#💮आज का पंचांग एवं मुहूर्त💫 #🔯आज का राशिफल☀️ #🔯वास्तु दोष उपाय #🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय 🌄श्री सनातन हिंदू पंचांग-10.08.2026🌄 ✴️दैनिक गोचर ग्रह एवं राशिफल✴️ 🕉️ शुभ सोमवार - 🌞 - शुभ प्रभात् 🕉️ 74-30💥मध्यमान्💥75-30 (केतकी चित्रापक्षीय गणितानुसारेण निर्मितम्) 🕉️💥💥🌄💥💥🕉️ ________________________________ ✴️आपकी कुंडली✴️आपका भविष्य✴️ जन्मकुंडली विश्लेषण कुंडली मिलान राशिरत्न वास्तुदोष संबंधी कोई भी प्रमाणिक जानकारी परामर्श एवं व प्रभावी समाधान वाट्स एप्प पर संपर्क / वाट्स एप्प नं - 97996-70464. _______________________________ ____________आज विशेष___________ आज सोम प्रदोष व्रत है सनातन मान्यताओं में धार्मिक महत्व पूजा प्रकार एवं पारण विधि ________________________________ _______________________________ 🕉️✴️🌄🏵️🌞🏵️🌄✴️🕉️ _________________________________ _________दैनिक पंचांग विवरण________ ✴️🌄✴️✴️🌞✴️✴️🌄✴️ _________________________________ आज दिनांक.......................10.8.2026 कलियुग संवत्.............................5128 विक्रम संवत्.................. .............2083 शक संवत्.................................. 1948 संवत्सर.....................................श्री रौद्र अयन.........................................दक्षिण गोल........................................... उत्तर ऋतु............................................ वर्षा मास......................................... श्रावण पक्ष........................................... कृष्ण तिथि.द्वादशी.प्रातः 8.01 तक/त्रयोदशी(क्षय) वार........................................ सोमवार नक्षत्र....आर्द्रा. अपरा. 12.27 तक / पुनर्वसु चंद्र राशि.... मिथुन. रात्रि. 4.43* तक / कर्क योग........... वज्र. रात्रि 10.26 तक / सिद्धि करण................. तैत्तिल. प्रातः 8.01 तक करण.......... गर. सायं. 6.27 तक / वणिज _________________________________ 🌞✴️✴️🌄✴️✴️🌞 नोट-जिस रात्रि समय के ऊपर(*) लगा हुआ हो वह समय अर्द्ध रात्रि के बाद सूर्योदय तक का है ________________________________ -दैनिक सूर्योंदयास्त दिनमानादि पंचांग विवरण- ✴️🌄🏵️🌞🏵️🌄✴️ ________________________________ सूर्योदय....................प्रातः 06.03.48 पर सूर्यास्त....................सायं. 07.09.29 पर दिनमान-घं.मि.से....................13.05.40 रात्रिमान-घं.मि.से. ..................10.54.46 चंद्रास्त..................... 05.25.38 PM पर चंद्रोदय.....................04.09.38 AM पर राहुकाल.........प्रातः 7.42 से 9.20(अशुभ) यमघंट.......प्रातः 10.58 से 12.37(त्याज्य) गुलिक...अपरा. 2.15 से 3.53(शुभे त्याज्य) अभिजित........मध्या.12.10 से 1.03(शुभ) पंचक........................................ नहीं है हवन मुहूर्त(अग्निवास)............ आज नहीं है दिशाशूल................................ पूर्व दिशा दोष परिहार....... दूध का सेवन कर यात्रा करें ________________________________ ___________आज का दिन___________ 🌞✴️🌄✴️✴️🌞✴️✴️🌄🌞 _______________________________ व्रत विशेष............................. सोम प्रदोष अन्य व्रत्.........