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#पालकर रख न उसे हाथ के छाले
पालकर रख न उसे हाथ के छाले - पालकर रख न उसे हाथ के छाले जैसा देर तक दुख को नहीं ओढ़ दुशाले जैसा ठीक तो ये है कि दुख्र जितना है उतना ही रहे भाले जैसा एककाँटे कोबच 7 7 लोग बेदेर्न हेकितने किदहो देतहै सोचते क्यार्ध्हो देल हीता शिवाले्जैसा दृज़को राँदये कैसा हैजो पूछा तूने =तेरेकन केबल१्ज्ैसा గ / मुझको ११ अपने बंगले के ही गैरेज में दे दी हजगह उसने माँ बाप को रक्खा है अटाले जैसा मैंने देखा है तेरे लाज भरे मुखड़े पर आरती में जले दीपक के उजाले जैसा संत बनते हैं सभी लोग सियासत वाले बह रहा सबके ही पेंदों में पनाले जैसा व्यंग्य के नाम पे जो हास्य परोसा फूहड़ उसमें करुणा का है उपयोग मसाले जैसा शेर होता है ग़ज़ल का बही उम्दा , सच्चा पालकर रख न उसे हाथ के छाले जैसा देर तक दुख को नहीं ओढ़ दुशाले जैसा ठीक तो ये है कि दुख्र जितना है उतना ही रहे भाले जैसा एककाँटे कोबच 7 7 लोग बेदेर्न हेकितने किदहो देतहै सोचते क्यार्ध्हो देल हीता शिवाले्जैसा दृज़को राँदये कैसा हैजो पूछा तूने =तेरेकन केबल१्ज्ैसा గ / मुझको ११ अपने बंगले के ही गैरेज में दे दी हजगह उसने माँ बाप को रक्खा है अटाले जैसा मैंने देखा है तेरे लाज भरे मुखड़े पर आरती में जले दीपक के उजाले जैसा संत बनते हैं सभी लोग सियासत वाले बह रहा सबके ही पेंदों में पनाले जैसा व्यंग्य के नाम पे जो हास्य परोसा फूहड़ उसमें करुणा का है उपयोग मसाले जैसा शेर होता है ग़ज़ल का बही उम्दा , सच्चा - ShareChat