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#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - संपादकीय ट्रेड डील के बाद भी रूस से रिश्ते पूर्ववत रखने होंगे अमेरिकी टैरिफ से अंततः भारत को राहत मिली, जब ट्रम्प ने न केवल पेनल्टी के तौर पर लगाए २५% टैरिफ को खत्म किया बल्कि सामान्य टैरिफ को भी २५% से घटाकर १८% कर दिया। नई दर व्यापार स्पर्धा वाले प्रमुख देशों जैसे " चीन, वियतनाम , बांग्लादेश आदि पर लगाई दरों से भी कम या यूं कहें कि ईयू॰ जापान, दक्षिण कोरिया ( १५% ) और ब्रिटेन ( १०% ) को छोड़कर दुनिया के देशों में सबसे कम है। नई टैरिफ दरों के कारण भारत को अमेरिका से व्यापार करने में दक्षिण एशिया के देशों के मुकाबले कम मूल्य पर सामान निर्यात करने की छूट मिलेगी। श्रम-्बहुल टेक्सटाइल या टेक और स्टील- के क्षेत्र में भी भारत यूएस को निर्यात करने में चीन से ಗನ್ಮಗೆಗಾಗ आगे निकल सकता है। बहरहाल इस घटे टैरिफ के व्यापार से 7 दो संदेश ज्यादा अहम हैं। पहला १८% की दर पाकिस्तान पर टैरिफ ( १९% ) से कम है यानी ट्रम्प ने भारत को पाकिस्तान Re% ऊपर रखा है। दूसरा , ट्रम्प के बदले रुख से भारत में एफडीआई एफआईआई फिर से भारी निवेश करेंगे। पिछले कुछ माह में निवेशक अपने पैसे भारत से निकालने लगे थे। लेकिन ट्रम्प के नए व्यवहार को शाश्वत मानकर व्यापार नीति में आमूलचूल बदलाव गलत होगा। हमें ईयू से व्यापार पूरी क्षमता तक ले जाना होगा और रूस से संबंध भी पूर्ववत रखना होगा। संपादकीय ट्रेड डील के बाद भी रूस से रिश्ते पूर्ववत रखने होंगे अमेरिकी टैरिफ से अंततः भारत को राहत मिली, जब ट्रम्प ने न केवल पेनल्टी के तौर पर लगाए २५% टैरिफ को खत्म किया बल्कि सामान्य टैरिफ को भी २५% से घटाकर १८% कर दिया। नई दर व्यापार स्पर्धा वाले प्रमुख देशों जैसे " चीन, वियतनाम , बांग्लादेश आदि पर लगाई दरों से भी कम या यूं कहें कि ईयू॰ जापान, दक्षिण कोरिया ( १५% ) और ब्रिटेन ( १०% ) को छोड़कर दुनिया के देशों में सबसे कम है। नई टैरिफ दरों के कारण भारत को अमेरिका से व्यापार करने में दक्षिण एशिया के देशों के मुकाबले कम मूल्य पर सामान निर्यात करने की छूट मिलेगी। श्रम-्बहुल टेक्सटाइल या टेक और स्टील- के क्षेत्र में भी भारत यूएस को निर्यात करने में चीन से ಗನ್ಮಗೆಗಾಗ आगे निकल सकता है। बहरहाल इस घटे टैरिफ के व्यापार से 7 दो संदेश ज्यादा अहम हैं। पहला १८% की दर पाकिस्तान पर टैरिफ ( १९% ) से कम है यानी ट्रम्प ने भारत को पाकिस्तान Re% ऊपर रखा है। दूसरा , ट्रम्प के बदले रुख से भारत में एफडीआई एफआईआई फिर से भारी निवेश करेंगे। पिछले कुछ माह में निवेशक अपने पैसे भारत से निकालने लगे थे। लेकिन ट्रम्प के नए व्यवहार को शाश्वत मानकर व्यापार नीति में आमूलचूल बदलाव गलत होगा। हमें ईयू से व्यापार पूरी क्षमता तक ले जाना होगा और रूस से संबंध भी पूर्ववत रखना होगा। - ShareChat