पवित्र श्रावण स्नान व्रत जारी पर्व विशेष................................... नहीं है काल विशेष........... .सनातन् चातुर्मास जारी दिन विशेष......... अंतर्राष्ट्रीय शेर दिवसदिवस दिन विशेष............... विश्व जैव ईंधन दिवस खगोलीय........................ अतिरिक्त नहीं है खगोलीय............. सूर्य नक्षत्र. अश्लेषा जारी नक्षत्र वाहन...................... गज (वर्षा श्रेष्ठ) विष्टि(भद्रा)........ रात्रि. 4.55* से रात्रि पर्यंत पंचक.........................................नहीं है सर्वा.सि.योग............................... .नहीं है अमृत सि.योग...............................नहीं है सिद्ध रवियोग................................नहीं है ________________________________ ✴️🌄✴️✴️🌞✴️✴️🌄✴️ _______________________________ ✴️ अगले दिन की प्रतीकात्मक जानकारी✴️ _________________________________ दिनांक.............................11.08.2026 तिथि......... श्रावण कृष्णा चतुर्दशी मंगलवार व्रत विशेष........ मास शिवरात्रि / मंगला गौरी अन्य व्रत्.........पवित्र श्रावण स्नान व्रत जारी पर्व विशेष................................... नहीं है काल विशेष........... .सनातन् चातुर्मास जारी दिन विशेष................विश्व स्टील पेन दिवस खगोलीय.गुरु बाल्य. समाप्त रात्रि 11.55 पर खगोलीय............ हस्ते शुक्र प्रातः 6.28 पर खगोलीय............ सूर्य नक्षत्र. अश्लेषा जारी नक्षत्र वाहन...................... गज (वर्षा श्रेष्ठ) विष्टि(भद्रा)....................अपरा. 3.23 तक पंचक.........................................नहीं है सर्वा.सि.योग................................ नहीं है अमृत सि.योग.............................. नहीं है सिद्ध रवियोग.............................. नहीं है _________________________________ 🕉️✴️🌄🏵️🌞🏵️🌄✴️🕉️ ________________________________ *विभिन्न नगरों के सूर्योदय में समयांतर मिनट* 🌞श्री सनातन हिंदू पंचांग के अनुसार🌞 ________________________________ दिल्ली -10 मिनट---------जोधपुर +6 मिनट जयपुर -5 मिनट------अहमदाबाद +8 मिनट इंदौर - 4 मिनट-------------मुंबई +7 मिनट लखनऊ - 25 मिनट------बीकानेर +5 मिनट कोलकाता -54 मिनट--जैसलमेर +15 मिनट _________________________________ 🌄विशिष्ट काल-मुहूर्त-वेला परिचय🌄 ______🏵️🌞🌞✴️🌞🌞🏵️________ अभिजित् मुहुर्त - दिनार्द्ध से एक घटी पहले और एक घटी बाद का समय अभिजित मुहूर्त कहलाता है,पर बुधवार को यह शुभ नहीं होता. _________________________________ ब्रह्म मुहूर्त - सूर्योदय से पहले का 1.30 घंटे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है.. _________________________________ प्रदोष काल - सूर्यास्त से 45 मिनट पहले और 45 मिनट बाद का समय प्रदोष काल होता है __________________________________ गौधूलिक काल सूर्यास्त से 12 मिनट पहले एवं 12 मिनट बाद का समय कहलाता है 🌄✡️✡️✡️✴️✡️✡️✡️🌄 🌄✴️भद्रा वास शुभाशुभ विचार✴️🌄 _________________________________ भद्रा मेष, वृष, मिथुन, वृश्चिक के चंद्रमा में स्वर्ग में व कन्या, तुला, धनु, मकर के चंद्रमा में पाताल लोक में और कुंभ, मीन, कर्क, सिंह के चंद्रमा में मृत्युलोक में मानी जाती है यहां स्वर्ग और पाताल लोक की भद्रा शुभ मानी जाती हैं और मृत्युलोक की भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं इसी तरह भद्रा फल विचार करें। ________________________________ ✴️🌄आज दिन का चौघड़िया 🌄✴️ _________________________________ अमृत................