLD 143,550.00 +0.00 (+0.000%) Rs रे / १Ogm SILVERI 222,070.00 +0.00 (+0.000%) Rs ? / 1kg India Bullion Rates 26.06.2026 GOLD 143,550.00 +0.00 (+0.000%) Rs रे / १Ogm SILVERI 222,070.00 +0.00 (+0.000%) Rs ? / 1kg - ShareChat
#शुभ मुहूर्त #पूजन विधि #व्रत एवं त्योहार
शुभ मुहूर्त - 25-06-26 निर्जला एकादशी गुरुवार ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी कहा है। यह वर्ष की सबसे कठिन और पुण्यदायी एकादशी होती है, जाता जिसमें बिना जल के व्रत रखने का विधान है। इस दिन अँठ नमो फलदायी माना गया है। नारायणाय मंत्र का जप ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय निर्जला एकादशीः २५ जून २०२६, गुरुवार पारणः २६ जून, शुक्रवार, सुबह O५ः२५ से ०८ः१३ बजे तक विष्णु ` ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी भगवान श्रीहरि की आराधना का अत्यंत में इस पवित्र अवसर मानी जाती है। परंपरा व्रत को कठिन आत्मसंयम और अखंड भक्ति से जोड़ा गया है। और पूजा ` इस दिन प्रातः स्नान के बाद भगवान विष्णु के समक्ष व्रत का संकल्प लें। श्रीहरि को पीले पुष्प, चंदन, फल और तुलसी दल अर्पित करें। " ऊँ नमो भगवते विष्णु ` वासुदेवाय" मंत्र का जाप करें तथा सहस्रनाम या एकादशी कथा का पाठ करें। गर्मी के समय जलदान , शीतल पेयजल की व्यवस्था, फल और अन्न का दान इस पर्व की सेवा-भावना को सार्थक बनाते हैं। 25-06-26 निर्जला एकादशी गुरुवार ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी कहा है। यह वर्ष की सबसे कठिन और पुण्यदायी एकादशी होती है, जाता जिसमें बिना जल के व्रत रखने का विधान है। इस दिन अँठ नमो फलदायी माना गया है। नारायणाय मंत्र का जप ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय निर्जला एकादशीः २५ जून २०२६, गुरुवार पारणः २६ जून, शुक्रवार, सुबह O५ः२५ से ०८ः१३ बजे तक विष्णु ` ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी भगवान श्रीहरि की आराधना का अत्यंत में इस पवित्र अवसर मानी जाती है। परंपरा व्रत को कठिन आत्मसंयम और अखंड भक्ति से जोड़ा गया है। और पूजा ` इस दिन प्रातः स्नान के बाद भगवान विष्णु के समक्ष व्रत का संकल्प लें। श्रीहरि को पीले पुष्प, चंदन, फल और तुलसी दल अर्पित करें। " ऊँ नमो भगवते विष्णु ` वासुदेवाय" मंत्र का जाप करें तथा सहस्रनाम या एकादशी कथा का पाठ करें। गर्मी के समय जलदान , शीतल पेयजल की व्यवस्था, फल और अन्न का दान इस पर्व की सेवा-भावना को सार्थक बनाते हैं। - ShareChat
#शुभ मुहूर्त #पूजन विधि #व्रत एवं त्योहार
शुभ मुहूर्त - 25-06-26 मां गायत्री प्राकट्योत्सव aR की जन्मदात्री माना गया है, इन गायत्री मां को हिंदू भारतीय " संस्कृति से ही चारों वेदों की उत्पति भी मानी गयी है, इसलिए माता गायत्री को वेद भी कहा जाता है। पंचांग के अनुसार गायत्री प्राकट्योत्सव का पर्व माता ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के दिन मनाया जाता हैं। ऊँ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् गायत्री जयंतीः २५ जून २०२६, गुरुवार एकादशी तिथिः २४ जून शाम ०६ः१२ बजे से २५ जून रात ०८ः०१ बजे तक ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी को मनाई जाने वाली गायत्री जयंती वैदिक ज्ञान, प्रज्ञा और पवित्र और सद्बुाद्ध चेतना की आराधना का पावन दिवस है। माता गायत्री को वेदमाता সমান करने वाली दिव्य शक्ति माना जाता है। अथर्ववेद में मां ; को आयु, प्राण, शक्ति, कीर्ति, धन और प्रदान करने वाली সম্মনত गायत्री देवी कहा गया है। इस दिन प्रातः स्नान के बाद उगते सूर्य को जल अर्पित करें। स्वच्छ और शांत स्थान पर बैठकर श्रद्धानुसार २४ , ५४ या १०८ बार गायत्री मंत्र का जाप करें। पूजा में दीप, पुष्प और सात्त्विक नैवेद्य अर्पित किया जा सकता है। अपनी क्षमता अनुसार पुस्तक, अन्न, वस्त्र या शिक्षण सामग्री का दान करें। गायत्री जयंती हमें विचारों की पवित्रता, ज्ञान के सम्मान और विवेकपूर्ण जीवन का सुंदर संदेश देती है। 25-06-26 मां गायत्री प्राकट्योत्सव aR की जन्मदात्री माना गया है, इन गायत्री मां को हिंदू भारतीय " संस्कृति से ही चारों वेदों की उत्पति भी मानी गयी है, इसलिए माता गायत्री को वेद भी कहा जाता है। पंचांग के अनुसार गायत्री प्राकट्योत्सव का पर्व माता ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के दिन मनाया जाता हैं। ऊँ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् गायत्री जयंतीः २५ जून २०२६, गुरुवार एकादशी तिथिः २४ जून शाम ०६ः१२ बजे से २५ जून रात ०८ः०१ बजे तक ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी को मनाई जाने वाली गायत्री जयंती वैदिक ज्ञान, प्रज्ञा और पवित्र और सद्बुाद्ध चेतना की आराधना का पावन दिवस है। माता गायत्री को वेदमाता সমান करने वाली दिव्य शक्ति माना जाता है। अथर्ववेद में मां ; को आयु, प्राण, शक्ति, कीर्ति, धन और प्रदान करने वाली সম্মনত गायत्री देवी कहा गया है। इस दिन प्रातः स्नान के बाद उगते सूर्य को जल अर्पित करें। स्वच्छ और शांत स्थान पर बैठकर श्रद्धानुसार २४ , ५४ या १०८ बार गायत्री मंत्र का जाप करें। पूजा में दीप, पुष्प और सात्त्विक नैवेद्य अर्पित किया जा सकता है। अपनी क्षमता अनुसार पुस्तक, अन्न, वस्त्र या शिक्षण सामग्री का दान करें। गायत्री जयंती हमें विचारों की पवित्रता, ज्ञान के सम्मान और विवेकपूर्ण जीवन का सुंदर संदेश देती है। - ShareChat
#व्रत एवं त्योहार
व्रत एवं त्योहार - हिन्दुओं के व्रत,पर्व 3 dl-<ZR 27' న8 द्वादशी शुक्ल पक्ष 26 २०८३ सिद्धार्थी, विक्रम सम्बत जून २०२६ शुक्रवार वाराणसी, भारत निर्जला एकादशी पारण, रामलक्ष्मण द्वादशी, बिंछुड़ो , सर्वार्थ सिद्धि योग निर्जला एकादशी पारण रामलक्ष्मण द्वादशी हिन्दुओं के व्रत,पर्व 3 dl-<ZR 27' న8 द्वादशी शुक्ल पक्ष 26 २०८३ सिद्धार्थी, विक्रम सम्बत जून २०२६ शुक्रवार वाराणसी, भारत निर्जला एकादशी पारण, रामलक्ष्मण द्वादशी, बिंछुड़ो , सर्वार्थ सिद्धि योग निर्जला एकादशी पारण रामलक्ष्मण द्वादशी - ShareChat
#शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त - ShareChat