Pt Vinod Pandey 🚩
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#🪔पुत्रदा एकादशी🚩 ​📿 श्रावण पुत्रदा (पवित्रा) एकादशी महात्म्य व साधना सूत्र 🌺 ​संतान सुख व वंश वृद्धि: श्रावण शुक्ल एकादशी का पावन व्रत विशेष रूप से संतान प्राप्ति, संतान की दीर्घायु, उन्नति और परिवार के कल्याण हेतु किया जाता है। इसका महात्म्य वाजपेय यज्ञ और कोटि गौ-दान के समान पुण्य फल देने वाला है। 👶✨ ​पुरुषसूक्त व दक्षिणावर्ती शंख अभिषेक: आज दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर पुरुषसूक्त से भगवान श्रीहरि नारायण का अभिषेक करने से माता महालक्ष्मी की पूर्ण कृपा प्राप्त होती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है। 🏺🪷 ​विष्णु सहस्रनाम व राम नाम महिमा: ​"राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे। सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने॥" 📿 ​आज घी का दीपक जलाकर विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें अथवा गुरुमंत्र की माला जपें। 🪔 ​🍂 शरद ऋतु आरम्भ: स्वास्थ्य रक्षा, पित्त शमन व आहार नियम 🥛 ​आज से शरद ऋतु का आरम्भ हो रहा है। आयुर्वेद में शरद ऋतु को "रोगाणां शारदी माता" (रोगों की जननी) कहा गया है, क्योंकि वर्षा ऋतु में संचित पित्त इस मौसम में प्रकुपित होता है: ​पित्त शमन हेतु खीर व दूध: इस ऋतु में खीर (रसराज) का सेवन पित्त को शांत करता है। रात को सोने से पूर्व मीठा दूध घूंट-घूंट करके पिएं। दूध, घी, लौकी, पेठा, मुनक्का व गुलकंद का सेवन लाभकारी है। 🥣 ​कड़वे रस का प्रयोग: पित्त संतुलन व पाचन अग्नि को प्रदीप्त करने हेतु करेला या नीम के 10-12 पत्ते चबाना अत्यंत उपयोगी है। 🍃 ​पाचन वर्धक मंत्र: भोजन के पश्चात पेट पर हाथ फेरते हुए इस मंत्र का स्मरण करें: ​"अगस्त्यं कुम्भकर्णं च शनिं च वडवानलम्। आहारपरिपाकार्थं स्मरेद् भीमं च पंचमम्॥" 🌿 ​नेत्र व सिर की जलन में शीतलता: जल से भरे पात्र में पलकें झपकाने व कुल्ला करने से सिर व आंखों की गर्मी शांत होती है। 💧 ​परहेज: खट्टे, अत्यधिक तीखे, खारे, तले-भुने व बासी भोजन से बचें। 🚫 ​⚠️ विशेष सावधानियां, भोजन नियम और कड़े शास्त्रोक्त निषेध 🚫 ​चावल, साबूदाना व सेम वर्जना: आज एकादशी तिथि होने के कारण चावल, साबूदाना और शिम्बी (सेम) खाना सर्वथा वर्जित (त्याज्य) है। एकादशी के दिन चावल का त्याग करने से व्रत का आधा फल स्वतः प्राप्त होता है। 🚫 ​केश वर्जना: एकादशी के दिन बाल कटवाना पूर्णतः निषिद्ध है। 💇‍♂️❌ ​आँवला स्नान पुण्य: एकादशी को स्नान के जल में आँवले का रस डालकर स्नान करने से समस्त पापों का क्षय होता है। 💧 ​चातुर्मास पात्र वर्जना: चातुर्मास में तांबे व काँसे के पात्रों में भोजन न करें। पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है। 🍃 ​दिशाशूल & राहुकाल: आज शाम 05:27 से शाम 07:03 तक (राहुकाल) में शुभ संकल्प टालें। आज पश्चिम दिशा में दिशाशूल प्रभावी है, अतः इस दिशा में यात्रा से बचें। 🚩 ​🙏 आज का मंगल आशीर्वाद: ​"गोवर्धन धरं वन्दे गोपालं गोप रुपिणिम्। नारायण नारायण! जय श्रीहरि विष्णु! जय माँ महालक्ष्मी! हर हर महादेव!" 🔱✨ ​श्रावण पुत्रदा एकादशी, सर्वार्थसिद्धि योग, मूल नक्षत्र, शरद ऋतु आरम्भ और रविवार के इस पावन महासंयोग पर साक्षात वैकुंठनाथ भगवान विष्णु, माता महालक्ष्मी, भगवान सूर्य नारायण और देवाधिदेव महादेव की संयुक्त असीम अनुकंपा आपके पूरे परिवार के जीवन से समस्त कष्टों, पापों व व्याधियों का समूल नाश करे; आपको उत्तम संतान सुख, अखंड ऐश्वर्य और उत्तम आरोग्यता का वरदान प्राप्त हो! 🚩🙏 ​#पुत्रदा_एकादशी #पवित्रा_एकादशी #श्रावण_मास #रविवार #मूल_नक्षत्र #सर्वार्थसिद्धि_योग #शरद_ऋतु_आरम्भ #विष्णु_सहस्रनाम #स्वास्थ्य_नियम ⚛️ #ज्योतिष #jyotish #astrology #SnatanaDharma #VKJPandey #VinodPandey ji 🚩 ​।।। नारायण नारायण ।।। जय लक्ष्मी नारायण ।।। हर हर महादेव ।। #🌞सुप्रभात सन्देश #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🙏 भगवान विष्णु #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱
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