प्रातः 6.04 से 7.42 तक शुभ................प्रातः 9.20 से 10.58 तक चंचल.............अपरा. 2.15 से 3.53 तक लाभ...............अपरा. 3.53 से 5.31 तक अमृत................सायं. 5.31 से 7.09 तक _________________________________ ✴️🌄आज रात्रि का चौघड़िया🌄✴️ ____________________________ चंचल.........सायं-रात्रि. 7.09 से 8.31 तक लाभ......रात्रि. 11.15 से 12.37 AM तक शुभ.....रात्रि. 1.59 AM से 3.21 AM तक अमृत...रात्रि. 3.21 AM से 4.42 AM तक चंचल...रात्रि. 4.42 AM से 6.04 AM तक ________________________________ ✴️🌞✴️🌄✴️🌄✴️🌞✴️ _________________________________ (विशेष - ज्योतिष शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग जब भी साथ साथ आते हैं तो शुभ योग की स्वीकार्यता मानी गई है ) _________________________________ ✴️🌞✴️🌄✴️🌄✴️🌞✴️ _________________________________ 🔱🌄🔱🔱✴️🔱🔱🌄🔱 _________________________________ 🌞🕉️शुभ शिववास की तिथियां🕉️🌞 शुक्ल पक्ष-2-----5-----6---- 9-------12----13. कृष्ण पक्ष-1---4----5----8---11----12----30. _________________________________ ✴️🏵️🌄🏵️✴️🏵️🌄🏵️✴️ _______________ु__________________ दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण संदर्भ विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड नक्षत्रों (रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) में होता है तो सविधि नक्षत्र की शांति आवश्यक मानी गयी है जो सविधि होनी चाहिये आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण के समय समय के अनुसार राशिगत् नामाक्षरे.... ________________________________ समय - नक्षत्र नाम - नक्षत्र चरण - चरणाक्षर _________________________________ 07.00 AM तक.......आर्द्रा.....3.......ङ 12.27 PM तक.......आर्द्रा.....4.......छ 05.51 PM तक.....पुनर्वसु.....1..... .के 11.17 PM तक.....पुनर्वसु.....2...... को 04.43 AM तक.....पुनर्वसु.....3........ह ______राशि मिथुन - पाया रजत्________ _________________________________ उपरांत रात्रि तक.....पुनर्वसु.....4...... ही _______राशि कर्क - पाया रजत्________ _________________________________ ✴️आज की विशेष प्रस्तुति✴️ 💥धर्म ज्योतिष वास्तु एवं गोचर राशिफल 💥 🕉️✴️✴️🌞✴️✴️🕉️ ________________________________ आज सोम प्रदोष व्रत है सनातन मान्यताओं में धार्मिक महत्व पूजा प्रकार एवं पारण विधि सोम प्रदोष वह प्रदोष व्रत है जो सोमवार को पड़ता है। त्रयोदशी, अर्थात तेरहवीं तिथि, हर चंद्र मास में दो बार आती है, पर उनमें से कोई सोमवार को, चंद्रमा और भगवान शिव के दिन, कभी-कभी ही पड़ती है। यही संयोग इस दिन को नाम देता है और उसका महत्व बढ़ाता है। किसी मास में सोम प्रदोष आता है, तो अनेक मासों में नहीं। प्रदोष व्रत भगवान शिव के लिए रखा जाने वाला उपवास है, जो प्रातः नहीं बल्कि संध्या के समय, त्रयोदशी को सूर्यास्त