𝓑𝓱𝓪𝓴𝓽𝓪𝓻𝓪𝓶 🥀🌿
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बताओ दोस्तो यह सच है कि नहीं __??👇
आज के इस दौर में चोट जिस्म पर कम और रूह/दिल पर ज़्यादा लगने लगी है। इसलिए आज का इंसान अक्सर बाहर से बहुत हेल्दी और फिट होते हुए भी अंदर से टूटा हुआ महसूस करता है।
किसी को दर्द में तड़पता हुआ देखकर वहां से चुपचाप गुज़र जाने को मेरा दिल गंवारा नहीं करता।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में और मतलबपरस्त समाज में लोग चेहरों पर मुस्कान ओढ़कर चलते हैं, इसलिए उनके अंदर का अकेलापन और दर्द आसानी से सर्वसाधारण इंसान समझ नहीं पाता। आज के इस दौर में अनकही बातों को समझने और उस पर सही मरहम लगाने वालों की बहुत ज़रूरत है। अनकही बातों को समझना भी एक तरह का हुनर है।
#☀️गुड मॉर्निंग☀️
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