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- KRISHNAUK01#khatu shyam #🙏कर्म क्या है❓ #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🌞गुड मॉर्निंग☕🌞 #💓 मोहब्बत दिल से121121
- ⏤͟͟͞͞🐼៎꯭꯭꯭༎꯭𝆺꯭꯭𝅥᪳🅰️꯭𝐁𝚮𝐀𝐘𝆺𝅥ᥫ᭡ ⍣⃝ ⃞⃪͠⃞⃬❥🇾 🇦 🇲 🇷 🇦 🇯#📸High Contrast Photography😎 #🤗जया किशोरी जी🕉️ #🙏कर्म क्या है❓ #❤️जीवन की सीख #🕉️सनातन धर्म🚩55107
- AniL kumar#🙏कर्म क्या है❓ #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏🏻गुरबानी #📿संतवाणी 🗣️ #🕉️सनातन धर्म🚩9462K
- 🚩🇮🇳 मोनाली शर्मा🥀#🚩प्रेमानंद जी महाराज🙏 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏कर्म क्या है❓ #🙏कर्म क्या है❓ #🙏 भक्ति #🚩🌹🙏🏻भक्ति भावना 🙏🏻🌹🚩514620
- 🙏❤️प्रेमानंद महाराज जी❤️🙏#gurudev parmanand ji maharaj 🙏🙏 #🙏कर्म क्या है❓ #🙏🏻गुरबानी #✍मेरे पसंदीदा लेखक #radha krishn918
- Sagar Patel#🙏कर्म क्या है❓ #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #☝ मेरे विचार913
- sn vyas🙏🙏🛐ॐ श्री परमात्मने नमः🛐🙏🙏 🙏कर्म का सिद्धांत पुस्तक से 🙏 #भाग_३५/२ गतांक से आगे तीनों मार्ग पर चलने वाले जीवो का भगवान के साथ व्यवहार अलग अलग होता है 💜💫💦🩸🍃🎈🌾🌻🌼🌞🔥 *उसका पति भी वृद्ध हो जाता है तब बूढा और बूढ़ी दोनों एक हो जाते हैं ,, वह कहती है कि " मैं और मेरा पति एक ही है "* *पहले कहती थी कि "मैं अपने पति की हूं " फिर कहने लगी "पति मेरा है " अब कहती है कि "मैं और पति एक है " उस समय अद्वैत हो जाता है , और तब यदि बेटा बूढ़े पिता से कोई कटु वचन कहे तो बूढ़ी मां का मुंह फूल जाता है ,, और यदि बहू बूढ़ी मां से कुछ कटु वचन कहती है , तो बूढ़े पिता का मुंह चढ जाता है ,, क्योंकि बूढ़ा और बूढ़ी दोनों एक हो गए हैं--- अद्वैत हो गए हैं ।* *इसी प्रकार कर्म मार्ग वाला जीव कहता है " मैं अपने भगवान का हूं " वह अपने सभी कर्म भी भगवान की आज्ञा अनुसार ही करता है । जब उसके प्रत्येक कर्म भक्ति में हो जाते हैं । तब वहीं जीव भक्ति मार्ग का अधिकारी बन जाता है । और तब कहता है कि "भगवान मेरे है " कर्म मार्ग में कहता था कि "मैं अपने भगवान का हूं " भक्ति मार्ग में कहता है कि " भगवान मेरे है"* *भगवान को अपने भक्त के कथन अनुसार ही कार्य करना पड़ता है । भक्त कहता है कि मेरा रथ हाको ,, तो भगवान को उसका रथ हाकना पड़ता है । उसके थके हुए घोड़ों को नहलाना पड़ता है । भक्त कहता है कि मेरी बेटी का भात बनाना है,, उसके लिए सामग्री ले आओ , तो भगवान को सामग्री भी लानी पड़ती है । भक्त हुंडी लिखाता है तो भगवान को वह स्वीकार करनी पड़ती है।* *कर्म मार्ग और भक्ति मार्ग में अंतर है । कर्म मार्गी कहता है कि " मैं अपने भगवान का हू " भक्ति मार्गी कहता है कि "भगवान मेरा है " । ज्ञान मार्ग मे भगवान और जीव एक हो जाते हैं । ज्ञानी कहता है "अहम ब्रह्मास्मि " अर्थात में ही ब्रह्म हूं । जीव भगवान अद्वैत (एकात्म )हो जाते हैं।* क्रमश: अब कल नया भाग पढेगे ✍🏽 #कर्म #कर्म ही पूजा है #श्रीमद्भागवत गीता के श्लोक ॐ #🙏श्रीमद्भागवत गीता📙 #🙏💐श्रीमद्भागवत गीता💐🙏 bhagwat geeta6739
- जननी जन्मभूमि भारतकर्मों का फल #❤️जीवन की सीख #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #🙏गीता ज्ञान🛕 #😇 चाणक्य नीति #🙏कर्म क्या है❓3461
- mahadev ki bhakt#🙏कर्म क्या है❓ #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🙏गीता ज्ञान🛕3722
- kashyap ji 🚩🙏🏻🚩#🙏कर्म क्या है❓ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️826