के आस-पास खुलने वाले छोटे प्रदोष काल में किया जाता है। सोमवार पहले से ही शिव का अपना वार है, इसलिए सोम प्रदोष दिन को देव से इस प्रकार जोड़ता है जैसा किसी अन्य वार का प्रदोष नहीं करता; यही कारण है कि परंपरा इसे सबसे शुभ मानती है, और इसे सर्वोपरि मन की शांति तथा गृह-सुख के लिए रखा जाता है। हर त्रयोदशी, शुक्ल और कृष्ण पक्ष की तेरहवीं तिथि, के साथ संध्या के समय पूजा का एक छोटा-सा काल जुड़ा रहता है, वह घड़ी जब दिन पूरी तरह ढला नहीं होता और रात पूरी तरह उतरी नहीं होती। यही प्रदोष काल है, सूर्यास्त के आस-पास का लगभग डेढ़ घंटे का समय, और परंपरा में यह भगवान शिव का काल माना जाता है। इसका कारण एक प्राचीन कथा बताती है। जब देवताओं और असुरों ने समुद्र मंथन किया, तब सबसे पहले अमृत नहीं, बल्कि हलाहल निकला, इतना भयंकर विष कि समस्त सृष्टि का अंत कर दे। उसे भगवान शिव ने ग्रहण किया और अपने कंठ में धारण कर लिया, जिससे उनका कंठ नीला पड़ गया; इसी से वे नीलकंठ कहलाए। शिव को इस प्रकार संसार का संकट अपने ऊपर लेते देख, देवताओं ने त्रयोदशी की संध्या में एकत्र होकर उनकी स्तुति और पूजा की। एक अन्य कथा में कहा जाता है कि इसी संध्या-वेला में शिव नंदी के सींगों के बीच तांडव करते हैं, और समस्त देवगण उसे देखने पास आते हैं। परिवार चाहे कोई भी कथा माने, भाव एक ही रहता है: प्रदोष काल शिव की घड़ी है और त्रयोदशी उनकी तिथि। प्रदोष व्रत बस उसी घड़ी का सम्मान करने वाला उपवास है, जो दिन भर रखा जाता है और सूर्य के ढलते ही शिव पूजा के साथ पूर्ण होता है। सोम प्रदोष व्रत — एक दृष्टि में 2026 में तिथि सोमवार, 10 अगस्त 2026 तिथि त्रयोदशी (तेरहवीं तिथि) देव - भगवान शिव वार - सोमवार · चंद्र अनुष्ठान - प्रदोष काल में शिव पूजा तिथि व प्रदोष काल इस वर्ष सोम प्रदोष व्रत सोमवार, 10 अगस्त 2026 को है; प्रदोष काल की पूजा 10 अगस्त 2026, 07:05 PM से 10 अगस्त 2026, 09:29 PM तक की जाती है। प्रदोष काल आरंभ 10 अगस्त 2026, 07:05 PM प्रदोष काल समाप्त 10 अगस्त 2026, 09:29 PM आगामी तिथियाँ दिन 10 अगस्त 2026 सोमवार 17 मई 2027 सोमवार 13 सितंबर 2027 सोमवार समय नई दिल्ली के लिए दिया गया है अन्य शहरों के लिए प्रदोष व्रत कैलेंडर में अपना शहर चुनाव करें । प्रदोष व्रत अपना पूरा नाम उस वार से पाता है जिस दिन त्रयोदशी पड़ती है। शनिवार को पड़े तो शनि प्रदोष, गुरुवार को पड़े तो गुरु प्रदोष। जब त्रयोदशी सोमवार को पड़ती है, तब यह सोम प्रदोष कहलाता है। सोमवार चंद्रमा का वार है, और 'सोम' चंद्रमा का ही एक प्राचीन नाम है, इसलिए दोनों नाम एक ही ओर संकेत करते हैं। सोम प्रदोष को जो बात विशेष बनाती है, वह यह है कि सोमवार पहले से ही भगवान शिव का दिन है। शेष हर वार पर प्रदोष की पूजा शिव को किसी अन्य ग्रह के स्वामित्व वाले दिन में लाती है; किंतु सोमवार को दिन और देव एक हो जाते हैं। प्रदोष काल की शिव पूजा और सोमवार के शिव, दोनों मिल जाते हैं, और परंपरा में इसे सातों वारों के प्रदोषों में सबसे शुभ माना जाता है। इस दिन का स्वभाव चंद्रमा से तय होता है। चंद्रमा मन और भावनाओं का कारक है, इसलिए सोम प्रदोष सबसे अधिक मन की शांति के लिए, बेचैनी और चिंता से राहत के लिए, तथा वैवाहिक व पारिवारिक सुख के लिए रखा जाता