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- Anil#श्रीमद भगवद गीता उपदेश 🙏🙏 #गीता उपदेश जय श्रीकृष्ण #🌺 कृष्ण ज्ञान 🙏 गीता वचन 🌺 भक्ति 💕 राधा कृष्ण 🙏🙏 हरि बोल 🙏🙏 #🙏गीता ज्ञान🛕 #महाभारत एवं गीता ज्ञान8627
- sn vyas#🙏ॐ श्री कृष्णाय नमः 🙏 #श्री राधे कृष्णाय नमः गीता उपदेश हरिहरिहरिहरि सुमिरन करौ।_ _हरि चरनारबिंद उर धरौ॥_ _हरि कौ कथा होइ जब जहाँ।_ _गंगाहू चलि आवै तहाँ॥_ _जमुना, सिंधु,सरस्वति आवै।_ _गोदावरी विलंब न लावै॥_ _सर्व तीर्थ कौ बासौ तहाँ।_ _'सूर' हरि कथा होवै जहाँ॥_ _~ श्रीकृष्ण माधुरी_ बार-बार श्री हरि का स्मरण करो, श्री हरि के चरणारविन्द को हृदय में धारण करो। जहाँ-जहाँ, जब-जब भगवान श्री हरि की कथा होती है, वहाँ उस समय स्वयं गंगाजी चली आती हैं। साथ ही यमुना, सिन्धु एवं सरस्वती भी आ जाती हैं और गोदावरी को भी वहाँ आने में देर नहीं लगती। श्री सूरदासजी महाराज कहते हैं कि श्री हरि की कथा जहाँ होती है, वहाँ सभी तीर्थों का स्थिर निवास होता है। जय श्रीकृष्ण. श्री गिरिराज धरन की जय. ...1016
- ASHOK KUMAR TYAGI#जय श्री कृष्णा 🙏🙏 गीता उपदेश511
- Mahesh Bhati#🙏🏻श्र जय श्री कृष्ण गीता सार उपदेश👏 #भगवत गीता उपदेश 🙏🏻🌺 #🙏गीता उपदेश #गीता उपदेश #गीता उपदेश जय श्रीकृष्ण6754
- 👺🔥 ڶ𝕪σт𝔦 卄Ã尺𝓔Ň𝐃ŕ𝕒 𝔰ι𝐍g𝓗 🐍🐍#श्रीमद भगवद गीता उपदेश 🙏🙏 #गीता उपदेश जय श्रीकृष्ण #🙏🏻श्र जय श्री कृष्ण गीता सार उपदेश👏 #गीता उपदेश #भगवत गीता उपदेश 🙏🏻🌺1514
- Anil#कृष्ण प्रेम , शुभ विचार #🙏कृष्ण ज्ञान🌺 #श्रीमद भगवद गीता उपदेश 🙏🙏 #गीता उपदेश जय श्रीकृष्ण #श्री कृष्ण के गीता ज्ञान1812
- **परिवार में, परिवार का हिस्सा बनने के लिए भी,#गीता उपदेश जय श्रीकृष्ण2232
- sn vyasयह श्लोक भगवान श्रीकृष्ण की स्तुति का अत्यंत लोकप्रिय एवं सारगर्भित मंगलाचरण है— > वसुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम्। देवकीपरमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥ पदच्छेद एवं अर्थ वसुदेव-सुतम् — वसुदेव जी के पुत्र देवम् — दिव्य स्वरूप, भगवान कंस-चाणूर-मर्दनम् — कंस और चाणूर जैसे अत्याचारियों का विनाश करने वाले देवकी-परमानन्दम् — माता देवकी के परम आनन्द, उनके जीवन की सर्वोच्च प्रसन्नता कृष्णम् — श्रीकृष्ण वन्दे — मैं वंदना करता हूँ जगद्गुरुम् — सम्पूर्ण जगत के गुरु भावार्थ > मैं वसुदेव-पुत्र, दिव्य स्वरूप भगवान श्रीकृष्ण को प्रणाम करता हूँ, जिन्होंने कंस और चाणूर जैसे अधर्मियों का संहार किया, जो माता देवकी के लिए परम आनन्दस्वरूप हैं, और जो सम्पूर्ण विश्व के गुरु हैं। गहन संकेत इस एक श्लोक में श्रीकृष्ण के चारों आयाम समाहित हैं— 1. मानव रूप — वसुदेवसुतम् वे हमारे जैसे परिवार में जन्म लेते हैं। 2. ईश्वर रूप — देवम् वे केवल ऐतिहासिक पुरुष नहीं, दिव्य सत्ता हैं। 3. धर्मसंस्थापक रूप — कंसचाणूरमर्दनम् वे अन्याय, अहंकार और अत्याचार का अंत करते हैं। 4. जगद्गुरु रूप — जगद्गुरुम् वे केवल अर्जुन के नहीं, समस्त मानवता के शिक्षक हैं; उनकी गीता कालातीत मार्गदर्शिका है। एक संक्षिप्त चिंतन > देवकी के लिए वे पुत्र हैं, वसुदेव के लिए आशा हैं, गोपियों के लिए प्रेम हैं, अर्जुन के लिए गुरु हैं, और संसार के लिए धर्म, ज्ञान तथा करुणा के शाश्वत प्रकाशस्तम्भ। इसलिए भक्त उन्हें केवल भगवान नहीं, "जगद्गुरु श्रीकृष्ण" कहकर प्रणाम करता है। ॥ श्रीकृष्णार्पणमस्तु ॥ 🌿🙏🏻 #🙏ॐ श्री कृष्णाय नमः 🙏 #श्री राधे कृष्णाय नमः गीता उपदेश57
- Feeling quotes aapki aapni bhawane#🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #Geeta updesh Gyan #गीता उपदेश जय श्रीकृष्ण #geeta #🌺 मेरे बांके बिहारी 🌺144380