English
Wallet Install
Home
Explore
Wallet
Video
Profile
Trends
English
दिल की बात दिल तक - Author on ShareChat
💞💖दिल की बात दिल तक 💞💖🌹💑🌹
1K views • 20 days ago
#दिल की बात दिल तक
Sharechat श्री रामचरितमानस चौपाई @=ர जे न मित्र दुख होहिं दुखारी।  तिन्हहि बिलोकत पातक भारी।। निज दुख गिरि सम रज करि जाना।  मित्रक दुख रज मेरु समाना।।  जो मित्र के दुख से दुखी नहीं होता, उसे देखना भी पाप समान अपने बड़े से बड़े दुख को छोटा समझना चाहिए, कहा गया है। और मित्र के छोटे दुख को भी बहुत बड़ा मानकर उसके साथ खड़ा रहना चाहिए।
18 shares
Home
Explore
Wallet
Video