है। अनेक भक्त इसे किसी बहुप्रतीक्षित मनोकामना की पूर्ति के लिए भी रखते हैं। सोमवार की त्रयोदशी कुछ ही महीनों में आती है, हर महीने नहीं, इसलिए सोम प्रदोष का कोई निश्चित स्थान पंचांग में नहीं होता। सोम प्रदोष कैसे रखा जाता है दिन भर का व्रत, प्रदोष काल का अभिषेक, और व्रत का पारण दिन का आरंभ सूर्योदय से पहले स्नान और संकल्प से होता है, अर्थात व्रत रखने का शांत निश्चय। इसके बाद उपवास दिन भर चलता है; कठोर रूप में यह निर्जल होता है, अन्न-जल के बिना, यद्यपि अनेक लोग अपनी शक्ति और स्वास्थ्य के अनुसार फल और दूध का हल्का फलाहार व्रत रखते हैं। पूजा तो प्रदोष काल में ही होती है। जैसे-जैसे सूर्य ढलने को आता है, भक्त पुनः स्नान करता है, पूजा-स्थल को स्वच्छ करता है, और शिव का अभिषेक करता है, पहले जल, फिर दूध, शहद, दही और पुनः जल, इसके बाद बिल्व (बेल) पत्र, श्वेत पुष्प, धतूरा, चंदन और अक्षत अर्पित किए जाते हैं, तथा शिवलिंग के सम्मुख घी का दीप और धूप जलाए जाते हैं। 'ॐ नमः शिवाय' का जप किया जाता है, और जहाँ ज्ञात हो वहाँ महामृत्युंजय मंत्र का; प्रदोष व्रत की कथा पढ़ी या सुनी जाती है, और अंत में आरती होती है। प्रदोष काल बीत जाने पर, पूजा के बाद व्रत का पारण किया जाता है। विधि और अर्पण के विषय में यहाँ बताई गई व्रत विधि, अभिषेक और मंत्र प्रचलित परंपरा पर आधारित हैं और परिवार, क्षेत्र तथा संप्रदाय के अनुसार भिन्न होते हैं। ये आध्यात्मिक व शैक्षिक समझ के लिए साझा किए गए हैं; इनका फल श्रद्धा का विषय है, कोई निश्चित परिणाम नहीं। तन या मन के वास्तविक कष्ट में कृपया योग्य पेशेवर सहायता भी लें। इसे कौन रखता है, और इससे क्या मिलता है मन की शांति, घर में सामंजस्य, और एक मनोकामना सोम प्रदोष एक ही कारण के भक्त नहीं रखते। जो शांति चाहते हैं, कोई भी जो चिंता, बेचैनी या अशांत मन से दबा हो, वे इसकी ओर मुड़ते हैं, क्योंकि जिस चंद्रमा का यह दिन है, उसे भावनाओं का कारक माना जाता है। विवाहित दंपती और परिवार इसे सुख और वैवाहिक कल्याण के लिए रखते हैं। शिव के भक्त इसे इसलिए रखते हैं कि सोमवार और त्रयोदशी, दोनों ही उनके हैं। और अनेक लोग इसे किसी एक मनोकामना को हृदय में लिए रखते हैं, इस विश्वास के साथ कि दिन का यह योग उसे आगे बढ़ाएगा। कोई कितना करे, यह सामर्थ्य का विषय है, बाध्यता का नहीं। जहाँ पूर्ण निर्जल व्रत संभव न हो, वहाँ हल्का उपवास, एक स्नान, घी का एक दीप, कुछ बिल्व पत्र और प्रदोष काल में की गई एक सच्ची प्रार्थना पर्याप्त है। परंपरा इस व्रत को श्रद्धापूर्वक किया गया अर्पण मानती है, और केवल सच्चाई माँगती है, कठोरता नहीं। ________________________________ ✴️ 🕉️आज का राशिफल🕉️ ✴️ _________________________________ मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ) आपके हँसी-मज़ाक़ का लहज़ा किसी दूसरे को आपकी तरह इस क्षमता को विकसित करने के लिए प्रेरित कर सकता है। आपसे उसे यह सबक़ मिलेगा कि ज़िंदगी की ख़ुशी बाहरी चीज़ों में नहीं, बल्कि ख़ुद के ही भीतर है। वैसे तो अपना पैसा दूसरे को देना किसी को पसंद नहीं आता लेकिन आज आप किसी जरुरतमंद को पैसा देकर सुकून का अनुभव करेंगे। बढ़िया दिन है जब आप सबके ध्यान को अपनी तरफ़ खींचेंगे- आपके सामने चुनने के लिए कई चीज़ें