Sachin Kumar Singh
यह तस्वीर काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सर सुंदरलाल अस्पताल (BHU) की है। बारिश के बाद अस्पताल परिसर पानी में डूब गया है और एक माँ अपने मासूम बच्चे को गोद में लेकर उसी गंदे पानी के बीच इलाज के लिए जा रही है। जिस अस्पताल में पूर्वांचल के गरीब, मजदूर, किसान और आम लोग बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं, वहाँ मरीजों और उनके परिजनों को अगर इस तरह पानी के बीच से गुजरना पड़े, तो यह सिर्फ जलभराव नहीं बल्कि व्यवस्था पर एक गंभीर सवाल है। एक माँ के लिए अपने बच्चे से बढ़कर कुछ नहीं होता। सोचिए, उस माँ के दिल पर क्या गुजर रही होगी—बच्चा बीमार है, इलाज की चिंता है और सामने रास्ता नहीं, बल्कि घुटनों तक भरा पानी है। BHU जैसे प्रतिष्ठित संस्थान और पूर्वांचल के सबसे बड़े अस्पताल में ऐसी स्थिति स्वीकार्य नहीं हो सकती। विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच अगर एक बीमार बच्चे को अस्पताल तक पहुँचाने के लिए माँ को पानी में उतरना पड़े तो? #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #न्यूज #🚘नया दिन नया व्लॉग🧳 #🌐 राष्ट्रीय अपडेट