Rani
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#संतरामपालजी_Vs_महर्षिदयानंद दयानंद को नहीं था भगवान का ज्ञान दयानंद सरस्वती अपनी पुस्तक सत्यार्थ प्रकाश में लिखते हैं कि परमात्मा निराकार है। कहीं लिखते है कि स्तुति से परमात्मा का साक्षात्कार होता है। इससे पता चलता है यह अज्ञानी व्यक्ति थे। जबकि संत रामपाल जी महाराज द्वारा ऋग्वेद मण्डल 1 सूक्त 31 मंत्र 17, सूक्त 82 मंत्र 1-2, सूक्त 86 मंत्र 26-27, सूक्त 54 मंत्र 3 और यजुर्वेद अध्याय 1 मंत्र 15, अध्याय 5 मंत्र 1, अध्याय 7 मंत्र 39 आदि वेद मंत्रों का प्रमाण देते हुए बताया कि वेदों में परमात्मा साकार है, राजा के समान दर्शनीय है। Factful Debates YouTube Channel #sant ram pal ji maharaj
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