होंगी और आपके सामने समस्या यह होगी कि किसे पहले चुना जाए। आपके बॉस किसी भी बहाने में दिलचस्पी नहीं लेंगे, इसलिए निगाहों में बने रहने के लिए अपना काम अच्छी तरह से करें। आज अपने साथी के साथ वक्त बिता पाएंगे और उनके सामने अपने जज्बातों को रख पाएंगे। वैवाहिक जीवन को अधिक सुखमय बनाने के आपके प्रयास उम्मीद से ज़्यादा रंग लाएंगे। वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो) आज सेहत बढ़िया रहेगी। अपने अतिरिक्त धन को सुरक्षित जगह पर रखिए, जो आने वाले वक़्त में आप फिर पा सकें। अपने बर्ताव में उदार बनें और परिवार के साथ प्यार भरे लम्हे गुज़ारें। जो नए संपर्क आप आज बनाएंगे, वे आपके करिअर को एक नयी तेज़ी देंगे। अपनी ख़ासियत और भविष्य की योजनाओं पर फिर से सोचने का समय। आज चाहे दुनिया इधर-की-उधर ही क्यों न हो जाए, आप अपने जीवनसाथी से दूर नहीं हो सकेंगे। मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह) आज अपने मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें, जो आध्यात्मिक जीवन के लिए आवश्यक है। मस्तिष्क जीवन का द्वार है, क्योंकि अच्छा-बुरा सब-कुछ इसी के माध्यम से आता है। यही ज़िंदगी की समस्याएँ दूर करने में सहायक सिद्ध होता है और सही सोच से इंसान को आलोकित करता है। अपने जीवनसाथी केे साथ धन से जुड़े किसी मामले को लेकर आज आपका झगड़ा हो सकता है। हालांकि अपने शांत स्वभाव से आप सबकुछ ठीक कर देंगे। आपको परिवार के सदस्यों के साथ थोड़ी दिक़्क़त होगी, लेकिन इस वजह से अपनी मानसिक शान्ति भंग न होने दें। मशहूर लोगों से मेलजोल आपको नई योजनाएँ और आइडिया सुझाएगा। हितकारी ग्रह कई ऐसे कारण पैदा करेंगे, जिनकी वजह से आज आप ख़ुशी महसूस करेंगे। आपका जीवनसाथी आपकी ज़रूरतों को अनदेखा कर सकता है, जिसके चलते आप चिड़चिड़े हो सकते हैं। कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो आज ख़याली पुलाव पकाने में वक़्त ज़ाया न करें। सार्थक कामों में लगाने के लिए अपनी ऊर्जा बचाकर रखें। बिना किसी की सलाह लिये बिना आज आपको पैसा कहीं भी इनवेस्ट नहीं करना चाहिए। आपको परिवार के सदस्यों और दोस्तों के साथ बिताने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। याद रखिए कि आँखें कभी झूठ नहीं बोलतीं। आज आपका मन ऑफिस के काम में नहीं लगेगा। आज आपके मन में कोई दुविधा होगी जो आपको एकाग्र नहीं होने देगी। आपके हँसने-हँसाने का अन्दाज़ आपकी सबसे बड़ी पूंजी साबित होगा। विवादों की एक लम्बी कड़ी आपके रिश्तों को कमजोर कर सकती है अत: इसे हल्के में लेना ठीक नहीं होगा। सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे) आज आप खेल-कूद में हिस्सा ले सकते हैं, जो आपको तन्दुरुस्त बनाए रखेगा। बीते दिनों में जितना धन आपने आज को बेहतर बनाने के लिए इनवेस्ट किया था उसका फायदा आज आपको फायदा मिल सकता है। आप दोस्तों के साथ बेहतरीन वक़्त बिताएंगे, लेकिन गाड़ी चलाते वक़्त ज़्यादा सावधानी बरतें। किसी से आँखें चार होने की काफ़ी संभावना है। काम की अधिकता के बावजूद भी आज कार्यक्षेत्र में आपमें ऊर्जा देखी जा सकती है। आज आप दिये गये काम को तय वक्त से पहले ही पूरा कर सकते हैं। वक्त की नजाकत को समझते हुए आज आप सब लोगों से दूरी बनाकर एकांत में वक्त बिताना पसंद