umesh
549 views • 4 hours ago
जगत्प्राण महादीप, कर्मसाक्षी सनातनम्।
प्रातःकाले समुद्भूतं, वन्दे नित्यं दिवाकरम्॥
अर्थ: जगत् के प्राण, महादीप, जीवों के कर्मों के साक्षी और सनातन, प्रातःकाल प्रकट होने वाले भगवान दिवाकर की मैं नित्य वंदना करता हूँ
#🌷शुभ रविवार #😇रविवार भक्ति स्पेशल🌟 #☀ जय सूर्यदेव #🙏प्रातः वंदन
11 shares