करेंगे। ऐसा करना आपके लिए हितकर भी होगा। जीवनसाथी से आपको अपने दिल की सारी बातें करने का भरपूर समय मिलेगा। कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो) आज आपके पास अपनी सेहत और रूप-रंग को सुधारने के लिए पर्याप्त समय होगा। अगर आप लोन लेने वाले थे और काफी दिनों से इस काम में लगे थे तो आज के दिन आपको लोन मिल सकता है। अपने स्वभाव को अस्थिर न होने दें- ख़ासतौर पर अपनी पत्नी/पति के साथ- नहीं तो यह घर की शांति पर असर डाल सकता है। रोमांस आपके दिल-दिमाग़ पर छाया रहेगा, क्योंकि आज आपकी मुलाक़ात अपने प्रिय से होगी। जो लोग विदेश व्यापार से जुड़े हैं उन्हें आज मनमाफिक फल मिलने की पूरी उम्मीद है। इसके साथ ही नौकरी पेशा से जुड़े इस राशि के जातक आज अपनी प्रतिभा का पूर्ण उपयोग कार्यक्षेत्र में कर सकते हैं। वक्त के साथ चलना आपके लिए अच्छा है लेकिन साथ ही आपको यह समझना भी जरुरी है कि जब कभी आपके पास खाली समय हो अपने करीबियों के साथ वक्त बिताएं। आज आप अपने जीवनसाथी के साथ कुछ बेहतरीन पल गुज़ार सकेंगे। तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते) आज खाने-पीने की ऐसी चीज़ों से बचने की कोशिश करें, जिनमें कॉलेस्ट्रॉल की ज़्यादा मात्रा है। आर्थिक रुप से आज आप काफी मजबूत नजर आएंगे, ग्रह नक्षत्रों की चाल से आज आपके लिए धन कमाने के कई मौके बनेंगे. ऐसे मुद्दों पर बात करने से बचें, जिनको लेकर प्रियजनों से वाद-विवाद होने की संभावना है। कोई पौधा लगाएँ। काम को मनोरंजन के साथ न मिलाएँ। टैक्स और बीमे से जुड़े विषयों पर ग़ौर करने की ज़रूरत है। जीवनसाथी का आत्मकेन्द्रित व्यवहार आपको नागवार गुज़रेगा। वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू) आज आप ऊर्जा से भरे होंगे- आप जो भी करेंगे उसे आप उससे आधे वक़्त में ही कर देंगे, जितना वक़्त आप अक्सर लेते हैं। अगर आप लोन लेने वाले थे और काफी दिनों से इस काम में लगे थे तो आज के दिन आपको लोन मिल सकता है। परिवार के सदस्यों का आपके जीवन में विशेष महत्व होगा। आपको अपनी ओर से सबसे अच्छा बर्ताव करने की ज़रूरत है, क्योंकि आपके प्रिय का मूड बहुत अनिश्चित होगा। नए विचार फ़ायदेमंद साबित होंगे। यात्रा करना फ़ायदेमंद लेकिन महंगा साबित होगा। अपने जीवनसाथी के किसी छोटी बात को लेकर बोेले गए झूठ से आप आहत महसूस कर सकते हैं। धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे) आज के दिन आराम करना ज़रूरी साबित होगा, क्योंकि आप हाल के दिनों में भारी मानसिक दबाव से गुज़रे हैं। नयी गतिविधियाँ और मनोरंजन आपके लिए विश्राम करने में सहायक सिद्ध होंगे। जिन लोगों ने किसी से उधार लिया है उन्हें आज किसी भी हालत में उधार चुकाना पड़ सकता है जिससे आर्थिक स्थिति थोड़ी कमजोर हो जाएगी। जब निवेश करने का सवाल आपके सामने हो, तो स्वतन्त्र बनें और अपने फ़ैसले ख़ुद लें। विवादित मुद्दों को उठाने से बचें, अगर आप आज ‘डेट’ पर जा रहे हैं तो। कार्यक्षेत्र की बात करें तो आपकी टीम का सबसे ज़्यादा खीझने वाला व्यक्ति काफ़ी समझदारी की बातें करता नज़र आ सकता है। आज जीवन के कई अहम मुद्दों पर आप घरवालों के साथ बैठकर बात कर सकते हैं। आपकी बातें घरवालों को परेशान कर सकती हैं लेकिन इन बातों का हल अवश्य निकलेगा। संभव है कि शुरुआत में जीवनसाथी की ओर से आपको कम ध्यान मिले; लेकिन दिन के अन्त तक आपको महसूस होगा कि वह आपके लिए ही कुछ-कुछ करने में व्यस्त था। मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी) पीने की आदत को अलविदा कहने के लिए बहुत ही अच्छा दिन है। आपको समझना चाहिए कि शराब सेहत की सबसे बड़ी दुश्मन है और यह आपकी क्षमताओं पर भी कुठाराघात करती है। निवेश करना कई बार आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित होता है आज आपको यह बात समझ में आ सकती है क्योंकि किसी पुराने निवेश से आज आपको मुनाफा हो सकता है। परिवार के सदस्य कई चीज़ों की मांग कर सकते हैं। प्रेम का आह्लाद महसूस करने के लिए आप किसी नए व्यक्ति से मिल सकते हैं। अपने काम और प्राथमिकताओं पर ध्यान एकाग्र करें। आपका व्यक्तित्व ऐसा है कि ज्यादा लोगों से मिलकर आप परेशान हो जाते हैं और फिर अपने लिए वक्त निकालने की कोशिश करने लग जाते हैं। इस लिहाज से आज का दिन आपके लिए बहुत अच्छा रहने वाला है। आज आपको अपने लिए पर्याप्त समय मिलेगा। अपने साथी पर किया गया संदेह एक बड़ी लड़ाई का रूप ले सकता है। कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द) आज आपकी सेहत पूरी तरह अच्छी रहेगी। आपकी मनोकामनाएं दुआओं के ज़रिए पूरी होंगी और सौभाग्य आपकी तरफ़ आएगा- और साथ ही पिछले दिन की मेहनत भी रंग लाएगी। अपने जीवनसाथी का बोझ दूर करने के लिए घरेलू कामकाज में हाथ बटाएँ। इससे आपको साथ में काम करने का आनंद मिलेगा और जुड़ाव महसूस होगा। पैसे बनाने के उन नए विचारों का उपयोग करें, जो आज आपके ज़ेहन में आएँ। जीवनसंगी के साथ वक्त बिताने के लिए आज आप ऑफिस से जल्दी निकल सकते हैं लेकिन रास्ते में अत्यधिक जाम की वजह से आप ऐसा करने में समर्थ नहीं हो पाएंगे। आपको महसूस होगा कि आपका जीवनसाथी इससे बेहतर पहले कभी नहीं हुआ। मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची) आज बाहर घूमना-फिरना, पार्टी और मौज-मस्ती आपको अच्छे मूड में रखेंगे। ज़रूरत से ज़्यादा ख़र्च करने और चालाकी-भरी आर्थिक योजनाओं से बचें। कोई चिट्ठी या ई-मेल पूरे परिवार के लिए अच्छी ख़बर लाएगी। आज अपने ख़ूबसूरत कामों को दिखाने के लिए आपका प्रेम पूरी तरह खिलेगा। अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल पेशेवर मामलों को सहजता से सुलझाने में करें। आपका चुम्बकीय और ज़िन्दादिल व्यक्तित्व आपको सबके आकर्षण का केन्द्र बना देगा। यह दिन शादीशुदा ज़िन्दगी के सबसे ख़ास दिनों में से एक रहेगा। ______________________________ 🌄💥✴️💥🕉️💥✴️💥🌄 ___________________________________ अस्वीकरण(Disclaimer)दैनिक पंचांग,धर्म, ज्योतिष,वास्तु आदि विषयों पर यहाँ प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं,जो पूर्ण रूप से दायित्व, मुक्त है,अतः संबंधित कोई भी प्रयोग अपने स्वविवेक के साथ करें या किसी संबद्ध विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लेवें। ________________________________ 🌄✴️✴️✴️🕉️✴️✴️✴️🌄 ✴️संकलन एवं प्रस्तुत कर्त्ता✴️ ☀️पं.रामपाल भट्ट-ज्योतिष एवं वास्तुविद्☀️ श्री ज्योतिष समाधान सेवा भीलवाड़ा (राज) ✴️🏵️🌄🏵️✴️🏵️🌄🏵️✴️ _____________________________
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